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राहुल से बोले अभिजीत बनर्जी- लोगों के हाथ में पैसे देने से पटरी पर आएगी अर्थव्यवस्था

Tue, 05 May 2020 10:27 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Tue, 05 May 2020 10:27 AM IST
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Rahul Gandhi talking with Nobel Laureate Abhijit Banerjee on economic fall out covid 19 crisis lockdown
राहुल गांधी-अभिजीत बनर्जी (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

कांग्रेस नेता और वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी से कोविड-19 की वजह से अर्थव्यवस्था को पहुंचे नुकसान को लेकर बात की। दोनों ने अर्थव्यवस्था की चुनौतियों, कोरोना संकट से निकलने को लेकर मंथन किया। बनर्जी ने सलाह दी कि लोगों को नकदी हस्तांतरित करने की जरूरत है और कर्ज माफी को लेकर बात की। देश की अर्थव्यवस्था को उबारने और सरकार को सुझाव देने के लिए राहुल विभिन्न विशेषज्ञों से बात कर रहे हैं। इसी कड़ी में पिछले हफ्ते उन्होंने रिजर्व बैक ऑफ इंडिया के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन से बात की थी।

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'न्याय' योजना की तर्ज पर लोगों को पैसे दिए जाएं
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बनर्जी ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत सरकार को अमेरिका एवं कुछ अन्य देशों की तरह बड़ा प्रोत्साहन पैकेज देना होगा ताकि लोगों के हाथ में पैसे जाएं और बाजार में मांग बढ़ सके। गांधी ने पूछा कि क्या 'न्याय' योजना की तर्ज पर लोगों को पैसे दिए जा सकते हैं तो उन्होंने कहा, निश्चित तौर पर। साथ ही उन्होंने यह कहा कि अगर हम निचले तबके की 60 फीसदी आबादी के हाथों में कुछ पैसे देते हैं तो इसमें कुछ गलत नहीं होगा। यह एक तरह का प्रोत्साहन होगा।

दरअसल, पिछले लोकसभा चुनाव के समय तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 25 मार्च को 'न्याय' का वादा किया था। इसके तहत देश के करीब पांच करोड़ गरीब परिवारों को सालाना 72 हजार रुपये देने का वादा किया गया था।


बैंकों की चुनौती से किस तरह से निपटें
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि आज नकदी की दिक्कत होगी, बैंकों के सामने कई तरह की चुनौती होगी और नौकरी बचाना मुश्किल होगा। जिसपर अभिजीत ने कहा कि यह सच होने वाला है। ऐसे में देश में आर्थिक पैकेज की दरकार है। अमेरिका-जापान जैसे देशों ने ऐसा किया है। हमारे यहां नहीं हुआ। छोटे उद्योगों की मदद करनी चाहिए। तिमाही का ऋण भुगतान खत्म कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन की वजह से कारोबार पूरी तरह से ठप है इसलिए आर्थिक मदद की ज्यादा जरूरत है।

राहुल के सवाल पर अभिजीत ने कहा कि भारत में अभी मांग की समस्या है क्योंकि किसी के पास पैसा नहीं है तो कोई कुछ खरीद ही नहीं रहा है। ऐसे में लोगों को आर्थिक मदद पहुंचाने में किसी तरह की देरी करना बेकार है। लॉकडाउन की वजह से कारोबार पूरी तरह से ठप है इसलिए आर्थिक मदद की ज्यादा जरूरत है।

लॉकडाउन से बाहर निकलने का क्या है तरीका
बातचीत के दौरान राहुल ने कहा कि जितनी जल्दी लॉकडाउन से बाहर आया जाए उतना अच्छा है लेकिन उसके बाद भी एक योजना होनी चाहिए। वरना सारा पैसा बेकार है। जिसपर बनर्जी ने कहा कि हमें महामारी के बारे में पता होना चाहिए। लॉकडाउन बढ़ाने से कुछ नहीं होगा। राहुल ने कहा कि आज देश में राशन कार्ड कम है लोगों के पास खाना नहीं है। जिसपर नोबेल विजेता ने कहा कि हमने पहले भी इसपर सलाह दी है। सरकार को अभी राशन कार्ड जारी करने चाहिए, जो कम से कम तीन महीने काम करें और हर किसी को मुफ्त में राशन मिल सके। हर किसी को इस समय चावल, दाल, गेहूं और चीनी की जरूरत है।  यदि किसी को पैसा पहुंचाना है तो उसके लिए एक वातावरण चाहिए। जिसके पास खाता है उसे पैसा मिल सकता है लेकिन जिसके पास खाता नहीं है उसके बारे में सोचना होगा। ऐसे में राज्य सरकारों को ज्यादा से ज्यादा मदद देनी होगी ताकि किसी तरह से आम लोगों तक पैसा पहुंच जाए। 

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