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Defamation Case: पुणे की अदालत से राहुल गांधी के वकील ने वापस ली याचिका, कांग्रेस नेता को बताया था जान का खतरा
Thu, 14 Aug 2025 01:27 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
Published by: बशु जैन
Updated Thu, 14 Aug 2025 01:27 PM IST
सार
विनायक सावरकर पर टिप्पणी के कारण पुणे में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला चल रहा है। इस मामले में राहुल गांधी को जान का खतरा बताते हुए उनके वकील ने याचिका दायर की थी। इस पर राहुल गांधी ने आपत्ति जताई थी।
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राहुल गांधी
- फोटो : Instagram/rahulgandhi
विस्तार
वीर सावरकर को लेकर की गई टिप्पणियों को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे आपराधिक मानहानि मामले में दायर याचिका उनके वकील ने वापस ले ली है। वकील ने याचिका में राहुल गांधी को जान का खतरा बताया था। वकील मिलिंद पवार ने कहा कि अदालत ने याचिका वापस लेने का निवेदन स्वीकार कर लिया है।
बता दें कि विनायक सावरकर पर टिप्पणी के कारण पुणे में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला चल रहा है। इसी मामले में पुणे की एक विशेष सांसद-विधायक अदालत ने बुधवार को राहुल गांधी के वकील की ओर से दायर एक याचिका को रिकॉर्ड में लिया। इस याचिका में राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर आशंका व्यक्त की गई थी।
याचिका दायर करने के कुछ घंटों बाद वकील ने कहा था कि यह याचिका राहुल गांधी की सहमति के बिना दायर की गई है और इसे वापस ले लिया जाएगा।गांधी ने इस याचिका को दाखिल करने पर कड़ी आपत्ति जताई थी और इसकी विषय-वस्तु से अपनी असहमति व्यक्त की थी।
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याचिका में यह कहा गया था
दायर याचिका में कहा गया था कि खासकर कथित 'वोट चोरी' का 'पर्दाफाश' करने के बाद सुरक्षा से जुड़ी आशंका और बढ़ गई है। वकील मिलिंद पवार ने अपनी याचिका में कहा है कि कैसे भाजपा नेता आरएन बिट्टू ने गांधी को 'आतंकवादी' कहा है। एक अन्य भाजपा नेता तरविंदर मारवाह ने भी खुली धमकी दी है। उन्होंने कहा है कि गांधी को 'अच्छा व्यवहार करना चाहिए अन्यथा उनका भी अपनी दादी जैसा ही हश्र होगा।'
इसके अलावा, पवार ने इस मामले में शिकायतकर्ता सत्याकि का सावरकर और गोडसे परिवारों से संबंधित होने की भी चर्चा की थी। राहुल गांधी के वकील ने कहा है कि वे अपने प्रभाव का दुरुपयोग कर सकते हैं। याचिका में कहा गया है, "शिकायतकर्ता के वंश से जुड़ी हिंसक और संविधान विरोधी प्रवृत्तियों और मौजूदा राजनीतिक माहौल को देखते हुए, यह स्पष्ट, उचित और पर्याप्त आशंका है कि गांधी को विनायक सावरकर की विचारधारा को मानने वाले व्यक्तियों की ओर से नुकसान पहुंचाया जा सकता है। याचिका में कहा गया है कि महात्मा गांधी की हत्या आवेग में की गई कार्रवाई नहीं थी, बल्कि यह एक साजिश का परिणाम था। यह एक एक विशिष्ट विचारधारा पर आधारित थी। इसकी परिणति एक निहत्थे व्यक्ति के खिलाफ जानबूझकर की गई हिंसा में हुई।
राहुल गांधी को मानहानि मामले में पहले ही मिल चुकी है जमानत
सत्यकी सावरकर ने गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। आरोप लगाया गया है कि मार्च 2023 में लंदन में दिए गए भाषण में कांग्रेस नेता ने दावा किया था कि वीडी सावरकर ने एक किताब में लिखा है कि उन्होंने और उनके पांच से छह दोस्तों ने एक बार एक मुस्लिम व्यक्ति की पिटाई की थी और उन्हें (सावरकर को) खुशी हुई थी। सत्यकी सावरकर ने कहा कि ऐसी कोई घटना कभी नहीं हुई और वीडी सावरकर ने कभी भी कहीं ऐसी कोई बात नहीं लिखी।पुणे की अदालत मानहानि मामले में राहुल गांधी को पहले ही जमानत दे चुकी है। मुकदमा अभी शुरू होना बाकी है।
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बता दें कि विनायक सावरकर पर टिप्पणी के कारण पुणे में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला चल रहा है। इसी मामले में पुणे की एक विशेष सांसद-विधायक अदालत ने बुधवार को राहुल गांधी के वकील की ओर से दायर एक याचिका को रिकॉर्ड में लिया। इस याचिका में राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर आशंका व्यक्त की गई थी।
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याचिका दायर करने के कुछ घंटों बाद वकील ने कहा था कि यह याचिका राहुल गांधी की सहमति के बिना दायर की गई है और इसे वापस ले लिया जाएगा।गांधी ने इस याचिका को दाखिल करने पर कड़ी आपत्ति जताई थी और इसकी विषय-वस्तु से अपनी असहमति व्यक्त की थी।
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याचिका में यह कहा गया था
दायर याचिका में कहा गया था कि खासकर कथित 'वोट चोरी' का 'पर्दाफाश' करने के बाद सुरक्षा से जुड़ी आशंका और बढ़ गई है। वकील मिलिंद पवार ने अपनी याचिका में कहा है कि कैसे भाजपा नेता आरएन बिट्टू ने गांधी को 'आतंकवादी' कहा है। एक अन्य भाजपा नेता तरविंदर मारवाह ने भी खुली धमकी दी है। उन्होंने कहा है कि गांधी को 'अच्छा व्यवहार करना चाहिए अन्यथा उनका भी अपनी दादी जैसा ही हश्र होगा।'
इसके अलावा, पवार ने इस मामले में शिकायतकर्ता सत्याकि का सावरकर और गोडसे परिवारों से संबंधित होने की भी चर्चा की थी। राहुल गांधी के वकील ने कहा है कि वे अपने प्रभाव का दुरुपयोग कर सकते हैं। याचिका में कहा गया है, "शिकायतकर्ता के वंश से जुड़ी हिंसक और संविधान विरोधी प्रवृत्तियों और मौजूदा राजनीतिक माहौल को देखते हुए, यह स्पष्ट, उचित और पर्याप्त आशंका है कि गांधी को विनायक सावरकर की विचारधारा को मानने वाले व्यक्तियों की ओर से नुकसान पहुंचाया जा सकता है। याचिका में कहा गया है कि महात्मा गांधी की हत्या आवेग में की गई कार्रवाई नहीं थी, बल्कि यह एक साजिश का परिणाम था। यह एक एक विशिष्ट विचारधारा पर आधारित थी। इसकी परिणति एक निहत्थे व्यक्ति के खिलाफ जानबूझकर की गई हिंसा में हुई।
राहुल गांधी को मानहानि मामले में पहले ही मिल चुकी है जमानत
सत्यकी सावरकर ने गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। आरोप लगाया गया है कि मार्च 2023 में लंदन में दिए गए भाषण में कांग्रेस नेता ने दावा किया था कि वीडी सावरकर ने एक किताब में लिखा है कि उन्होंने और उनके पांच से छह दोस्तों ने एक बार एक मुस्लिम व्यक्ति की पिटाई की थी और उन्हें (सावरकर को) खुशी हुई थी। सत्यकी सावरकर ने कहा कि ऐसी कोई घटना कभी नहीं हुई और वीडी सावरकर ने कभी भी कहीं ऐसी कोई बात नहीं लिखी।पुणे की अदालत मानहानि मामले में राहुल गांधी को पहले ही जमानत दे चुकी है। मुकदमा अभी शुरू होना बाकी है।
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