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Rahul Gandhi: राहुल गांधी ने विदेश नीति-चीन को लेकर कही ऐसी बात, भड़का सत्ता पक्ष, नेता विपक्ष से मांगे सबूत
Mon, 03 Feb 2025 03:49 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 03 Feb 2025 03:49 PM IST
सार
संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि 'नेता विपक्ष बिना किसी तथ्यों और सबूतों के ऐसे गंभीर आरोप न लगाएं। ये दो देशों के बीच के संबंधों का मामला है। ऐसे में आधारहीन आरोप नहीं लगाए जाने चाहिए।'
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राहुल गांधी
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में चर्चा के दौरान नेता विपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने कुछ ऐसी बातें कही, जिन पर सदन में हंगामा हुआ और सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई। दरअसल राहुल गांधी ने कहा कि चीन भविष्य की तकनीक पर तेजी से काम कर रहा है, लेकिन भारत उसमें बहुत पीछे है। राहुल गांधी ने चीन के सीमा पर आक्रामक रुख और भारतीय विदेश नीति को लेकर सरकार की तीखी आलोचना की।
विदेश नीति पर राहुल गांधी के बयान पर हंगामा
राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में चर्चा के दौरान कहा कि 'चीन आज एआई, बैट्री, इलेक्ट्रिक कार, ऑप्टिक्स के क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन हम इसमें पीछे हैं। राष्ट्रपति के अभिभाषण में इस मुद्दे पर बात होनी चाहिए थी। साथ ही हमारे बैंकिंग सेक्टर पर दो या तीन बड़ी कंपनियों का ही प्रभाव नहीं होना चाहिए और छोटी और मध्यम वर्ग की कंपनियों को भी बैंकिंग सेक्टर तक आसान पहुंच होनी चाहिए। अगर ऐसा होता तो हमारे विदेश मंत्री को तीन-चार बार अमेरिका जाकर ये नहीं कहना पड़ता कि हमारे प्रधानमंत्री को आमंत्रित करें।' राहुल गांधी ने कहा कि 'अगर हमने इन क्षेत्रों में काम किया होता तो अमेरिका खुद हमारे प्रधानमंत्री को आमंत्रित करता।'
राहुल गांधी के इस बयान पर सत्ता पक्ष ने आपत्ति जताई। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि 'नेता विपक्ष बिना किसी तथ्यों और सबूतों के ऐसे गंभीर आरोप न लगाएं। ये दो देशों के बीच के संबंधों का मामला है। ऐसे में आधारहीन आरोप नहीं लगाए जाने चाहिए।' अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते दिनों अपने शपथ ग्रहण समारोह में चीन के राष्ट्रपति को आमंत्रित किया था, लेकिन भारत से विदेश मंत्री एस जयशंकर, ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। राहुल गांधी के बयान को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है।
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चीनी घुसपैठ के मुद्दे पर बयानों में अंतर
राहुल गांधी ने चीन के सीमा पर आक्रामक रुख को लेकर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि 'चीन की सीमा पर आक्रामकता को लेकर सैन्य अधिकारियों के बयानों में अंतर है। चीन ने हमारी सीमा में घुसपैठ की है, इस बात से प्रधानमंत्री इनकार कर रहे हैं, लेकिन सेना ने पीएम के बयान से असहमति जताई है।' इस पर भी सत्तापक्ष ने आपत्ति जताई और दावा किया कि नेता विपक्ष बिना तथ्यों के आधारहीन बात कर रहे हैं। लोकसभा अध्यक्ष ने भी राहुल गांधी से उनके बयान के पक्ष में सबूत देने की मांग की।
राहुल गांधी ने कहा कि 'आज लड़ाई औद्योगिक स्तर पर लड़ी जा रही है और चीन इस मामले में हमसे आगे है और इसी ताकत के दम पर भारत पर दबाव बना रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि अगर हम चीन से लड़ाई लड़ते हैं तो हमें चीन की बैट्री, इलेक्ट्रिक मोटर्स, चाइनीज ऑप्टिक्स से भी लड़ाई लड़नी पड़ेगी। ये हमारे देश के भविष्य के लिए जरूरी है कि हमें भी इस दिशा में तेजी से कदम उठाने होंगे।'
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विदेश नीति पर राहुल गांधी के बयान पर हंगामा
राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में चर्चा के दौरान कहा कि 'चीन आज एआई, बैट्री, इलेक्ट्रिक कार, ऑप्टिक्स के क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन हम इसमें पीछे हैं। राष्ट्रपति के अभिभाषण में इस मुद्दे पर बात होनी चाहिए थी। साथ ही हमारे बैंकिंग सेक्टर पर दो या तीन बड़ी कंपनियों का ही प्रभाव नहीं होना चाहिए और छोटी और मध्यम वर्ग की कंपनियों को भी बैंकिंग सेक्टर तक आसान पहुंच होनी चाहिए। अगर ऐसा होता तो हमारे विदेश मंत्री को तीन-चार बार अमेरिका जाकर ये नहीं कहना पड़ता कि हमारे प्रधानमंत्री को आमंत्रित करें।' राहुल गांधी ने कहा कि 'अगर हमने इन क्षेत्रों में काम किया होता तो अमेरिका खुद हमारे प्रधानमंत्री को आमंत्रित करता।'
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राहुल गांधी के इस बयान पर सत्ता पक्ष ने आपत्ति जताई। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि 'नेता विपक्ष बिना किसी तथ्यों और सबूतों के ऐसे गंभीर आरोप न लगाएं। ये दो देशों के बीच के संबंधों का मामला है। ऐसे में आधारहीन आरोप नहीं लगाए जाने चाहिए।' अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते दिनों अपने शपथ ग्रहण समारोह में चीन के राष्ट्रपति को आमंत्रित किया था, लेकिन भारत से विदेश मंत्री एस जयशंकर, ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। राहुल गांधी के बयान को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है।
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चीनी घुसपैठ के मुद्दे पर बयानों में अंतर
राहुल गांधी ने चीन के सीमा पर आक्रामक रुख को लेकर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि 'चीन की सीमा पर आक्रामकता को लेकर सैन्य अधिकारियों के बयानों में अंतर है। चीन ने हमारी सीमा में घुसपैठ की है, इस बात से प्रधानमंत्री इनकार कर रहे हैं, लेकिन सेना ने पीएम के बयान से असहमति जताई है।' इस पर भी सत्तापक्ष ने आपत्ति जताई और दावा किया कि नेता विपक्ष बिना तथ्यों के आधारहीन बात कर रहे हैं। लोकसभा अध्यक्ष ने भी राहुल गांधी से उनके बयान के पक्ष में सबूत देने की मांग की।
राहुल गांधी ने कहा कि 'आज लड़ाई औद्योगिक स्तर पर लड़ी जा रही है और चीन इस मामले में हमसे आगे है और इसी ताकत के दम पर भारत पर दबाव बना रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि अगर हम चीन से लड़ाई लड़ते हैं तो हमें चीन की बैट्री, इलेक्ट्रिक मोटर्स, चाइनीज ऑप्टिक्स से भी लड़ाई लड़नी पड़ेगी। ये हमारे देश के भविष्य के लिए जरूरी है कि हमें भी इस दिशा में तेजी से कदम उठाने होंगे।'