#MeToo पर बोले राहुल गांधी : बदलाव लाने के लिए ऊंची आवाज में सच बोलना होगा
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देशभर में मी टू अभियान जोर पकड़ रहा है। इस अभियान के मद्देनजर कई बड़ी शख्सियतों पर यौन शोषण के आरोप लग रहे हैं। रोजाना किसी बड़े नाम के खिलाफ महिलाएं सामने आ रही हैं और अपनी दास्तां बयान कर रही है। भाजपा में विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर पर भी कई महिलाओं ने यौन शोषण का आरोप लगाया है। बुधवार को राहुल गांधी ने प्रेस कांफ्रेस करके सरकार को घेरा था।
इसी बीच एक पत्रकार ने उनसे मी टू अभियान के तहत एमजे अकबर पर लगे आरोपों पर प्रतिक्रिया मांगी थी। जिसपर राहुल ने उस समय कोई भी जवाब नहीं दिया था। लेकिन अब उन्होंने एक ट्वीट करके मी टू के तहत सामने आने वाली महिलाओं की सराहना की है। उन्होंने कहा है कि परिवर्तन लाने के लिए सच्चाई को जोरदार और स्पष्ट तौर पर बताया जाना चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 'मी टू' अभियान का समर्थन करते हुए शुक्रवार को कहा कि बदलाव लाने के लिए सच को ऊंची आवाज में बोलना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह समय है कि सभी लोग महिलाओं के साथ सम्मान से पेश आएं।
राहुल गांधी ने लिखा, 'समय आ गया है कि सभी को यह सीखना चाहिए कि किस तरह से महिलाओं का सम्मान करना चाहिए और उनकी गरिमा को बनाए रखना चाहिए। मुझे खुशी है कि वह समाज जहां लोग चुप रहते थे, सामने नहीं आते थे, वैसे समाज का अस्तित्व खत्म हो रहा है। बदलाव लाने के लिए सच को जोरदार और बुलंद तरीके से बोला जाना चाहिए। #MeToo'
माना जा रहा है कि यौन शोषण के आरोप लगने के बाद सरकार एमजे अकबर से इस्तीफा ले सकती है। वहीं महिला मंत्रियों सहित रीता बहुगुणा जोशी तक ने उनपर लगे आरोपों की जांच करने को कहा है। स्मृति ईरानी ने गुरुवार को साफतौर पर कहा कि वह आवाज उठाने वाली महिलाओं को न्याय मिलने के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा, अकबर को खुद आरोपों पर अपना पक्ष रखना चाहिए। संबंधित व्यक्ति होने के नाते अकबर इस मामले पर बोलने के लिए ज्यादा अच्छी स्थिति में हैं।
जब निर्मला सीतारमण से इस मामले पर सवाल पूछा गया। तो उन्होंने कहा कि इस वह इस मामले पर बोलने के लिए सही व्यक्ति नहीं हैं, लेकिन उन्होंने यौन उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने वाली महिलाओं का समर्थन किया। निर्मला ने कहा, जो भी महिलाएं इस स्थिति से गुजरी हैं, उनका बहुत बुरा अनुभव रहा होगा। इस वजह से वे अपने साहस से आगे आई हैं, जिसका मैं समर्थन करती हूं।
It’s about time everyone learns to treat women with respect and dignity.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 12, 2018
I’m glad the space for those who don't, is closing. The truth needs to be told loud and clear in order to bring about change. #MeToo