'मोदी' उपनाम मानहानि केस: पेशी के बाद बोले राहुल- मुझे चुप कराने के लिए बेताब हैं विरोधी
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लोकसभा चुनाव 2019 के प्रचार अभियान के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उपनाम 'मोदी' को लेकर दिए गए विवादास्पद बयान को लेकर किए गए मानहानि के मामले में राहुल गांधी सूरत के एक कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट में जब जज ने पूछा कि क्या उन्हें अपना गुनाह कबूल है, तो राहुल गांधी ने कहा- नहीं। राहुल गांधी ने इस मामले में पेशी से छूट के लिए अर्जी डाली है। कोर्ट 10 दिसंबर को उनकी अर्जी पर जवाब देगा। पेशी के बाद राहुल गांधी ने सत्यमेव जयते हैशटैग के साथ संदेश लिख कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आभार जताया।
Gujarat: Rahul Gandhi appeared at Surat Court in connection with a case over his comment"Why do all thieves have Modi in their names". He has filed an application for permanent exemption.Court has given a date of 10th Dec for reply to his application. (earlier visuals) pic.twitter.com/otzMu25rKW
— ANI (@ANI) October 10, 2019विज्ञापन
कोर्ट में पेशी को लेकर गुरुवार की सुबह वह सूरत पहुंचे। मालूम हो कि इसी साल लोकसभा चुनाव के दौरान एक भाषण में उन्होंने टिप्पणी की थी कि 'सभी चोरों के उपनाम मोदी क्यों हैं?' राहुल गांधी के खिलाफ स्थानीय भाजपा विधायक पूर्णेश मोदी ने आपराधिक मानहानि का केस दर्ज कराया था। मामले की अगली सुनवाई 10 दिसंबर को होगी।
राहुल गांधी ने ट्वीट कर जताया अभार
राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि वह एक मानहानि केस में पेशी के लिए सूरत पहुंचे, जोकि उन्हें चुप कराने के लिए उनके राजनीतिक विरोधियों ने किया है। उन्होंने अपने स्वागत और समर्थन के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं का भी धन्यवाद किया।
I am in Surat today to appear in a defamation case filed against me by my political opponents, desperate to silence me.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 10, 2019
I am grateful for the love & support of the Congress workers who have gathered here to express their solidarity with me. #SatyamevJayate pic.twitter.com/HZmAcEhciu
राहुल ने सत्यमेव जयते हैशटैग के साथ ट्वीट किया, मेरा मुंह बंद कराने के लिए व्याकुल, मेरे राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों द्वारा दर्ज मानहानि के एक मामले में पेश होने के लिए मैं आज सूरत में हूं। मेरे साथ एकजुटता दिखाने के लिए यहां जमा हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्यार एवं सहयोग के लिए मैं उनका आभारी हूं।
कांग्रेस बोली- राहुल गांधी ने नहीं भाजपा ने की मोदी समाज की बेइज्जती
राहुल गांधी पर मानहानि केस को लेकर कांग्रेस नेता शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता को विपक्ष की आलोचना सहने की क्षमता होनी चाहिए। राहुल गांधी ने अपने भाषण में ललित मोदी और नीरव मोदी को चोर कहा था, जबकि नरेंद्र मोदी को असफल बताया था। भाजपा ने उनके बयान को पूरे मोदी समाज के साथ जोड़ दिया और बेइज्जती की।
Shaktisinh Gohil, Congress on defamation case against Rahul Gandhi: In a democracy, party in power should tolerate criticism of opposition.Rahul ji had said Lalit Modi&Nirav Modi are thieves,& Narendra Modi is a failure.BJP connected his statement to Modi community&insulted them. pic.twitter.com/v9ujRyUhi2
— ANI (@ANI) October 10, 2019
इधर, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अहमद पटेल ने कहा कि राहुल गांधी को कोर्ट ने समन जारी किया था, इसलिए कोर्ट के सम्मान में वे सूरत पहुंचे हैं। कानून को अपना काम करने दीजिए। देखना है कि कोर्ट कब अपना क्या फैसला सुनाती है। कोर्ट जो आदेश देगी, पालन किया जाएगा।
भाजपा विधायक ने दर्ज कराया था आपराधिक मानहानि का केस
इस मामले में राहुल गांधी के खिलाफ स्थानीय भाजपा विधायक पूर्णेश मोदी ने आपराधिक मानहानि का केस दर्ज कराया था। अपनी शिकायत में उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी ने पूरे मोदी समुदाय को बदनाम किया है। इसी मामले को लेकर बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भी पटना कोर्ट में केस दर्ज कराया था, जिस मामले में पेशी के लिए राहुल गांधी पटना गए थे।
सूरत की एक अदालत ने इस आपराधिक मानहानि मामले में राहुल गांधी को निजी उपस्थिति से छूट दे दी थी, लेकिन बाद में कोर्ट ने इस निष्कर्ष पर राहुल गांधी को समन भेजा था कि उनके खिलाफ पहली नजर में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 500 के तहत आपराधिक मानहानि का मामला बनता है।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बीएच कपाडि़या ने मई में गांधी के खिलाफ समन जारी किया था। राहुल इस मामले में गुरुवार को कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे। इसी तरह के एक अन्य मामले में वह शुक्रवार को अहमदाबाद के एक कोर्ट में पेश होंगे।