फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Rahul gandhi again attack on modi govt over rafale deal in london

लंदन में मोदी सरकार पर बरसे राहुल, क्या भाजपा फिर देगी जवाब?

Sat, 25 Aug 2018 06:46 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली Updated Sat, 25 Aug 2018 06:46 AM IST
विज्ञापन
Rahul gandhi again attack on modi govt over rafale deal in london

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर ब्रिटेन से राफेल डील का मुद्दा उठाया है और भाजपा सरकार पर कर्ज में फंसे एक उद्योगपति को लाभ पहुंचाने के लिए करार में बदलाव करने का आरोप लगाया है। राहुल ने शुक्रवार की रात एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा कि देश का सबसे बड़ा रक्षा ठेका 'राफेल सौदा' अनिल अंबानी को दिया गया जिनके ऊपर 45,000 करोड़ रुपये का कर्ज था और उन्होंने अपने जीवन में कभी कोई विमान नहीं बनाया। 

विज्ञापन


उन्होंने रोजगार को लेकर भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत में नौकरियों का बड़ा संकट है और सरकार इसे नहीं मान रही है। एक दिन में केवल 450 नौकरियां पैदा होती हैं। यह एक आपदा की तरह है। उन्होंने कहा कि रोजगार की समस्या हल हो सकती है, लेकिन भारत को पहले ये स्वीकार करना होगा कि समस्या है। 
विज्ञापन


राहुल ने अगले लोकसभा चुनाव को लेकर भी कहा कि अगला चुनाव बेहद सीधा है। एक तरफ भाजपा है और दूसरी तरफ हर विपक्षी दल है। इसका कारण ये है कि पहली बार भारतीय संस्थानों पर हमला किया गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


हालांकि राहुल गांधी के इन आरोपों पर अभी भाजपा की ओर से कोई पलटवार नहीं आया है। लेकिन यह देखने वाली बात होगी कि भाजपा राहुल के इस आरोप का जवाब किस तरीके से देती है, क्योंकि अपने चार दिवसीय विदेश दौरे के दौरान राहुल ने अब तक भाजपा और आरएसएस पर जो भी आरोप लगाए हैं, उसका भाजपा ने कड़े शब्दों में जवाब दिया है। 

जर्मनी में राहुल के बयान पर क्या था भाजपा का पलटवार 

इससे पहले जर्मनी में भी एक कार्यक्रम के दौरान राहुल ने भाजपा और आरएसएस पर जमकर हमला बोला था, जिसपर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। भाजपा का कहना था कि  कांग्रेस अध्यक्ष ने विदेश दौरे में भारत के बारे में जो कुछ बोला, वह कहीं न कहीं उनकी अपरिपक्वता, अक्षमता को दर्शाता है। 

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि वह (राहुल गांधी) विदेश में भारत पर लांछन लगा रहे हैं और भारत और उसकी संस्कृति का अपमान कर रहे हैं। उन्हें इसके लिए मांफी मांगनी चाहिए।

उन्होंने कहा था, 'राहुल गांधी विपक्ष के नेता के रूप में एक सकारात्मक, रचनात्मक और परिपक्व भूमिका निभाने में असमर्थ रहे हैं।' सिख विरोधी दंगे का जिक्र करते हुए त्रिवेदी ने कहा कि 1984 में जो कत्लेआम हुआ वह सिर्फ बातों से नहीं धुलने वाला है। भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस पर धर्म, जाति के आधार पर देश को बांटने का आरोप लगाया। 

गौरतलब है कि राहुल गांधी ने भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा था कि इनके लोग देश को बांटने और नफरत फैलाने का काम कर रहे हैं, जबकि कांग्रेस भारत के लोगों को जोड़ने का काम करती है। 

राहुल के लंदन में भी दिए बयान पर भाजपा ने किया था पलटवार 

राहुल गांधी ने लंदन में भी मोदी सरकार को निशाना बनाते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की तुलना अरब देशों के इस्लामिक आतंकी संगठन मुस्लिम ब्रदरहुड से की थी, जिसपर भाजपा ने भी तीखा सियासी पलटवार किया है। 

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि जिस संघ से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जैसे लोग निकले हैं, राहुल गांधी उसकी तुलना एक आतंकी संगठन से करते हैं। यह माफ करने लायक नहीं है। उन्होंने राहुल से पूछा, आपको लोकतंत्र से घृणा क्यों है? आप हिंदुओं से इतनी नफरत क्यों करते हैं? क्या उन्होंने देश को बदनाम करने की सुपारी ली हुई है? 

पात्रा ने कहा कि उन्हें (राहुल गांधी) सुपारी लेकर हिंदुस्तान को खत्म करने की कोशिश बंद कर देनी चाहिए। पार्टी ने राहुल से लंदन में ही देश से माफी मांगने की मांग की। 

उन्होंने राहुल से सवाल पूछा कि संघ का विचार वर्तमान सरकार की विचारधारा है। क्या आप कहना चाहते हैं कि भारत पर किसी आतंकी संगठन का राज है? क्या 2014 में भारत की जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से आतंकी संगठन को सरकार चलाने के लिए चुना था? उन्होंने कहा, विदेशों में भारतीय नेता होने पर गर्व करने की बजाय कांग्रेस अध्यक्ष वहां देश को नीचा दिखाने का प्रयास कर रहे हैं। 

बता दें कि 'मुस्लिम ब्रदरहुड' अरब के कई देशों में सुन्नी मुसलमानों का धार्मिक-राजनीतिक संगठन है। इसे अरब के कई देशों में बैन भी किया गया है। इसकी स्थापना मिस्र में 1928 में एक शिक्षक हसन अल बन्ना ने की थी। अरब के कई मुल्कों में इसे आतंकी संगठन की श्रेणी में रखा गया है।   

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed