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Indian Air Force: 'राफेल वायुसेना के लिए आसान विकल्प', 114 फाइटर जेट खरीद पर बोले एयर चीफ मार्शल एपी सिंह

Fri, 03 Oct 2025 10:51 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पवन पांडेय Updated Fri, 03 Oct 2025 10:51 PM IST
सार

वायुसेना प्रमुख ने देश में विकसित किए जा रहे एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए) प्रोजेक्ट पर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इसका पहला उड़ान परीक्षण 2028 में होगा और 2035 तक इसे वायुसेना में शामिल कर लिया जाएगा। यह विमान स्टील्थ तकनीक और गहरे हमले की क्षमता से लैस होगा।

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Rafale one of options, it will be easy to absorb: IAF Chief on MRFA programme
एयर मार्शल एपी सिंह, वायुसेना प्रमुख - फोटो : ANI

विस्तार

भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने शुक्रवार को कहा कि वायुसेना की ताकत बढ़ाने के लिए राफेल लड़ाकू विमान भी विकल्पों में शामिल है। उन्होंने साफ किया कि राफेल पहले से इस्तेमाल में होने के कारण उसे अपनाना वायुसेना के लिए आसान होगा। सरकार 114 मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (एमआरएफए) खरीदने की बड़ी योजना पर काम कर रही है। यह सौदा करीब 18 अरब अमेरिकी डॉलर का हो सकता है और इसे दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य खरीद योजनाओं में गिना जा रहा है। 2019 में वायुसेना ने इसके लिए प्रारंभिक टेंडर (आरएफआई) जारी किया था।
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राफेल बनाने वाली फ्रांसीसी कंपनी दसॉल्ट एविएशन को इस सौदे में मजबूत दावेदार माना जा रहा है। अन्य विकल्पों में लॉकहीड मार्टिन का एफ-21, बोइंग का एफ/ए-18 और यूरोफाइटर टाइफून शामिल हैं। वहीं रूस का आधुनिक स्टील्थ लड़ाकू विमान SU-57 भी चर्चा में है, लेकिन उस पर वायुसेना प्रमुख ने सीधा जवाब देने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि किसी भी सिस्टम की खरीद एक तय प्रक्रिया से होती है और वही अपनाई जाएगी।
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'राफेल सबसे उपयुक्त विमान साबित हुआ था'
इस समय भारतीय वायुसेना के पास केवल 31 स्क्वाड्रन बचे हैं, जबकि जरूरत 42 स्क्वाड्रन की है। इससे पहले 12 साल पहले भी सरकार ने मीडियम मल्टी-रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एमएमआरसीए) खरीदने की प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन वह सौदा पूरा नहीं हो पाया। एयर चीफ मार्शल ने कहा कि उसी प्रक्रिया में राफेल सबसे उपयुक्त विमान साबित हुआ था, इसलिए अब उसे अपनाना अपेक्षाकृत आसान होगा।

उन्होंने साफ कहा, 'राफेल हो या कोई और, फर्क नहीं पड़ता। जो कंपनी भारत में उत्पादन करेगी, तकनीक देगी और ज्यादा स्वतंत्रता देगी, वही हमारे लिए सही होगी।'

भविष्य में भी मानव की भूमिका खत्म नहीं होगी- एपी सिंह
एलन मस्क के हालिया बयान- 'भविष्य में युद्ध ड्रोन से लड़े जाएंगे, मानव-संचालित विमान की जरूरत नहीं होगी' - पर वायुसेना प्रमुख ने असहमति जताई। उन्होंने कहा, 'दुनिया में इस समय तीन-चार बड़ी परियोजनाएं चल रही हैं जिन्हें छठी पीढ़ी के विमान कहा जा रहा है। वे सभी मानव-संचालित हैं। भविष्य में भी मानव की भूमिका खत्म नहीं होगी। हां, ड्रोन जरूर बढ़ेंगे, लेकिन वे मानव-संचालित विमानों के साथ मिलकर काम करेंगे।' 




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उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि एलन मस्क एक व्यापारी हैं और उसी नजरिए से बात करते हैं। 'उनकी कारें तो सड़कों पर चल रही हैं, लेकिन युद्ध सिर्फ बिजनेस की तरह नहीं देखा जा सकता। आने वाले दशकों में मानव-संचालित लड़ाकू विमान अपनी अहमियत बनाए रखेंगे।'
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