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राफेल सौदा : वरिष्ठ कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली का वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ पर बड़ा आरोप
Fri, 21 Dec 2018 09:05 AM IST
अमर शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Fri, 21 Dec 2018 09:05 AM IST
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वीरप्पा मोइली
राफेल सौदे पर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर केंद्र सरकार और विपक्षी पार्टी कांग्रेस के बीच घमासान मचा हुआ है। ऐसे में पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली ने वायु सेना प्रमुख बीएस धनोआ पर झूठ बोलने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मोइली ने कहा कि धनोआ ने सच को दबाने के लिए झूठ बोला। बता दें कि एक दिन पहले ही धनोआ ने जोधपुर में कहा था कि राफेल सौदा देश की सुरक्षा के मामले में गेम चेंजर साबित होगा। वहीं, उन्होंने राफेल सौदे पर उच्चतम न्यायालय के फैसले को शानदार बताया था।
मोइली ने कहा, 'सरकारी रिकॉर्ड में रक्षा मंत्री और वायु सेना प्रमुख धनोआ चाहते थे कि हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को शामिल किया जाए। धनोआ उस वक्त दसॉ के साथ एचएएल भी गए थे और एचएएल को सक्षम पाया और कहा था की कि उनमें क्षमता है। मुझे लगता है कि धनोवा झूठ बोल रहे हैं, वह सच को दबा रहे हैं।'
मोइली ने एक निजी न्यूज चैनल से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश की सुरक्षा और खजाने पर समझौता करने के लिए माफी मांगनी चाहिए। मोइली ने कहा कि उच्चतम न्यायालय का निर्णय भी सरकार के झूठ के आधार पर आया है।
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वहीं वायु सेना प्रमुख धनोआ ने रक्षा सौदों के राजनीतिकरण की निंदा की। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व में सेना को बोफोर्स तोप हासिल करने में काफी देर हो गई थी। धनोआ ने कहा, "उच्चतम न्यायालय के फैसले पर मैं कुछ नहीं कहूंगा लेकिन उसने बहुत अच्छा फैसला दिया है। इस विमान की बहुत ज्यादा जरुरत थी।"
उधर मोइली के आरोपों पर भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी का कहना है कि कांग्रेस नेता का बयान न सिर्फ वायु सेना प्रमुख का व्यक्तिगत तौर पर अपमान है बल्कि देश का भी अपमान है। उन्होंने कहा कि मोइली को इन आरोपों के लिए सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए।
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मोइली ने कहा, 'सरकारी रिकॉर्ड में रक्षा मंत्री और वायु सेना प्रमुख धनोआ चाहते थे कि हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को शामिल किया जाए। धनोआ उस वक्त दसॉ के साथ एचएएल भी गए थे और एचएएल को सक्षम पाया और कहा था की कि उनमें क्षमता है। मुझे लगता है कि धनोवा झूठ बोल रहे हैं, वह सच को दबा रहे हैं।'
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मोइली ने एक निजी न्यूज चैनल से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश की सुरक्षा और खजाने पर समझौता करने के लिए माफी मांगनी चाहिए। मोइली ने कहा कि उच्चतम न्यायालय का निर्णय भी सरकार के झूठ के आधार पर आया है।
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वहीं वायु सेना प्रमुख धनोआ ने रक्षा सौदों के राजनीतिकरण की निंदा की। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व में सेना को बोफोर्स तोप हासिल करने में काफी देर हो गई थी। धनोआ ने कहा, "उच्चतम न्यायालय के फैसले पर मैं कुछ नहीं कहूंगा लेकिन उसने बहुत अच्छा फैसला दिया है। इस विमान की बहुत ज्यादा जरुरत थी।"
उधर मोइली के आरोपों पर भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी का कहना है कि कांग्रेस नेता का बयान न सिर्फ वायु सेना प्रमुख का व्यक्तिगत तौर पर अपमान है बल्कि देश का भी अपमान है। उन्होंने कहा कि मोइली को इन आरोपों के लिए सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए।