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DGP Meet: 'कट्टरवाद राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए प्रमुख खतरा, उदारवादी मुस्लिम संगठनों को भरोसे में लेने की जरूरत'
Mon, 23 Jan 2023 05:50 PM IST
गुलाम अहमद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गुलाम अहमद
Updated Mon, 23 Jan 2023 05:50 PM IST
सार
Radicalisation in India: भारतीय पुलिस सेवा के कुछ अधिकारियों द्वारा लिखे गए नोट में कहा गया है कि भारत में धार्मिक कट्टरता का मुख्य कारण धार्मिक प्रथाओं में अति-विश्वास और संचार के आधुनिक साधनों की आसान उपलब्धता है, जिसमें सीमा पार आतंकवाद और पाकिस्तान द्वारा इन कट्टरपंथी समूहों को प्रोत्साहित करना शामिल है।
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DGP Meet
- फोटो : ANI
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हाल ही संपन्न हुई पुलिस महानिदेशकों (DGP) की सुरक्षा बैठक में पेश किए गए नोट (पत्र) में कहा गया है कि कट्टरवाद (विशेष रूप से मुस्लिम युवाओं में) राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए प्रमुख चुनौतियों में से एक है और कट्टरवादी संगठनों का मुकाबला करने के लिए उदारवादी मुस्लिम नेताओं और धर्म गुरुओं को विश्वास में लेने की जरूरत है।
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भारतीय पुलिस सेवा के कुछ अधिकारियों द्वारा लिखे गए नोट में कहा गया है कि भारत में धार्मिक कट्टरता का मुख्य कारण धार्मिक प्रथाओं में अति-विश्वास और संचार के आधुनिक साधनों की आसान उपलब्धता है, जिसमें सीमा पार आतंकवाद और पाकिस्तान द्वारा इन कट्टरपंथी समूहों को प्रोत्साहित करना शामिल है।
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इस तीन दिवसीय वार्षिक सम्मेलन में प्रधानमंत्री के अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और देश के करीब 350 शीर्ष पुलिस अधिकारी शामिल हुए। पत्र में कहा गया है कि, विशेष रूप से मुस्लिम युवाओं में कट्टरता देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण चुनौतियों में से एक है। भारत में कई कट्टरवादी मुस्लिम संगठन सक्रिय हैं, जो मुस्लिम युवाओं को कट्टरवादी बनाने में लिप्त हैं। इन संगठनों में मुस्लिम समुदाय को उकसाने की प्रवृत्ति होती है और उन्हें हिंसक रास्ते पर धकेला जाता है।
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राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में कट्टरपंथी संगठनों पर होनी चाहिए कार्रवाई
कहा गया है कि इसे देखते हुए सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में कट्टरपंथी संगठनों से निपटना प्राथमिकता होनी चाहिए, क्योंकि ये संगठन इस्लामिक सिद्धांतों और विचारों की कट्टर रूप से व्याख्या में लगे हुए हैं। साथ ही मुस्लिम समुदाय में पीड़ित होने की भावना भी पैदा करते हैं। इन संगठनों का तौर-तरीका लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता जैसे आधुनिक मूल्यों के खिलाफ है।
एफआई सबसे शक्तिशाली कट्टरपंथी संगठन था
पत्र में खुलासा किया गया है कि हाल ही में प्रतिबंधित किए गए पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के साथ अन्य प्रतिबंधित मुस्लिम संगठन जैसे- सिमी, वहदत-ए-इस्लामी, इस्लामिक यूथ फेडरेशन, हिज्ब-उत तहरीर और अल-उम्मा इस श्रेणी में आते हैं। पत्र के मुताबिक, इन मुस्लिम संगठनों में पीएफआई सबसे शक्तिशाली कट्टरपंथी संगठन था। वर्ष 2006 में गठन के बाद से यह दक्षिण भारत स्थित तीन संगठनों के विलय से राष्ट्रीय स्तर के संगठन के रूप में विकसित हुआ।