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चंदू ने नौकरी छोड़ने के पीछे उत्पीड़न को बताया कारण, सेना बोली- अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं
Sun, 06 Oct 2019 03:30 AM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Sun, 06 Oct 2019 03:30 AM IST
सार
- 2016 में एलओसी पर ड्यूटी के दौरान गलती से सीमा पार की थी
- पाक रेंजरों ने किया था गिरफ्तार, चार महीने तक किया था प्रताड़ित
- सेना ने चंदू को बताया अनुशासनहीन, खारिज किए सभी आरोप
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चंदू चव्हाण
- फोटो : फाइल
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विस्तार
साल 2016 में गलती से सीमा पार कर पाकिस्तान चले गए और लौट कर आए सैनिक चंदू चव्हाण ने सेना पर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह लगातार उत्पीड़न होने के कारण सेना छोड़ रहे हैं। वहीं, भारतीय सेना ने चंदू के आरोप को बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि लगातार दोषी रहने वाले जवान की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
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सेना का कहना है कि वह (चंदू चव्हाण) एक अपराधी है और उसके खिलाफ अलग-अलग अपराधों के लिए पांच बार अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। शनिवार देर शाम को जारी एक बयान में सेना ने कहा कि हाल ही में यूनिट लाइनों में नशे में पाए जाने के बाद चव्हाण के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की गई थी, जिसके बाद वह अपनी यूनिट से फरार हो गया था।
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बयान में कहा गया कि चव्हाण को तीन अक्तूबर से तत्काल प्रभाव से 'बिना अवकाश के अनुपस्थित' घोषित किया गया था। बयान के मुताबिक सेना किसी भी परिस्थिति में इस प्रकृति की अनुशासनहीनता को स्वीकार नहीं करेगी। कई बार काउंसलिंग और भारतीय सेना द्वारा उसके पुनर्वास के प्रयास भी उसके भावुक और शिकायती लहजे के चलते बेकार ही गए।
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चंदू ने लगाया था उत्पीड़न का आरोप
जवान चंदू चव्हाण ने सेना पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि 'जबसे मैं पाकिस्तान से वापस आया हूं, सेना लगातार मेरा उत्पीड़न करती रही है और मुझे शक की नजरों से देखा जा रहा है, इसीलिए मैंने सेना छोड़ने का फैसला लिया। चव्हाण के करीबियों ने बताया कि उसने अपना इस्तीफा अपने यूनिट कमांडर को अहमदनगर में भेज दिया है।
बता दें कि गलती से सीमा पार करने के बाद चव्हाण को पाकिस्तानी रेंजरों ने गिरफ्तार कर लिया था और उसे भारत वापस भेजने से पहले चार महीने तक प्रताड़ित किया था। पिछले महीने, चव्हाण का एक्सीडेंट हो गया था और उसे गंभीर चोट आई थी।