दिल्ली में साफ पानी पर सियासी संग्राम जारी, पासवान का केजरीवाल पर फिर पलटवार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अरविंद केजरीवाल ने पानी के उन सैंपलों पर सवाल उठाया था जिनके आधार पर दिल्ली के जल को प्रदूषित करार दिया था। उन्होंने केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान से उन सैंपलों-जगहों की जानकारी मांगी थी जहां से इन्हें लिया गया था। केंद्रीय मंत्री ने केजरीवाल के इस सवाल पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए उन सभी 11 जगहों की लिस्ट ट्विटर पर साझा कर दी जहां से इन्हें लिया गया था। पासवान ने केजरीवाल से दिल्ली के पानी का संयुक्त सर्वे कराने की बात भी कही थी।
Ram Vilas Paswan, Union Min on Delhi CM Kejriwal's accusation that Paswan is spreading lies on quality of Delhi water: I haven't done quality check,it's country's reputed institution-Bureau of Indian Standards that has done it. It has set standards that Delhi water didn't meet. pic.twitter.com/43dOnDGpwZ
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) November 21, 2019
इससे पहले बुधवाार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा था कि, अस्पतालों में भारी संख्या में ऐसे मरीज आ रहे हैं जिन्हें ऐसी बीमारियां हैं जो प्रदूषित जल पीने के कारण होती हैं। लेकिन जब पानी की गुणवत्ता पर सवाल उठाया जाता है तो अरविंद केजरीवाल इसे राजनीति से प्रेरित करार देते हैं। उन्होंने अरविंद केजरीवाल को समस्याओं के सामने आंखें बंद किए रहने वाला 'धृतराष्ट्र' बताया था और कहा कि वे अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं।
दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने भी मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखकर उनसे दिल्ली में स्वच्छ पानी की सप्लाई सुनिश्चित किए जाने की अपील की। डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा कि बीआईएस अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित प्रणाली के आधार पर वस्तुओं की गुणवत्ता का अध्ययन करता है। इसकी रिपोर्ट पर किसी तरह का सवाल नहीं खड़ा किया जा सकता। लेकिन अरविंद केजरीवाल हमेशा संस्थाओं पर सवाल खड़ा करते आए हैं। आज भी वे एक ऐसी संस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं जिसकी विश्वसनीयता पूरी दुनिया में है।
अरविंद केजरीवाल ने दी थी खुली चुनौती
वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल राजधानी के पानी को प्रदूषित बताने की रिपोर्ट को राजनीतिक साजिश करार दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि एक अन्य केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत दिल्ली के पानी को सबसे बेहतर बता चुके हैं। ऐसे में दूसरे मंत्री के द्वारा पानी को देश में सबसे ज्यादा प्रदूषित बताना एक साजिश के अलावा और कुछ नहीं है। उन्होंने केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान को दिल्ली के पानी की रिपोर्ट साझा करने की चुनौती दे चुके हैं। दिल्ली सरकार स्वतंत्र तरीके से दिल्ली के पानी की गुणवत्ता की चेकिंग भी करवा रही है।
भाजपा- कांग्रेस ने बोला हमला
दरअसल, दिल्ली सरकार राजधानी के लोगों को पानी उपलब्ध करवाने को अपनी सबसे अच्छी योजनाओं में बताकर पेश करती रही है। अब जब विधानसभा चुनाव बेहद करीब आते जा रहे हैं, विपक्षी दल सरकार की उपलब्धियों पर सवाल खड़े कर रहे हैं। बुधवार को भाजपा ने दिल्ली जल बोर्ड के ऑफिस पर जोरदार प्रदर्शन किया था।
वहीं, कांग्रेस पहले ही अरविंद केजरीवाल का इस्तीफा मांग चुकी है। कांग्रेस नेता कीर्ति आजाद ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल ने राजधानी के लोगों को स्वच्छ जल पीने का अधिकार देने की बात कही थी। अगर उन्होंने दिल्ली के लोगों को यह अधिकार दिया होता तो आज वे गंदा पानी देने के कारण जेल चले जाते।