निजी अस्पतालों में मरीजों से खिलवाड़, दोबारा इस्तेमाल कर रहे डिस्पोजेबल
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देश में जहां निजी अस्पतालों में इलाज करवाना खर्चीला होता जा रहा है। वहीं उनके साथ धोखा भी किया जा रहा है। आप जानकर हैरान हो जाएंगे कि कई निजी अस्पतालों में कैथटर, गाइड वायर और बलून जैसे डिस्पोजेबल जो ऐंजियोप्लास्टी में इस्तेमाल होते हैं इनका बार-बार इस्तेमाल किया जा रहा है।
जबकि एक बार उपयोग में लाकर इनका निपटान करना जरूरी होता है।
टाईम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक ये अस्पताल उपयोग में लाए जा चुके इन सामानों की कीमत पता नहीं कितनी बार वसूलते रहते हैं। लेकिन जानकारों का मानना है कि इस गोरखधंधे से अस्पताल हरेक इलाज में बीस से तीस हजार रुपये का फायदा ले रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी की चेतावनी
चिंता की बात ये है कि इससे होने वाले इन्फेक्शन को वो नजर अंदाज करते हुए मुनाफे के लिए मरीजों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। इस धोखेबाजी की सूचना पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक ऑफिस मेमोरैंडम जारी कर सर्जरी के दौरान उपयोग में आने वाले डिस्पोजेबल आइटमों के दोबारा इस्तेमाल के खिलाफ चेतावनी जारी की है।
यह चेतावनी खासकर कार्डिऑलजी को लेकर जारी की गयी है। गौरतलब है कि इसी विभाग में सबसे ज्यादा डिस्पोजेबल का उपयोग किया जा रहा है। चेतावनी में कहा गया है कि दोषी पाए जानें पर अस्पताल के खिलाफ कार्रवाही तो होगी CGHS के पैनल से भी हटाया जा सकता है।
हालांकि यह साफ नहीं किया गया है कि ऐसे निजी अस्पताल जो कि CGHS की परिधि में नहीं आते, खासकर बड़े प्राइवेट अस्पतालों की श्रृंखलाओं के खिलाफ ऐसे मामलों में किस तरह की कार्रवाई की जाएगी।