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फिर बोतल से बाहर आ सकता है पुरुलिया कांड का जिन्न

Fri, 18 Mar 2016 04:01 AM IST
हिमांशु मिश्र / अमर उजाला, नई दिल्ली
हिमांशु मिश्र / अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 18 Mar 2016 04:01 AM IST
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Purulia arms case
किम डेवी - फोटो : getty

ढाई दशक से भी पुराना पुरुलिया हथियार कांड का भूत एक बार फिर से बोतल से बाहर आ सकता है। पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में विमान के जरिए हथियार गिराए जाने के चर्चित मामले में सरकार करीब 21 साल बाद इस कांड के मुख्य आरोपी डेनमार्क के किम डेवी के प्रत्यर्पण का प्रयास करेगी।

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इस मुद्दे पर कूटनीतिक तनातनी के बाद कनाडा सरकार भारत की ओर से प्रत्यर्पण का अनुरोध हासिल होने पर सुप्रीम कोर्ट जाने के लिए तैयार हो गई है। विदेश मंत्रालय ने इस मामले में बेहद कड़ा रुख अपनाने वाली संसद की सरकारी आश्वासनों संबंधी समिति को इस आशय की जानकारी दी है।
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समिति को दी गई जानकारी में कहा गया है कि प्रत्यर्पण का नया अनुरोध तैयार कर डेनमार्क स्थित भारतीय दूतावास को भेजा जा चुकी है। दूतावास फिलहाल इस मामले में कानूनी राय ले रहा है। इससे पहले डेनमार्क हाईकोर्ट ने प्रत्यर्पण संबंधी भारत के अनुरोध को खारिज कर दिया था। इसके बाद डेनमार्क सरकार इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने के लिए राजी नहीं हुई।
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प्रत्यर्पण मामले में गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के बीच तालमेल न होने और कानूनी प्रक्रिया का ठीक से अध्ययन किए बिना प्रर्त्पण का अनुरोध करने पर समिति की ओर से तीखी नाराजगी जताने के बाद विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस दिशा में नए सिरे से प्रयास किया जा रहा है।

मंत्रालय ने समिति को यह भी बताया कि कनाडा सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट जाने से इंकार के बाद दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर बेहद प्रतिकूल असर पड़ा था। फिर इस सिलसिले में कूटनीतिक स्तर पर कई दौर की बातचीत के बाद कनाडा सरकार ने भारत की ओर से नया प्रत्यर्पण अनुरोध सही पाए जाने पर सुप्रीम कोर्ट जाने का आश्वासन दिया।

राव और पप्पु यादव पर लगे थे आरोप

Purulia arms case
पप्‍पू
क्या है मामला
साल 1995 के 17 दिसंबर की रात को मालवाहक विमान केजरिए पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में हथियार गिराए गए थे। इस मामले में एक ब्रिटिश नागरिक पीटर ब्लीच और पांच लातवियाई नागरिकों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान डेवी हवाई अड्डे से रहस्यमय ढंग से गायब हो गया था। ब्लीच को अदालत ने आजीवन कारवास की सजा सुनाई। हालांकि बाद में ब्लीच सहित अन्य पांच दोषियों को रिहा कर दिया गया।

राव और पप्पु यादव पर लगे थे आरोप
मुख्य आरोपी किम डेवी ने उस दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिंह राव और सांसद पप्पु यादव पर मदद का आरोप लगा कर सनसनी फैसला दी थी। डेवी का कहना था कि राज्य की वामपंथी सरकार को परेशानी में डालने के लिए राव ने एक योजना के तहत पुरुलिया में हथियार गिरवाए थे। इस क्रम में उसे यादव की मदद मिली थी।
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