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Punjab Election 2022: क्या पंजाब में सियासी लड़ाई बड़ी होने वाली है? भाजपा जो रेस में पीछे थी क्या एकदम से आगे आ गई?

Wed, 05 Jan 2022 07:12 PM IST
Pratibha Jyoti प्रतिभा ज्योति
Updated Wed, 05 Jan 2022 07:12 PM IST
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सार
पंजाब में पीएम नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हुई चूक को लेकर भाजपा ने कहा है कि आज एक ऐसी घटना हुई है, आंतकवाद के दौर में और आतंकवाद से प्रभावित क्षेत्रों में भी इस प्रकार की सुरक्षा की चूक नहीं हुई। भाजपा का यह आरोपी चुनावी मौसम में एक तूफानी राजनीतिक संघर्ष के संकेत हैं। 
 
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Punjab Election 2022 Is the political battle going to get bigger in Punjab assembly election due to security breach of pm narendra modi , major lapse in pm modi security
PM security breach - फोटो : PM security breach

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बुधवार को होने वाली फिरोजपुर रैली रद्द हो गई। फिरोजपुर में बुधवार सुबह से ही बरसात हो रही थी, जिस कारण प्रधानमंत्री हुसैनीवाला बॉर्डर से ही दिल्ली लौट गए। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई है। एक फ्लाईओवर पर पीएम का काफिला 15-20 मिनट तक रुका रहा। जिसके बाद केंद्र सरकार और पंजाब सरकार के बीच नए विवाद की शुरुआत हो गई है और सियासत तेज हो गई है।



पंजाब में पीएम की सुरक्षा में चूक का आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस पर हमलावर हो गई है। करीब 13 महीने चले किसान आंदोलन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार पंजाब दौरे पर आए थे। उन्हें फिरोजपुर जाना था, जहां 42,750 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की नींव रखनी थी।


चन्नी ने किया आरोपों का खंडन
हालांकि पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने पीएम मोदी की सुरक्षा में 'सुरक्षा चूक' के केंद्र के दावे का खंडन किया। चन्नी ने कहा कि पीएम मोदी की सड़क मार्ग से यात्रा करने की योजना ‘अंतिम समय’ में बनाई गई थी और रैली में शामिल होने के लिए केवल 700 लोग ही आए थे।

भाजपा एकदम से लड़ाई में आगे आ गई
राजनीतिक विश्लेषक इस विवाद को पंजाब चुनाव के मद्देनजर इस नजरिए से देख रहे हैं कि राज्य विधानसभा चुनाव में सियासी लड़ाई अब बड़ी होने वाली है। यह मुख्य तौर पर अब कांग्रेस और भाजपा के बीच लड़ी जाएगी। माना जा रहा है कि जो भाजपा यहां की लड़ाई में अब तक पीछे नजर आ रही थी कि वह एकदम से रेस में आगे आ गई है। राज्य में लड़ाई में अब तक मुख्य तौर पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दिखाई दे रही थी।

पीएम मोदी की सुरक्षा में भारी चूक
पीएम मोदी की सुरक्षा में भारी चूक - फोटो : ANI
पहली बड़ी वजह क्या?
आज की घटना पंजाब चुनाव में भाजपा के लिए एक गेम चेंजर मानी जा रही है और इसकी पहली बड़ी वजह के कई महत्वपूर्ण पहलू हैं। पंजाब के एक वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक बताते हैं ‘पहला पहलू पीएम की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा है जो काफी अलार्मिंग है। यदि पीएम के रुट  को लेकर राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी से क्लीयरेंस मिल चुकी थी और उसके बाद ही पीएम सड़क मार्ग से गए तो बड़ा सवाल यह है कि रुट क्लीयर क्यों नहीं था? पंजाब में किसानों के कई जत्थे हैं जो अपने पुराने मुद्दों को लेकर अभी भी आंदोलन कर रहे हैं, ऐसे में यदि पीएम का रुट तय किया गया तो किसान वहां कैसे आ गए?’

वे कहते हैं, यदि राज्य सरकार ने क्लीयरेंस दिया था तो वे अपनी जिम्मेदारी निभाने में चूकी है और यह गंभीर मामला है। दूसरी बात यदि राज्य सरकार की तरफ से पीएम के रुट को क्लीयरेंस नहीं दी गई थी और पीएम बिना क्लीयरेंस के आए थे तो भी पंजाब सरकार को इस बारे में पहले बताना चाहिए था या अब भी अपना पक्ष साफ करना चाहिए। 

तीसरी बात, मीडिया रिपोर्ट्स में यह बात कही जा रही है कि फिरोजपुर और फरीदकोट के एसएसपी निलंबित कर दिए गए हैं, यानी सुरक्षा व्यव्स्था में चूक नहीं हुई है तो उन्हें निलंबित क्यों किया गया?  उनका कहना है कुल मिलाकर ये सभी सवाल हैं जो चुनाव में भाजपा के प्रति माहौल बनाने के लिए काफी हैं और चुनावी लड़ाई में पार्टी को बड़ी बढ़त दिलाने में सहायक हो सकते हैं। उनका मानना है कि अब भाजपा चुनाव में पीएम की सुरक्षा को सबसे बड़ा मुद्दा बना सकती है। 

पंजाब विधानसभा चुनाव।
पंजाब विधानसभा चुनाव। - फोटो : अमर उजाला
दूसरी बड़ी वजह  
दूसरी बड़ी वजह के बारे में पंजाब की राजनीति की गहरी समझ रखने वाले वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार सिंह बताते हैं ‘भाजपा पीएम नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में गंभीर चूक का आरोप लगा रही है। गृह मंत्रालय ने भी इस पर पंजाब सरकार से जवाब मांगा है। दरअसल फिरोजपुर में बुधवार को होने वाली पीएम मोदी की रैली औपचारिक रूप से पंजाब में भाजपा के चुनाव प्रचार का श्रीगणेश था, जिसमें पीएम विकास परियोजनाओं की शुरुआत करने वाले थे। पीएम के नहीं पहुंच पाने के कारण यह रैली रद्द हो गई और अब भाजपा, कांग्रेस पर विकास विरोधी होने के आरोप लगाएगी। 

उनका मानना है जिस तरह से इस पूरे मामले पर राजनीति हो रही है, उससे जाहिर है अब यह चुनाव हाईपीच पर लड़ी जाएगी। जो भाजपा राज्य में लड़ाई में नहीं नजर आ रही थी अब लड़ाई में बहुत आगे आ गई है, क्योंकि केंद्र में पीएम आ गए हैं।’

हाईबोल्टेज चुनाव होगा
राजकुमार सिंह कहते हैं इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि इस चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के बीच तू-तू-मैं-मैं बढ़ेगी। चुनाव अब चारकोणीय और हाई बोल्टेज वाला होगा। भाजपा ने संकेत दे दिए हैं कि वह अब इस लड़ाई को आक्रमक तरीके से लड़ेगी। देखना होगा कि इस चुनाव में पार्टियां भाषा की मर्यादा का कितना ध्यान रखती हैं।  

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल। - फोटो : amar ujala
क्या कांग्रेस बैकफुट पर आ गई?   
क्या इस पूरी घटना से कांग्रेस बैकफुट पर गई है? इस बारे में राजकुमार सिंह कहते हैं बिल्कुल नहीं। लेकिन यह तय है कि जिस तरह से पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह  चन्नी पर भाजपा हमलावर हुई है अब वे ही भाजपा के निशाने पर होंगे और भाजपा के चुनाव प्रचार के केंद्र में वे ही रह सकते हैं।   

पंजाब चुनाव में बडी भूमिका निभाने की तैयारी में भाजपा
भाजपा पंजाब चुनाव में बड़ी भूमिका निभाने की तैयारी में है।  पार्टी  70-80 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। पार्टी पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस के साथ गठबंधन करके यहां चुनाव लड़ने वाली है। यह गठबंधन आपसी सहमति से सीटों का बंटवारा कर रहा है। गठबंधन का चेहरा कौन होगा यह तय नहीं है। 

पंजाब का चुनावी समीकरण
पंजाब का चुनावी समीकरण - फोटो : ANI
कांग्रेस की सत्ता उखाड़ फेकेंगे
पंजाब भाजपा के एक नेता ने बताया- पंजाब की जनता बदलाव चाहती है और भाजपा एक बड़े विकल्प के तौर पर उभर रही है। अब हम सीएम चन्नी को बेनकाब करेंगे और कांग्रेस की सत्ता उखाड़ फेंकेंगे, क्योंकि कैप्टन साहेब कांग्रेस की खामियों को भी जानते हैं और यह भी जानते हैं कि पिछले चुनावों में पार्टी कहां कमजोर थी। उन्हें शिरोमणि अकाली दल की कमजोरी का भी अंदाजा है, जो हमारे लिए फायदेमंद होने वाला है।

2017 के पंजाब विधानसभा चुनावों में, कांग्रेस ने 77 सीटें जीतकर राज्य में पूर्ण बहुमत हासिल किया था। आम आदमी पार्टी 117 सदस्यीय पंजाब विधानसभा में 20 सीटें जीतकर दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। शिअद केवल 15 सीटें ही जीत सकी जबकि भाजपा को तीन सीटें मिलीं थीं।
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