पंजाब में शिक्षा क्रांति: सरकारी स्कूलों के 305 बच्चों ने पास की जेईई मेन्स परीक्षा, गरीब होनहारों को भी सफलता
पंजाब सरकार प्रतियोगी परीक्षा के विद्यार्थियों के लिए खास इंतजाम कर रही है। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि जेईई एडवांस की तैयारी के लिए तीन हफ्तों का विशेष आवासीय कैंप लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) ने शिक्षा और स्वास्थ्य सुधार के मुद्दों पर पंजाब में चुनाव लड़े और भारी बहुमत से सरकार बनाई। जानिए उन्होंने और क्या कुछ कहा?
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पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने दावा किया है कि राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सुधार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुधारों के कारण राज्य के सरकारी स्कूलों के 305 विद्यार्थियों ने पहली कोशिश में ही ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई) की मेन्स परीक्षा-2026 पास करने में सफलता पाई है। उन्होंने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र श्री आनंदपुर साहिब के पांच विद्यार्थियों ने भी इस राष्ट्रीय परीक्षा में सफलता हासिल की है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में किए गए कामों का जिक्र करते हुए पंजाब भवन में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिक्षा मंत्री ने कहा, पिछले साल 187 उम्मीदवार सफल हुए थे। इस साल 63 प्रतिशत अधिक बच्चों ने परीक्षा पास की है। उन्होंने इस उपलब्धि को राज्य की स्कूल शिक्षा प्रणाली के लिए एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा, सरकार योग्य विद्यार्थियों को जेईई एडवांस की तैयारी के लिए तीन हफ्तों का विशेष आवासीय प्रशिक्षण कैंप लगाएगी। इसका मकसद अगले चरण के लिए उनका उचित मार्गदर्शन सुनिश्चित करना है।
बच्चों की कामयाबी को स्कूल शिक्षा विभाग के लिए गर्व की बात बताते हुए हरजोस बैंस ने कहा, 'मैं अपने सभी समर्पित शिक्षकों का दिल से धन्यवाद करता हूं। सिर्फ एक साल में ही इतना बड़ा मील का पत्थर स्थापित करना पंजाब में शिक्षा क्रांति का प्रमाण है। हम अपनी प्रगति और तेज करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।'
हरजोत सिंह बैंस की प्रमुख बातें-
- पिछले साल सरकारी स्कूलों के 187 विद्यार्थियों ने पास किया जेईई मेन परीक्षा पास की।
- सरकारी स्कूलों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के कारण गरीब परिवारों के कई बच्चों ने परीक्षा पास की।
- किसी भी राज्य में शिक्षा का स्तर उसके परिणामों से तय होता है। इस पैमाने पर पंजाब देश भर में अग्रणी।
- जेईई में 1.2 लाख से 1.5 लाख वार्षिक आय वाले परिवारों, मजदूरों, दर्जियों और अन्य कामगारों के बच्चे चमके।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि बठिंडा के सरकारी स्कूल के विद्यार्थी दिलखुश झाअ ने जेईई मेन्ज़ में 95.091 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। एक मजदूर पिता और गृहिणी मां तथा सिर्फ 1.2 लाख की वार्षिक पारिवारिक आय वाले इस मेहनती विद्यार्थी ने स्व-अध्ययन और पीस क्लासेस के माध्यम से यह सफलता हासिल की। उन्होंने कई और कामयाबी की कहानियां साझा करने के बाद कहा, सफलता का श्रेय पंजाब सरकार के ठोस प्रयासों को जाता है। उन्होंने कहा, जेईई परीक्षाओं के लिए क्वालीफाई करने वाले विद्यार्थियों में इस बार 134 लड़कियां भी शामिल हैं।