Pune Porsche Case: किशोर चालक के माता-पिता और चार अन्य आरोपियों की जमानत खारिज, अभियोजन पक्ष ने दी यह दलील
पुणे की एक अदालत ने कल्याणी नगर पोर्श कार हादसे में कथित रूप से रक्त नमूने बदले जाने के सिलसिले में किशोर चालक के माता-पिता समेत छह लोगों के जमानत आवेदनों को बृहस्पतिवार को खारिज कर दिया। इस मामले में अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि अगर इन सभी को जमानत दी गयी तो ये सबूत से छेड़छाड़ कर सकते हैं।
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विस्तार
19 मई को पोर्श कार से नाबालिग ने मारी थी टक्कर
आरोप है कि 19 मई को तड़के किशोर चालक ने अपनी कार से एक मोटरसाइकिल में टक्कर मार दी थी, जिससे दो आईटी पेशेवरों की मौत हो गयी थी। किशोर के माता-पिता और अन्य ने किशोर को निर्दोष साबित करने के लिए रक्त नमूने बदलने की साजिश रची थी।
जमानत मिलने पर हो सकती है सबूत से छेड़छाड़
वहीं इस मामले में अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि यदि जमानत दी गयी तो आरोपी गवाहों पर दबाव डाल सकते हैं और सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं। वरिष्ठ सरकारी वकील शिशिर हिरय ने कहा कि उनका मुख्य तर्क यह था कि आरोपियों ने सबूतों के साथ छेड़छाड़ करके न्यायिक प्रणाली के साथ खिलवाड़ किया। हमने अपने पास उपलब्ध और अभियोजन एजेंसी की तरफ से जमा किए गए प्रथम दृष्टया साक्ष्यों के आधार पर अदालत के समक्ष मामला रखा है। इस मामले में आरोपपत्र पहले ही दाखिल किया जा चुका है।
#WATCH | Pune Porsche crash case | Pune, Maharashtra: Special Public Prosecutor, Advocate Shishir Hiray says, "Bail application of 6 accused persons who are behind bar in Porsche case is rejected. We have put the case before the court on the basis of the prima facie evidence… pic.twitter.com/5BzsOipmM8
— ANI (@ANI) August 22, 2024
हादसे के बाद जो हुआ वो गंभीर मामला- सरकारी वकील
इसके अलावा हमने अदालत के समक्ष एक और मुद्दा रखा है कि दुर्घटना एक बात है, लेकिन दुर्घटना के बाद जो कुछ भी हुआ, जिसमें धोखाधड़ी की गई, रक्त का नमूना बदला गया, झूठी रक्त रिपोर्ट प्राप्त करने का प्रयास किया गया और उन झूठी रक्त रिपोर्ट प्राप्त करने के पीछे एकमात्र उद्देश्य यह देखना था कि आरोपी को दोषमुक्त कर दिया जाए या जो भी उस विशेष अपराध के लिए जिम्मेदार है उसे दंडित न किया जाए। हमने अदालत के समक्ष मामला रखा है कि यह देश की न्यायिक प्रणाली की नींव को हिलाने की कोशिश है और इसे बहुत गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
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