फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Pune Porsche crash case: Bail application of 6 accused is rejected

Pune Porsche Case: किशोर चालक के माता-पिता और चार अन्य आरोपियों की जमानत खारिज, अभियोजन पक्ष ने दी यह दलील

Thu, 22 Aug 2024 09:43 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: पवन पांडेय Updated Thu, 22 Aug 2024 09:43 PM IST
सार

पुणे की एक अदालत ने कल्याणी नगर पोर्श कार हादसे में कथित रूप से रक्त नमूने बदले जाने के सिलसिले में किशोर चालक के माता-पिता समेत छह लोगों के जमानत आवेदनों को बृहस्पतिवार को खारिज कर दिया। इस मामले में अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि अगर इन सभी को जमानत दी गयी तो ये सबूत से छेड़छाड़ कर सकते हैं।

विज्ञापन
Pune Porsche crash case: Bail application of 6 accused is rejected
पुणे पोर्श मामला - फोटो : PTI

विस्तार

पुणे पोर्श कार हादसे में आरोपी नाबालिग चालक के माता-पिता और चार अन्य आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश यू एम मुधोलकर ने 17 वर्षीय किशोर के पिता विशाल अग्रवाल और माता शिवानी अग्रवाल, ससून जनरल अस्पताल के चिकित्सकों-- डॉ. अजय तावडे और डॉ. श्रीहरि हल्नोर और कथित बिचौलियों-- अश्पक मकानदार और अमर गायकवाड़ को जमानत देने से इनकार कर दिया है।
विज्ञापन


19 मई को पोर्श कार से नाबालिग ने मारी थी टक्कर
आरोप है कि 19 मई को तड़के किशोर चालक ने अपनी कार से एक मोटरसाइकिल में टक्कर मार दी थी, जिससे दो आईटी पेशेवरों की मौत हो गयी थी। किशोर के माता-पिता और अन्य ने किशोर को निर्दोष साबित करने के लिए रक्त नमूने बदलने की साजिश रची थी।
विज्ञापन


जमानत मिलने पर हो सकती है सबूत से छेड़छाड़
वहीं इस मामले में अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि यदि जमानत दी गयी तो आरोपी गवाहों पर दबाव डाल सकते हैं और सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं। वरिष्ठ सरकारी वकील शिशिर हिरय ने कहा कि उनका मुख्य तर्क यह था कि आरोपियों ने सबूतों के साथ छेड़छाड़ करके न्यायिक प्रणाली के साथ खिलवाड़ किया। हमने अपने पास उपलब्ध और अभियोजन एजेंसी की तरफ से जमा किए गए प्रथम दृष्टया साक्ष्यों के आधार पर अदालत के समक्ष मामला रखा है। इस मामले में आरोपपत्र पहले ही दाखिल किया जा चुका है। 
विज्ञापन
विज्ञापन




हादसे के बाद जो हुआ वो गंभीर मामला- सरकारी वकील
इसके अलावा हमने अदालत के समक्ष एक और मुद्दा रखा है कि दुर्घटना एक बात है, लेकिन दुर्घटना के बाद जो कुछ भी हुआ, जिसमें धोखाधड़ी की गई, रक्त का नमूना बदला गया, झूठी रक्त रिपोर्ट प्राप्त करने का प्रयास किया गया और उन झूठी रक्त रिपोर्ट प्राप्त करने के पीछे एकमात्र उद्देश्य यह देखना था कि आरोपी को दोषमुक्त कर दिया जाए या जो भी उस विशेष अपराध के लिए जिम्मेदार है उसे दंडित न किया जाए। हमने अदालत के समक्ष मामला रखा है कि यह देश की न्यायिक प्रणाली की नींव को हिलाने की कोशिश है और इसे बहुत गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed