Puja Khedkar: ‘न्यायपालिका अपना काम करेगी’, वाशिम में पूजा खेडकर ने छोड़ा सरकारी आवास; कहा- मैं वापस लौटूंगी
Puja Khedkar: आईएएस पूजा खेडकर ने वाशिम में अपना सरकारी आवास छोड़ दिया। इसके साथ ही उन्होंनेै फिर से वापस लौटने की बात कही। खेडकर पर फर्जी पहचान पत्र के जरिए सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
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विवादित प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर को लेकर देशभर में चर्चाएं हो रहीं हैं। इस महीने की शुरुआत में उन्हें वाशिम में नियुक्ति दी गई थी। तमाम आरोप लगने के बाद आज उन्होंने वाशिम में अपना सरकारी आवास छोड़ दिया। वाशिम में अपना सरकारी आवास छोड़ते समय पूजा खेडकर ने कहा, ‘न्यायपालिका अपना काम करेगी।’ आपको बता दें कि पूजा खेडकर पर फर्जी पहचान पत्र के जरिए सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई है। पूजा खेडकर का कहना है कि वे जल्द ही वापस लौटेंगीं। इसके बाद वे अपनी निजी कार से नागपुर के लिए रवाना हो गईं।
#WATCH | Washim, Maharashtra: On UPSC filing FIR against her, Trainee IAS Officer Puja Khedkar says, "The judiciary will take its course. Whatever is there, I will reply to that..." pic.twitter.com/MlJHx5OcR9
— ANI (@ANI) July 19, 2024विज्ञापन
फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी के मामले दर्ज
उधर, दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने प्रशिक्षु अधिकारी पूजा खेडकर के खिलाफ फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी के तहत मामले दर्ज किए हैं। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने पुलिस को शिकायत दी कि पूजा खेडकर ने अपना नाम, अपने माता-पिता का नाम, अपनी तस्वीर, हस्ताक्षर, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर और पता बदलकर फर्जी पहचान पहचान पत्र बनवाए। शिकायत में कहा गया है कि खेडकर ने धोखाधड़ी से परीक्षा दी।
पूजा खेडकर पर क्या हैं आरोप
आपको बता दें कि खेडकर का तबादला पुणे से वाशिम कर दिया गया था। उन्हें अतिरिक्त सहायक कलेक्टर के रूप में नियुक्ति मिली थी। इसके बाद जिलाधिकारी सुहास दिवसे ने वरिष्ठ अधिकारियों को खेडकर के आचरण के बारे में जानकारी दी थी। पूजा खेडकर पर आरोप लगाया गया कि प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी के रूप में उन सुविधाओं की मांग की, जिनकी वे हकदार नहीं थी। इसके अलावा उन पर एक वरिष्ठ अधिकारी के चैंबर पर कब्जा करने का भी आरोप है। खेडकर पर अपने पद का बेजां दुरुपयोग करने का भी आरोप है। बताया गया है कि पूजा खेडकर ने अपनी निजी ऑडी कार में लाल बत्ती और ‘महाराष्ट्र सरकार’ के प्लेट लगवाई। इस निजी कार में पूजा खेडकर वाशिम की सड़कों पर घूमती नजर आई।
यूपीएससी ने भेजा कारण बताओ नोटिस
उधर, यूपीएससी ने भी पूजा खेडकर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में पूछा गया है कि क्यों ना पूजा खेडकर की सिविल सेवा परीक्षा-2022 की उम्मीदवारी को रद्द किया जाए।
पूजा खेडकर के पिता को अंतरिम संरंक्षण
पुणे की सत्र अदालत ने प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर के पिता दिलीप खेडकर को भूमि विवाद में एक व्यक्ति को बंदूक दिखाकर धमकाने के मामले में गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया। पुणे ग्रामीण पुलिस ने इसी मामले में गुरुवार को पूजा की मां मनोरमा खेडकर को गिरफ्तार किया है। मनोरमा को 20 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है। दिलीप खेडकर ने गिरफ्तारी पूर्व जमानत के लिए अदालत में याचिका दायर की है। उनके वकील ने बताया कि जज एएन मारे ने उन्हें 25 जुलाई को अगली सुनवाई की तारीख 25 जुलाई तक गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण दिया है। वकील ने बताया कि अगर पुलिस उन्हें उससे पहले गिरफ्तार करती है, तो उन्हें जमानत पर रिहा करना होगा। पौड पुलिस स्टेशन में दिलीप और मनोरमा खेडकर के अलावा पांच अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
कांग्रेस की उच्च स्तरीय समिति के गठन की मांग
उधर, कांग्रेस का कहना है कि पूजा खेडकर के मामले ने यूपीएससी की नियुक्ति प्रक्रिया की शुचिता पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन की मांग की है। कांग्रेस ने उच्च स्तरीय समिति द्वारा ऐसे कई मामलों की जांच की मांग की है।