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Gujarat High Court: गुजरात हाईकोर्ट के जज के तबादले का विरोध, वकीलों ने नहीं किया न्यायिक कार्य, बनाई कमेटी

Tue, 26 Aug 2025 08:44 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद Published by: बशु जैन Updated Tue, 26 Aug 2025 08:44 PM IST
सार

गुजरात हाईकोर्ट अधिवक्ता संघ ने न्यायमूर्ति संदीप भट्ट के सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम में प्रस्तावित स्थानांतरण के खिलाफ प्रतिनिधित्व करने के लिए एक छह सदस्यीय समिति का भी गठन किया।

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Protest against the transfer of Gujarat High Court judge, lawyers did not do judicial work, formed a committee
गुजरात हाईकोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

गुजरात हाईकोर्ट के न्यायाधीश संदीप भट्ट के प्रस्तावित तबादले का विरोध तेज हो गया है। मंगलवार को गुजरात हाईकोर्ट अधिवक्ता संघ ने जज के तबादले के खिलाफ न्यायिक कार्य नहीं किया। साथ ही मामले को लेकर छह सदस्यीय समिति बनाई है। हालांकि स्थानांतरण के संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई है।
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गुजरात हाईकोर्ट अधिवक्ता संघ ने न्यायमूर्ति संदीप भट्ट के सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम में प्रस्तावित स्थानांतरण के खिलाफ प्रतिनिधित्व करने के लिए एक छह सदस्यीय समिति का भी गठन किया। इसमें अध्यक्ष बृजेश त्रिवेदी शामिल हैं। संघ ने प्रस्ताव में कहा कि सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि बार के सदस्य तत्काल प्रभाव से कार्य से विरत रहेंगे।
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बृजेश त्रिवेदी ने कहा कि न्यायमूर्ति संदीप भट्ट को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव दिया गया है। हम इसका विरोध करते हैं और अपना विरोध दर्ज कराने के लिए काम से विरत रहने का निर्णय लिया है।
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हाल ही में, न्यायमूर्ति संदीप भट्ट ने उच्च न्यायालय की रजिस्ट्री के खिलाफ एक आदेश पारित किया था। इसमें उन्होंने न्यायालय परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने में हो रही देरी को लालफीताशाही बताया था। रजिस्ट्री की ओर से न्यायमूर्ति एएस सुपेहिया और न्यायमूर्ति आरटी वच्छानी की खंडपीठ के समक्ष अपील दायर करने के बाद पीठ ने न्यायमूर्ति भट्ट द्वारा इस मामले की निगरानी पर यह कहते हुए रोक लगा दी कि केवल मुख्य न्यायाधीश ही इस शक्ति का प्रयोग कर सकते हैं।


कांग्रेस विधायक की हत्या के दोषी की सजा में छूट की गई रद्द
इससे पहले गुजरात हाईकोर्ट ने 1989 में कांग्रेस विधायक की हत्या के मामले में टाडा कानून के तहत आजीवन कारावास की सजा पाए दोषी की रिहाई को रद्द कर दिया था। हाईकोर्ट ने दोषी को दी गई राहत को अवैध और बिना किसी कानूनी अधिकार वाला बताया है। हाईकोर्ट ने दोषी को दो सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति हसमुख सुथार की पीठ ने गोंडल सीट से तत्कालीन कांग्रेस विधायक पोपट सोरठिया की हत्या के लिए टाडा के तहत दोषी अनिरुद्धसिंह जडेजा को दी गई राहत को अवैध करार दिया।
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