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HRD की रिपोर्ट: रोहित वेमुला आत्महत्या के लिए खुद जिम्मेदार
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 06 Oct 2016 05:45 PM IST
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रोहित वेमुला
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केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा रोहित वेमुला पर अपनी रिपोर्ट पेश कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार, हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय का छात्र रोहित आत्महत्या के लिए खुद जिम्मेदार है।
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश एके रूपनवाल ने 41 पन्नों की रिपोर्ट में कहा है कि रोहित को यूनिवर्सिटी हॉस्टल से निकाला जाना 'सबसे तार्किक' फैसला था। रोहित ने निजी हताशा के कारण आत्महत्या की न कि भेदभाव से। रिपोर्ट के अनुसार, रोहित की मां ने आरक्षण का लाभ लेने के लिए खुद को दलित बताया।
उन्होंने कहा कि पूर्व केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी और केंद्रीय मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने केवल अपना दायित्व निभाया और हैदराबाद यूनिवर्सिटी प्रशासन पर कोई दबाव नहीं डाला गया था।
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश एके रूपनवाल ने 41 पन्नों की रिपोर्ट में कहा है कि रोहित को यूनिवर्सिटी हॉस्टल से निकाला जाना 'सबसे तार्किक' फैसला था। रोहित ने निजी हताशा के कारण आत्महत्या की न कि भेदभाव से। रिपोर्ट के अनुसार, रोहित की मां ने आरक्षण का लाभ लेने के लिए खुद को दलित बताया।
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उन्होंने कहा कि पूर्व केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी और केंद्रीय मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने केवल अपना दायित्व निभाया और हैदराबाद यूनिवर्सिटी प्रशासन पर कोई दबाव नहीं डाला गया था।
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रिपोर्ट के लिए 50 से अधिक लोगों से बात की
फाइल फोटो: बौद्ध धर्म की दीक्षा लेता रोहिल वेमुला का परिवार
- फोटो : ANI
रिपोर्ट तैयार करने के लिए 50 से अधिक लोगों से बात की जिनमें से ज्यादातर यूनिवर्सिटी के टीचर, अधिकारी और अन्य कर्मचारी थे। पूर्व न्यायाधीश ने विश्वविद्यालय के पांच छात्रों और परिसर में आंदोलन चलाने वाली ज्वाइंट एक्शन कमेटी के सदस्यों से भी मुलाकात की।
रिपोर्ट के अनुसार रोहित का आत्महत्या करने का निर्णय खुद का था और उन्हें विश्वविद्यालय प्रशासन या सरकार ने इसके लिए मजबूर नहीं किया था।