{"_id":"5d8617c38ebc3e93db11a3b1","slug":"priyanka-gandhi-vadra-attacks-bjp-government-over-farmers-strike","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों को लेकर प्रचार करने वाली भाजपा अन्नदाताओं को बोलने नहीं देती: प्रियंका गांधी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
किसानों को लेकर प्रचार करने वाली भाजपा अन्नदाताओं को बोलने नहीं देती: प्रियंका गांधी
Sat, 21 Sep 2019 06:06 PM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Sat, 21 Sep 2019 06:06 PM IST
विज्ञापन
प्रियंका गांधी वाड्रा (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
अपनी मांगों को लेकर दिल्ली पहुंचे किसानों को राष्ट्रीय राजधानी के बाहर रोके जाने को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने शनिवार को आरोप लगाया कि किसानों की भलाई का प्रचार करने वाली भाजपा सरकार अन्नदाताओं को बोलने नहीं देती है।
विज्ञापन
उन्होंने ट्वीट कर सवाल भी किया, 'क्या कारण है कि किसानों को दिल्ली आकर अपनी मांग उठाने से रोक दिया जाता है? भाजपा सरकार अपने प्रचार में तो किसानों की भलाई बताती फिरती है?" प्रियंका ने यह भी पूछा, 'जब यूपी का किसान कहता है कि उन्हें गन्ने का बकाया चाहिए, कर्जमाफी और बिजली के दाम में कटौती चाहिए तो उन्हें बोलने क्यों नहीं दिया जाता?
विज्ञापन
क्या कारण है कि किसानों को दिल्ली आकर अपनी माँग उठाने से रोक दिया जाता है? भाजपा सरकार अपने प्रचार में तो किसानों की भलाई बताती फिरती है?
विज्ञापन विज्ञापन
फिर जब उप्र का किसान कहता है कि उन्हें गन्ने का बकाया चाहिए, कर्जमाफी और बिजली के दाम में कटौती चाहिए तो उन्हें बोलने क्यों नहीं दिया जाता? — Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) September 21, 2019
बता दें कि किसानों-मजदूरों की समस्याओं को लेकर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से दिल्ली पैदल मार्च कर आए भारतीय किसान संगठन को दिल्ली में घुसते ही रोक दिया गया था। किसान सैकड़ों की तादाद में दिल्ली बार्डर पर धरने पर बैठ गए थे।
उनकी मांगें थीं कि सरकार उनसे बात करे या फिर उन्हें दिल्ली के किसान घाट जाने दिया जाए। इसके बाद किसानों के 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को दिल्ली पुलिस की गाड़ी में कृषि मंत्रालय ले जाया गया और जहां उन्होंने अपनी मांगें रखीं।
बताया जा रहा है कि सरकार ने भारतीय किसान संगठन की 15 में से 5 मांगें मान ली हैं जिसके बाद किसानों ने अपने आंदोलन को खत्म करने का एलान किया।