पूर्वी यूपी को प्रचार का केंद्र बनाएंगी प्रियंका
भले ही कांग्रेस ने अमेठी और रायबरेली तक सीमित रही प्रियंका गांधी वाड्रा को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में स्टार प्रचारक बनाया हो, मगर उनकी भूमिका व्यापक नहीं होगी। पश्चिम उत्तर प्रदेश जहां पहले और दूसरे चरण में मतदान होना है, वहां प्रियंका को उतारने की योजना नहीं है। पार्टी की योजना दो चरणों के मतदान के बाद प्रियंका को चुनाव मैदान में उतारने और मुख्य रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश में केेंद्रित करने की है। हालांकि सपा चाहती है कि प्रियंका सांसद डिंपल यादव के साथ साझा रैली करे।
फिलहाल दोनों नेताओं की साझा रैलियों और रोड शो के लिए इलाहाबाद, वाराणसी और मैनपुरी पर चर्चाओं का दौर जारी है। गौरतलब है कि प्रियंका बीते करीब दो दशक से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की सीट रायबरेली और राहुल गांधी की सीट अमेठी में ही सक्रिय रही हैं।
पार्टी के विशिष्ट सूत्र के मुताबिक यूपी चुनाव में प्रियंका तीसरे चरण के मतदान वाले क्षेत्रों में प्रचार का आगाज करेंगी। हालांकि उनका मुख्य लक्ष्य पूर्वी उत्तर प्रदेश होगा, मगर सपा से गठबंधन के कारण वह तीसरे दौर में सपा के प्रभाव वाले क्षेत्रों में चुनाव प्रचार करेंगी। स्टार प्रचारक होने के बावजूद प्रियंका अमेठी, रायबरेली पर खास ध्यान देंगी। जबकि इसके इतर इलाहाबाद, वाराणसी सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश के चुनिंदा क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेंगी।
प्रियंका-डिंपल के संयुक्त कार्यक्रम अब तक तय नहीं
दरअसल सपा-कांग्रेस गठबंधन के बावजूद दोनों दलाें के वरिष्ठ नेताओं की साझा रैलियों और रोड शो को अंतिम रूप नहीं दिया गया है। हालांकि गठबंधन में एका और मजबूती दिखाने के लिए राहुल-अखिलेश का साझा रोड शो और संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस का सिलसिला शुरू हो गया है। मगर इसी तरह के प्रियंका-डिंपल संयुक्त कार्यक्रमों को अब तक अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है।
एकजुटता दिखाने साझा प्रेस कांफ्रेंस करेंगे जिला अध्यक्ष
सपा-कांग्रेस नेतृत्व ने जमीन पर दोनों दलों के कार्यकर्ताओं में तालमेल बैठाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। इस क्रम में दोनों ही दलों के नेतृत्व ने सभी जिला अध्यक्षों से संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस करने, ब्लॉक स्तर पर तालमेल बिठाने, गठबंधन की आवश्यकता और अहमियत की जानकारी देने का निर्देश दिया है।