प्रधानमंत्री मोदी बहरीन, यूएई और फ्रांस में ध्वस्त करेंगे पाकिस्तान का प्रोपैगैंडा
अनुच्छेद 370 को खत्म करने और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक -2019 को भारतीय संसद में मंजूरी मिलने के बाद से ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री खुलकर वक्तव्य दे रहे हैं। वहीं इमरान खान के जवाब में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शांत और सहज हैं। लेकिन जल्द ही प्रधानमंत्री मोदी बहरीन, यूएई और फ्रांस में अंतरराष्ट्रीय मंच से पाकिस्तान के प्रोपैगैंडा की हवा निकालने वाले हैं।
22 से 27 अगस्त तक यात्रा में व्यस्त
आगामी 22 अगस्त को प्रधानमंत्री फ्रांस में होंगे, 23-24 अगस्त को यूएई और बहरीन में रहेंगे। वहीं 25 अगस्त को प्रधानमंत्री फ्रांस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के आमंत्रण पर विशेष मेहमान के तौर पर जी-7 सदस्य देशों के शिखर नेताओं के साथ होंगे।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने दिया था साथ
फ्रांस में 22 अगस्त को राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ होने वाली द्विपक्षीय वार्ता में प्रधानमंत्री एक बार फिर आतंकवाद का मुद्दा उठाएंगे। पुलवामा में आतंकी हमला और आपरेशन बालाकोट, अनुच्छेद 370, धारा 35ए हटाने और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक पर फ्रांस से मिले अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर राष्ट्रपति का आभार व्यक्त करेंगे। इसके अलावा दोनों देशों के शिखर नेताओं के बीच में आतंकवाद पर साझा सहयोग, अंतरिक्ष कार्यक्रम, सौर ऊर्जा में परस्पर सहयोग, साझेदारी तथा अन्य आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।
'आर्डर आफ जायद' से होंगे सम्मानित
23 को प्रधानमंत्री संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के लिए रवाना होंगे। यूएई ने इसी साल अप्रैल महीने में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता के लिए उन्हें अपना श्रेष्ठ सम्मान 'आर्डर आफ जायद' से सम्मानित करने का एलान किया था। प्रधानमंत्री मोदी यह सम्मान पाने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री होंगे। यह 2015 के बाद से यह प्रधानमंत्री का तीसरा दौरा होगा। इस दौरान प्रधानमंत्री वहां लोगों को संबोधित करेंगे। यूएई से प्रधानमंत्री बहरीन भी जाएंगे। बहरीन के साथ आपसी रिश्ते, साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा होगी और इसके बाद प्रधानमंत्री 25 अगस्त को फ्रांस लौट आएंगे।
किसी भारतीय पीएम को मिला पहला सम्मान
फ्रांस के बियारिज में 45वां जी-7 शिखर सम्मेलन हो रहा है। हालांकि भारत विकसित देशों के संगठन जी-7 का सदस्य नहीं है, राष्ट्रपति मैंक्रा के विशेष आमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी इसमें शरीक हो रहे हैं। जी-7 के सदस्य देशों में जापान, अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, जर्मनी, कनाडा हैं। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के अलावा इसमें आस्ट्रेलिया और स्पेन के राष्ट्राध्यक्षों को भी आमंत्रित किया गया है। लेकिन किसी भारतीय प्रधानमंत्री को विशेष आमंत्रण के तौर पर मिलने वाला यह पहला सम्मान है। जी-7 के सत्र में प्रधानमंत्री जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण, महासागरों और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर अपने विचार रखेंगे।
हो सकती है ट्रंप के साथ बैठक
प्रधानमंत्री 25-26 अगस्त को जी-7 शिखर सम्मेलन के नेताओं के साथ न केवल बैठक करेंगे बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर विश्व शांति और सद्भाव को आगे बढऩे की अपील भी करेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के मध्य द्विपक्षीय भेंट की कोशिशें भी जारी हैं। समझा जा रहा है कि यहां भी प्रधानमंत्री आतंकवाद को विश्व शांति के लिए बड़ा खतरा बताते हुए इसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने का आह्वान कर सकते हैं।