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हरित क्रांति के 50 साल, अब आर्थिक असमानता खत्म करना है लक्ष्य: पीएम मोदी
amarujala.com, Presented By: श्रवण शुक्ला
Updated Fri, 19 May 2017 05:16 PM IST
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पीएम नरेंद्र मोदी
- फोटो : Deccan Chronicle
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में हरित क्रांति के 50 साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में पीसी केशवन द्वारा एम एस स्वामीनाथन पर लिखी किताब '50 इयर्स ऑफ ग्रीन रिजोल्यूशन' का विमोचन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारा पहला लक्ष्य देश के हर हिस्से में व्याप्त आर्थिक असमानता को दूर करना है। बता दें कि भारत में जब हरित क्रांति की शुरूआत की गई थी, तो उस पूरे प्रोजेक्ट की अगुवाई महा वैज्ञानिक एम.एस. स्वामीनाथन ने किया था। स्वामीनाथन को पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्मविभूषण जैसे सर्वोच्च सम्मानों से नवाजा जा चुका है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने '50 इयर्स ऑफ ग्रीन रिजोल्यूशन' का विमोचन करते हुए कहा कि हिंदुस्तान का हर हिस्सा आर्थिक आधार पर अभी अलग है। हमें इस आर्थिक असमानवा को दूर करने की जरूरत है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमें जल, जमीन के लिए प्रौद्योगिकी के विकास की जरूरत है। सरकार इसके लिए लगातार प्रयास कर रही है।
पर्यावरण क्रांति की जरूरत
प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि के लिए जल संरक्षण के मुद्दे का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जल संरक्षण के साथ ही जल का वैज्ञानिक तरीके से उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की नदियों को जोड़ने का अभियान कृषि का उत्पादन बढ़ाने के लिए चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नदियों को बचाना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। इसके अलावा सिंचाई को लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के बारे में भी जानकारी दी।
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संभल जाओ! प्रकृति से छेड़छाड़ से पड़ेगी भारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वामीनाथन की तारीफ करते हुए कहा कि शायद ही किसी ने स्वामीनाथन जी को अप्रसन्न देखा हो। कार्यक्रम की शुरूआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत चावल की माला से किया गया। पीएम नरेंद्र मोदी ने इस कार्यक्रम में कई अन्य किताबों का विमोचन भी किया।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने '50 इयर्स ऑफ ग्रीन रिजोल्यूशन' का विमोचन करते हुए कहा कि हिंदुस्तान का हर हिस्सा आर्थिक आधार पर अभी अलग है। हमें इस आर्थिक असमानवा को दूर करने की जरूरत है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमें जल, जमीन के लिए प्रौद्योगिकी के विकास की जरूरत है। सरकार इसके लिए लगातार प्रयास कर रही है।
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प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि के लिए जल संरक्षण के मुद्दे का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जल संरक्षण के साथ ही जल का वैज्ञानिक तरीके से उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की नदियों को जोड़ने का अभियान कृषि का उत्पादन बढ़ाने के लिए चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नदियों को बचाना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। इसके अलावा सिंचाई को लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के बारे में भी जानकारी दी।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वामीनाथन की तारीफ करते हुए कहा कि शायद ही किसी ने स्वामीनाथन जी को अप्रसन्न देखा हो। कार्यक्रम की शुरूआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत चावल की माला से किया गया। पीएम नरेंद्र मोदी ने इस कार्यक्रम में कई अन्य किताबों का विमोचन भी किया।