फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Prime Minister Narendra Modi attacks Congress and First PM Jawahar lal Nehru over his indecision for Goa Liberation news and updates

पीएम का नेहरु पर वार: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छवि की चिंता थी, इसलिए आजादी के 15 साल बाद भी गुलाम रहा गोवा

Tue, 08 Feb 2022 01:54 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Tue, 08 Feb 2022 01:54 PM IST
सार

पीएम मोदी ने राज्यसभा में अपने भाषण के दौरान कहा, "जिस तरह से सरदार पटेल ने हैदराबाद के लिए रणनीति बनाई, जूनागढ़ के लिए रणनीति बनाई। अगर सरदार पटेल ने गोवा के लिए भी वैसे ही रणनीति बनाई होती, तो गोवा को भारत की आजादी के 15 साल तक गुलाम नहीं रहना पड़ता।" 

विज्ञापन
Prime Minister Narendra Modi attacks Congress and First PM Jawahar lal Nehru over his indecision for Goa Liberation news and updates
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में देश के पहले पीएम जवाहर लाल नेहरु के लाल किले से दिए भाषण पर निशाना साधा। - फोटो : Social Media

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव का अनुमोदन किया। हालांकि, इससे पहले उन्होंने अपने भाषण में कांग्रेस पर जमकर निशाने साधे। पीएम मोदी ने एक मौके पर तो गोवा की स्वतंत्रता को लेकर पंडित जवाहर लाल नेहरु को घेर लिया। उन्होंने कहा कि अगर सरदार पटेल की तरह ही कोई रणनीति बनाने वाला नेता होता, तो गोवा की आजादी में इतना लंबा समय नहीं लगता। लेकिन कुछ नेताओं को अपनी अंतरराष्ट्रीय छवि की चिंता थी, इसलिए उन्होंने गोवा में फौज भेजने से साफ इनकार कर दिया था। 
विज्ञापन


विज्ञापन


राज्यसभा में गोवा को लेकर क्या बोले पीएम मोदी?  
प्रधानमंत्री ने राज्यसभा में भाषण के दौरान कहा, "गोवा के लोग जरूर सुनते होंगे मेरी बात को। जिस तरह से सरदार पटेल ने हैदराबाद के लिए रणनीति बनाई, जूनागढ़ के लिए रणनीति बनाई। अगर सरदार पटेल ने गोवा के लिए भी वैसे ही रणनीति बनाई होती, तो गोवा को भारत की आजादी के 15 साल तक गुलाम नहीं रहना पड़ता। उस समय की मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि तब के प्रधानमंत्री अंतरराष्ट्रीय छवि का क्या होगा, ये उनकी पहली प्राथमकिता थी। दुनिया में मेरी छवि खराब हो जाएगी, ये पंडित नेहरु की सोच थी।" 
विज्ञापन
विज्ञापन


"नेहरु जी को लगता था कि अंतरराष्ट्रीय नेता के तौर पर उनकी छवि खराब हो जाएगी, इसलिए जब वहां सत्याग्रहियों पर गोलियां चल रही थीं। हिंदुस्तान के मेरे भाई बहनों पर गोलियां चल रही थीं, तब हमारे प्रधानमंत्री ने कहा था कि मैं देश की सेना नहीं भेजूंगा। सत्याग्रहियों की मदद के लिए कांग्रेस ने कोई मदद नहीं भेजूंगा। गोवा की आजादी के लिए देश के कई वीर पुत्रों को बलिदान देना पड़ा।" 

'लाल किले से किया था एलान- हम गोवा में अपनी फौज नहीं भेजेंगे'
नेहरु जी ने 15 अगस्त 1955 को लाल किले से जो कहा था। मैं कोट करना चाहता हूं। कांग्रेस के लोग यहां होते तो नेहरु जी को सुनकर उनका दिन अच्छा जाता- "कोई धोखे में न रहे कि हम वहां फौजी कार्रवाई करेंगे। कोई फोर्स गोवा के पास नहीं है। अंदर के लोग चाहते हैं कि कोई ऐसी स्थिति पैदा हो कि हम फौज भेजने के लिए मजबूर हो जाएं। समझ लें सब लोग इस बात को कि हम फौज नहीं भेजेंगे।" ये नेहरु जी का बयान है गोवा के लोगों के लिए। नेहरु जी ने कहा था- "जो लोग वहां जा रहे हैं उनको वहां जाना मुबारक हो। लेकिन ये भी याद रखें कि अपने को सत्याग्रही कहते हैं तो सत्याग्रह के सिद्धांत याद रखें। सत्याग्रह में गोलियां नहीं चलतीं। सत्याग्रह के दौरान गोवा को अकेला छोड़ दिया गया।" 

पीएम ने कहा कि नेहरु जी ने उस वक्त गोवा की आजादी के लिए सत्याग्रह करने जा रहे नेताओं को भी चेतावनी दी थी। लोहिया जी के साथ कई नेता उस दौरान गोवा जा रहे थे। पीएम ने जवाहर लाल नेहरु के लाल किले से दिए भाषण को लेकर कहा- "देखिए मजाक देखिए, देशवासियों के लिए क्या अंहकार झलकता है।" 


पीएम को कांग्रेस का जवाब, पूंजीपतियों  का अमृत काल, बाकी सबका राहुकाल
राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कांग्रेस पर हमले का पार्टी जवाब दिया है। कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि आजादी के 75वें साल में केवल झूठ, नफरत, अहंकार और पूंजीपतियों का अमृत काल चल रहा है। वहीं युवाओं, किसानों, गृहिणियों, गरीबों और छोटे दुकानदारों का तो राहुकाल चल रहा है।

सुरजेवाला ने कहा कि प्रधानमंत्री बड़बोले भाषणों से बाज आएं और कुछ काम किया हो तो बताएं। सुरजेवाला ने कहा, कांग्रेस है इसलिए कभी 2 सांसदों वाली पार्टी आज सत्ता में है। दमन यंत्रों के बीच भी जनता की आवाज है। जुमलों वाली सरकार की सनक के बीच जनसेवा का धर्म निभाने वाला समर्पित विपक्ष है। पूंजीपतियों की गुलामी नहीं देश की परवाह है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed