Gaza War: ओवैसी की अपील- फलस्तीनियों के साथ एकजुटता दिखाएं पीएम मोदी, गाजा के लोगों के साथ हो रही बेरहमी
Gaza War: असदुद्दीन ओवैसी ने आरोप लगाया कि गाजा में जो कुछ हो रहा है वह ‘जातीय संहार’ है। उन्होंने कहा कि इजराइल ‘युद्ध अपराध’ कर रहा है तथा भारत सरकार एवं देश को उसकी निंदा करनी चाहिए।
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इस्राइल-फलस्तीन संघर्ष के बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री से फलस्तीनी लोगों के साथ एकजुटता दिखाने की अपील की। उन्होंने कहा कि फलस्तीन केवल मुसलमानों का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह एक मानवीय मुद्दा है और यह उन सभी से जुड़ा है जो इंसाफ चाहते हैं।
हैदराबाद के सांसद ओवैसी ने शनिवार रात को यहां एक जनसभा के दौरान मीडिया में प्रकाशित खबरों का हवाला देते हुए कहा कि ‘जालिम’ इस्राइली सरकार ने पिछले छह दिनों में गाजा पर 6000 बम बरसाए हैं, जिसके कारण बच्चों और महिलाओं समेत 1500 से अधिक फलस्तीनी मारे गये तथा कई हजार घायल हुए हैं।
ओवैसी ने आरोप लगाया कि गाजा में जो कुछ हो रहा है वह ‘जातीय संहार’ है। उन्होंने कहा कि इजराइल ‘युद्ध अपराध’ कर रहा है तथा भारत सरकार एवं देश को उसकी निंदा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह फलस्तीन के साथ खड़े हैं और ऐसा करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि गाजा के 21 लाख गरीब लोगों में 10 लाख बेघर हो गये हैं।
ओवैसी ने आरोप लगाया कि ‘जालिम’ इस्राइली सरकार चाहती है कि गाजा से सभी लोगों को निकाल दिया जाए। उन्होंने कहा कि मानवाधिकार की बात करने वाली दुनिया आज चुप्पी साधी हुई है। उन्होंने कहा कि 70 साल से इस्राइल ‘कब्जा करने वाला’ तथा फलस्तीन ‘कब्जे का शिकार’ रहा है।
उन्होंने कहा, 'आप कब्जा नहीं देख सकते, आप क्रूरता नहीं देख सकते ....जो भी हिंसा करता है, हम उसकी निंदा करते हैं। यह फलस्तीनी लोगों का जातीय संहार है। गाजा के लोगों पर बेरहमी की जा रही है। अमेरिका, ब्रिटेन यूरोप आज मूकदर्शक बने हुए हैं।'
ओवैसी ने कहा, ‘हम अपने प्रधानमंत्री से कहना चाहेंगे...मोदीजी गाजा में फलस्तीनियों पर किये जा रहे अत्याचार को रुकवाइए, फलस्तीनी लोगों के साथ एकजुटता दिखाइए। इक्कीस लाख लोगों में 10 लाख लोग बेघर हो गये हैं। (इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन) नेतान्याहू दैत्य हैं, वह युद्ध अपराधी हैं। मकानों को जमींदोज किया जा रहा है, 6000 बमों का इस्तेमाल किया गया।’
उन्होंने कहा, ‘हम प्रधानमंत्री को याद दिलाना चाहेंगे कि महात्मा गांधी ने क्या कहा था। गांधी ने कहा था कि फलस्तीन अरबों का है। फलस्तीन अरबों की भूमि है। यह निराशाजनक है कि हमारी सरकार चुप है। यदि हमें महाशक्ति और मतदान के अधिकार के साथ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का सदस्य बनना है तो हमारी सरकार और हमारे देश को इस्राइल के युद्ध अपराध की निंदा करनी ही होगी। फलस्तीनियों की मदद कीजिए, जिन्हें गाजा से निकाला जा रहा है।'
ओवैसी ने कहा कि हमारे देश में एक बाबा मुख्यमंत्री ने कहा कि फलस्तीन का नाम लेने वालों पर मामला दर्ज करो। उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री सुन लीजिए, मैं अपने तिरंगे के साथ फलस्तीन का झंडा लहरा रहा हूं। मैं फलस्तीन के साथ खड़ा हूं और खड़ा रहूंगा। फलस्तीन मुद्दा केवल मुसलमानों का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह मानवीय मुद्दा है।’