माय होम इंडिया युवा सम्मेलन में बोले राष्ट्रपति: देश को विश्व शक्ति बनाने में मदद कर रही है ‘भारत मेरा घर’ की भावना
रामनाथ कोविंद ने इस अवसर पर कहा कि राष्ट्रपति के रूप में दुनिया के अनेक स्थानों पर मुझे जाने और वहां भारतवंशियों से मिलने का अवसर मिला। वास्तव में वह भारत के सच्चे राजदूत की भूमिका निभा रहे हैं। वे यहां से दूर रहते हुए भी भारतीय संस्कृति को वहां ले जाने का काम कर रहे हैं...
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विदेश में रह रहे भारतवंशियों के मन में पल रही यही भावना कि भारत मेरा घर (माय होम इंडिया) है, भारत को विश्व शक्ति बनाने में मदद कर रही है। भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने यह बात शनिवार को विज्ञान भवन में युवा सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही। राष्ट्रपति कोविंद स्वयंसेवी संस्था ‘माय होम इंडिया’ की एक प्रकल्प राष्ट्रवाद पर मंथन के अंतर्गत आयोजित ‘युवा सम्मेलन’ में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। ‘माई होम इंडिया’ पिछले 17 वर्षों से विभिन्न वर्गों के बीच देश की एकता को मजबूत करने के लिए काम करती आ रही है।
रामनाथ कोविंद ने इस अवसर पर कहा कि राष्ट्रपति के रूप में दुनिया के अनेक स्थानों पर मुझे जाने और वहां भारतवंशियों से मिलने का अवसर मिला। वास्तव में वह भारत के सच्चे राजदूत की भूमिका निभा रहे हैं। वे यहां से दूर रहते हुए भी भारतीय संस्कृति को वहां ले जाने का काम कर रहे हैं। उनके दिलों में ‘माय होम इंडिया’ की यह भावना सदैव जागृत रखने की जरूरत है। राष्ट्रपति ने भारतीय युवाओं की उनकी उद्यमशीलता के लिए भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत धीरे-धीरे यूनीकॉर्न से डीकेकॉर्न युग की ओर बढ़ रहा है। मई 2022 तक 47 कंपनियों की पहचान डीकेकॉर्न (10 अरब अमरीकी डॉलर से अधिक वाली कंपनियां) के रूप में की गई है। इनमें से चार कंपनियां भारतीय हैं और इन चार में से तीन को युवा चला रहे हैं।
राष्ट्रपति ने कोविड महामारी के दौरान भी युवाओं द्वारा निभाई गई भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि 2030 में भारत सर्वाधिक युवाओं की जनसंख्या वाला देश बन जाएगा। हमें इसका सर्वाधिक लाभ उठाने के लिए तैयार होना चाहिए। स्वामी विवेकानंद देश की उन्नति के लिए हमेशा युवाओं पर भरोसा करते थे। उनका यह विचार आज भी प्रासंगिक है, और आने वाले समय में यही हमें दिशा देगा। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे नौकरियां देनेवाले बनें, न कि नौकरियां मांगने वाले। ऐसा करके ही वे राष्ट्रनिर्माण में सहायक हो सकते हैं।
राष्ट्रपति ने माय होम इंडिया के कार्यों की सराहना की। विशेष तौर पर उसकी एक शाखा ‘सपनों से अपनों तक’ द्वारा किए जा रहे कार्यों की। यह शाखा अपने दूर-दराज के गांवों से भागकर शहरों में आ गए बच्चों को बालगृहों से मुक्त करवाकर उनके पुनः उनके माता-पिता से मिलवाने का काम करती आ रही है। इसी प्रकार ‘राष्ट्रवाद पर मंथन’ के जरिए राष्ट्रवाद को लेकर पैदा की जा रही सही समझ की भी राष्ट्रपति ने प्रशंसा की।
इस समारोह में माई होम इंडिया के अध्यक्ष एवं सुप्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक डॉ. हरीश शेट्टी, सुप्रसिद्ध वकील एवं दिल्ली इकाई के अध्यक्ष बी.आर. सचदेवा, कार्यकारी अध्यक्ष मनोज मेनन, महासचिव सुहास सावंत, कोषाध्यक्ष सी.वी. देवधर एवं ट्रस्टी मार्योदा पासवेट भी मंच पर राष्ट्रपति कोविंद के साथ उपस्थित रहे। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव एवं माय होम इंडिया के संस्थापक सुनील देवधर ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए इस समारोह को संबोधित किया।