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नई शिक्षा नीति लागू करके जम्मू-कश्मीर को ज्ञान का केंद्र बनाएं : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
Mon, 21 Sep 2020 03:40 AM IST
Kuldeep Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Mon, 21 Sep 2020 03:40 AM IST
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
- फोटो : President of India Website
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राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने जम्मू-कश्मीर में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) लागू करने की बात कही। उन्होंने रविवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर में एनईपी को लागू करके जम्मू-कश्मीर को ज्ञान, नवाचार और सीखने का केंद्र बनाने के लिए दृढ़ प्रयास किए जाने चाहिए।
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कल्हण की राजतरंगिणी और महायान बौद्ध धर्म का दिया हवाला
राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि जम्मू-कश्मीर बेहद बुद्धिमान, प्रतिभाशाली और नए बच्चों का भंडार है और नई शिक्षा नीति लागू करने से यहां के छात्रों में उत्साह का संचार होगा। उन्होंने कहा कि एनईपी को लागू करने की सच्ची भावना को समझते हुए ज्ञान, नवोन्मेष और सीखने के लिए एक दृढ़ संकल्प लिया जाना चाहिए। ये कदम जम्मू-कश्मीर को एक बार फिर से धरती पर स्वर्ग बना देंगे, जो कि भारत माता के मुकुट पर एक चमकीले गहने की तरह है।
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राष्ट्रपति ने जम्मू-कश्मीर में एनईपी के कार्यान्वयन पर एक सम्मेलन के दौरान ये टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा कि भारत में एक अभूतपूर्व जनसांख्यिकीय भाग है, लेकिन इसे तभी सकारात्मक रूप से महसूस कर सकते हैं, जब जनसंख्या का एक बड़ा भाग युवा, कुशल, पेशेवर और वास्तविक अर्थों में शिक्षित हो जाए। कल्हण की राजतरंगिणी और महायान बौद्ध धर्म के उदाहरणों का हवाला देते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपराओं का इतिहास उन्हें ध्यान में रखे बिना अधूरा रहेगा।
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अपने समय में इनके सिद्धांत कश्मीर में काफी लोकप्रिय थे। हमारी परंपरा और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समझना महत्वपूर्ण है, जिसे केवल हमारी मातृभाषा में ही समझा जा सकता है। नई शिक्षा नीति में प्रोत्साहित की जा रही मातृभाषा हमारे देश के सांस्कृतिक लोकाचार का पालन करती है।