शिक्षक दिवस आज, राष्ट्रपति ने देशभर के शिक्षकों को किया सम्मानित, 46 को मिला नेशनल टीचर अवार्ड
- राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने विज्ञान भवन में राज्यों के शिक्षकों को सम्मानित किया
- मानव संसाधन विकास मंत्रालय शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ठ प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को नेशनल टीचर अवार्ड देता है
- पहली बार डिफेंस मिनिस्ट्री के अधीनस्थ सैनिक स्कूलों के शिक्षकों को भी शामिल किया गया
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शिक्षा की गुणवत्ता, इनोवेशन समेत पढ़ाई को रोचक बनाने के लिए देश के 46 शिक्षकों को आज नेशनल टीचर अवार्ड 2019 से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज (गुरुवार) विज्ञान भवन में जम्मू कश्मीर, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड समेत अन्य राज्यों के शिक्षकों को सम्मानित किया।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ठ प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को नेशनल टीचर अवार्ड 2019 देता है। इसमें हरियाणा स्थित रेवाड़ी के गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल मोहनपुर बवाल के हिंदी शिक्षक राजेश कुमार, हिमाचल प्रदेश स्थित चंबा के गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल चंबा के प्रिंसिपल विकास महाजन, जम्मू कश्मीर स्थित कठुआ के गवर्नमेंट अपर प्राइमरी स्कूल लाहारी बरनोटी के मास्टर गुरनाम सिंह, पंजाब स्थित मानसा के गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल रंगहेरिल बुद्धलाडला के साइंस शिक्षक अमरजीत सिंह, उत्तर प्रदेश स्थित बारांबकी के अपर प्राइमरी स्कूल म्यानगंज दरियाबाद के अस्सिटेंट टीचर आशुतोष आनंद, उत्तराखंड स्थित देहरादून के गवर्नमेंट इंटर कॉलेज मिश्रापट्टी शहसपुर के फिजिक्स के लैक्चरर रमेश प्रसाद बदुनी, दिल्ली के शहीद भाई बल मुकुंद गवर्नमेंट सर्वोदय विद्यालय शंकराचार्य मार्ग, उत्तरी दिल्ली के वाइस प्रिंसिपल देवेंद्र कुमार को शिक्षा के क्षेत्र में सबसे बड़ा पुरस्कार मिला।
पहली बार सैनिक स्कूल के शिक्षक भी शामिल
पहली बार डिफेंस मिनिस्ट्री के अधीनस्थ सैनिक स्कूलों के शिक्षकों को भी शामिल किया गया है। इसमें सैनिक स्कूल अंबिकापुर छत्तीसगढ़ के पीजीटी इंग्लिश के शिक्षक विजय कुमार पांडे और ऑटोमिक एनर्जी एजुकेशन सोसायटी अंडर डिपार्टमेंट ऑफ ऑटोमिक एनर्जी के ऑटोमिक एनर्जी सेंट्रल स्कूल मुंबई के पीजीटी शिक्षक डॉ. ए जुबिन जियोल को नेशनल टीचर अवार्ड से सम्मानित किया गया।
केवी और सीबीएसई के दो-दो शिक्षकों को सम्मान
केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवी) और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के दो-दो शिक्षकों को यह सम्मान मिला। इसमें केवी एमईजी बंगलूरू के पीजीटी शिक्षक अय्यर रेवती राजाराम, केवी खानपुरा असम की पीजीटी बॉयोटेक्नोलॉजी की शिक्षिका रम्मया परमेश्वरम अय्यर का नाम शामिल हैं। जबकि सीबीएसई वर्ग में एसआरडीएवी पब्लिक स्कूल पूर्वी दिल्ली की पीजीटी कंप्यूटर साइंस की शिक्षिका विनीता गर्ग और गाजियाबाद के एसए जयपुरिया स्कूल की प्रिंसिपल मंजु राणा को नेशनल टीचर अवार्ड मिला। इसके अलावा नवोदय विद्यालय समिति के जेएनवी असम के प्रिंसिपल पी राजेश को सम्मान दिया गया।
Delhi: President Ram Nath Kovind presents National Awards to teachers on #TeachersDay today. pic.twitter.com/NWEyjOOrrg
— ANI (@ANI) September 5, 2019
ज्ञान एवं विवेक से परिपूर्ण पीढ़ी का निर्माण शिक्षकों की मौलिक जिम्मेदारी : राष्ट्रपति कोविंद
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्ण की जयंती शिक्षक दिवस पर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान करने के बाद कोविंद ने यहां एक समारोह में कहा कि विश्व आज सूचना युग से ज्ञान युग में प्रवेश कर रहा है। लेकिन केवल ज्ञान के विकास से ही समाज की समग्र सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती। ज्ञान के साथ विवेक जरूरी है। विवेक सम्मत ज्ञान से ही मानवीय समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है ।
उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ मानवीय करूणा का मेल तथा डिजिटल ज्ञान के साथ चरित्र निर्माण के बीच सामंजस्य जरूरी हैं। विवेकपूर्ण ज्ञान के आधार पर ही हम जलवायु परिवर्तन, प्रजातियों के लुप्त होने, प्राकृतिक जल स्रोतों की कमी होने, ग्लेशियर के पिघलने, प्रदूषित हवा जैसी समस्याओं का हल निकाल सकते हैं ।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बूंद बूंद पानी बचाने की सीख देकर शिक्षक भी जल संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। विवेक के बल पर ही समाज के हर क्षेत्र में व्यवसायीकरण, जीवन मूल्यों में गिरावट से उत्पन्न चुनौतियों का हम सभी सामना कर पायेंगे।
शिक्षकों की जिम्मेदारियों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि आप सभी अपनी मौलिक जिम्मेदारियों को रेखांकित करते हुए ऐसी पीढ़ी का निर्माण करें जो ज्ञान एवं विवेक से परिपूर्ण हो। यही सच्चे अर्थों में शिक्षक दिवस की प्रामाणिकता होगी। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में एक शिक्षक के रूप में आचार्य चाणक्य, स्वामी विवेकानंद एवं डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्ण की सीख को भी उद्धृत किया।