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Prabowo Subianto: 'भारत-इंडोनेशिया संबंध हजारों साल पुराने; राष्ट्रपति भवन में प्रबोवो के सम्मान में रात्रिभोज
Sat, 25 Jan 2025 11:53 PM IST
शिव शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शुक्ला
Updated Sat, 25 Jan 2025 11:53 PM IST
सार
राष्ट्रपति मुर्मू ने मुख्य अतिथि के रूप में गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने के निमंत्रण को स्वीकार करने के लिए राष्ट्रपति सुबियांतो को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक अवसर है, क्योंकि 75 साल पहले 1950 में हमारे पहले गणतंत्र दिवस पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुकर्णो मुख्य अतिथि के रूप में आए थे।
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इंडोनेशियाई समकक्ष के साथ राष्ट्रपति मुर्मू
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के बीच सभ्यतागत संबंध हजारों साल पुराने हैं। भारत की अपनी पहली राजकीय यात्रा पर आए राष्ट्रपति सुबियांतो का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि बहुलवाद, समावेशिता और कानून के शासन के मूल्य दोनों देशों के लिए समान हैं। इन साझा मूल्यों ने हमारे समकालीन संबंधों को दिशा दी है।
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राष्ट्रपति मुर्मू ने मुख्य अतिथि के रूप में गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने के निमंत्रण को स्वीकार करने के लिए राष्ट्रपति सुबियांतो को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक अवसर है, क्योंकि 75 साल पहले 1950 में हमारे पहले गणतंत्र दिवस पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुकर्णो मुख्य अतिथि के रूप में आए थे। यह हमारे दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक संबंधों और मजबूत लोकतांत्रिक परंपरा का प्रतिबिंब है। इस बीच उन्होंने सुबियांतो के सम्मान में राष्ट्रपति भवन में भोज का आयोजन भी किया। राष्ट्रपति मुर्मू ने भारत और इंडोनेशिया के बीच सहस्राब्दियों पुराने सभ्यतागत संबंधों को भी याद किया। इसमें ओडिशा में मनाई जाने वाली 'बाली यात्रा' भी शामिल है, जो प्राचीन काल में भारत से बाली और इंडो-पैसिफिक के अन्य क्षेत्रों में भारतीय नाविकों और व्यापारियों द्वारा की गई यात्राओं की याद दिलाती है।
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भारत और इंडोनेशिया विशाल उभरते बाजार
राष्ट्रपति मुर्मू ने इस बात पर जोर दिया कि समकालीन समय में भारत और इंडोनेशिया के विशाल उभरते बाजार है। भौगोलिक निकटता और आर्थिक संरचनाओं में समानताएं द्विपक्षीय व्यापार और निवेश के विस्तार की अपार संभावनाएं प्रदान करती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रक्षा और अंतरिक्ष सहयोग उनके द्विपक्षीय संबंधों के महत्वपूर्ण तत्व बनकर उभर रहे हैं।
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रक्षा और व्यापार संबंधों को विस्तार देंगे भारत और इंडोनेशिया
इससे पहले, भारत और इंडोनेशिया ने रक्षा विनिर्माण और आपूर्ति शृंखला में संयुक्त रूप से काम करने पर सहमति जताई। भारत के दौरे पर आए इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई व्यापक चर्चा में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार में विविधता लाने और समुद्री सुरक्षा संबंधों को बढ़ावा देने का भी फैसला किया। साइबर सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी और कट्टरवाद से निपटने में भी दोनों देश मिलकर काम करेंगे। स्वास्थ्य, संस्कृति और डिजिटल स्पेस जैसे क्षेत्रों में सहयोग वाले पांच समझौतों पर हस्ताक्षर भी किए गए। सुबियांतो रविवार को कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे।
सुबियांतो के साथ वार्ता के बाद बोले पीएम
गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने आए सुबियांतो के साथ वार्ता के बाद जारी बयान में पीएम मोदी ने दक्षिण पूर्व एशियाई देश को हिंद-प्रशांत और आसियान (दक्षिण पूर्व एशियाई देशों का संगठन) में भारत का महत्वपूर्ण साथी बताया। पीएम ने कहा कि हम दोनों इस पूरे क्षेत्र में शांति, सुरक्षा, समृद्धि और नियम-आधारित व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम मानते हैं कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित की जानी चाहिए। दोनों का यह बयान इस लिहाज से अहम है कि दक्षिण चीन सागर के साथ ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन लगातार अपनी सैन्य ताकत बढ़ा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए, हमने रक्षा विनिर्माण और आपूर्ति शृंखला में एक साथ काम करने का फैसला किया है। हमने समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा में सहयोग पर भी जोर दिया है। फिनटेक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), इंटरनेट और डिडिटल क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग को और मजबूत करने पर बल दिया है। ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में मिलकर काम करने का भी निर्णय लिया।
पीएम मोदी ने कहा कि समुद्री सुरक्षा और संरक्षा में हुए समझौते से अपराध की रोकथाम, खोज और बचाव के साथ ही क्षमता निर्माण में द्विपक्षीय सहयोग और मजबूत होगा। पिछले कुछ वर्षों में हमारे द्विपक्षीय व्यापार में तेजी आई है और पिछले वर्ष यह 30 अरब डॉलर से अधिक हो गया। इसे और बढ़ाने के लिए हमने बाजार में पहुंच और व्यापार के क्षेत्रों में विविधता लाने के बारे में बात की है।
भारत के साथ साझेदारी बहुत अहम : सुबियांतो
पिछले साल अक्तूबर में राष्ट्रपति बनने के बाद भारत की पहली राजकीय यात्रा पर आए सुबियांतो का राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी ने औपचारिक स्वागत किया। इसके लिए उन्होंने आभार जताया। उन्होंने कहा कि भारत के साथ हमारी साझेदारी बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अपने उच्च अधिकारियों को दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों में और तेजी लाने का निर्देश दिया है।
#WATCH | Delhi | "...A few weeks ago I had my genetic sequencing test and my DNA test and they told me that I have Indian DNA. Everybody knows when I hear Indian music, I start dancing...", says Indonesian president Prabowo Subianto at the banquet hosted by President Droupadi… pic.twitter.com/N7f0EpLamZ
— ANI (@ANI) January 26, 2025
बहुत सम्मानित महसूस कर रहा
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुबियांतो ने कहा कि वह रविवार को भारत के गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि होंगे। यह उनके लिए बहुत सम्मान की बात है, क्योंकि भारत के पहले गणतंत्र दिवस परेड में मुख्त अतिथि राष्ट्रपति सुकर्णो थे। पहली बार, एक इंडोनेशियाई सैन्य दल ने इंडोनेशिया के बाहर एक सैन्य परेड में भाग लिया है। भारत हमारी स्वतंत्रता का समर्थन करने वाले पहले देशों में से एक था। हमारा दूतावास भारत सरकार की ओर से दान दी गई जमीन पर बना है, तब अन्य देशों ने हमें मान्यता भी नहीं दी थी।