{"_id":"67cc7b700114191b2a0e77ec","slug":"president-laid-emphasis-on-women-empowerment-said-increase-participation-of-women-in-the-workforce-2025-03-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Droupadi Murmu: महिला सशक्तीकरण पर राष्ट्रपति ने दिया जोर, कहा- कार्यबल में बढ़े नारियों की भागीदारी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Droupadi Murmu: महिला सशक्तीकरण पर राष्ट्रपति ने दिया जोर, कहा- कार्यबल में बढ़े नारियों की भागीदारी
Sat, 08 Mar 2025 10:46 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: बशु जैन
Updated Sat, 08 Mar 2025 10:46 PM IST
सार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भारत दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। इसके लिए आवश्यक है कि कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि वह अपने अनुभव से कह सकती हैं कि यदि ठीक से अवसर मिले तो बेटियां अतुलनीय और अदम्य शौर्य के कार्य करने में भी सक्षम है।
विज्ञापन
कार्यक्रम में पुस्तक का विमोचन करतीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू।
- फोटो : PTI
विस्तार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर महिला सशक्तीकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत प्रत्येक भारतीय का संकल्प है। स्वावलंबी, स्वाभिमानी, स्वतंत्र और सशक्त नारी के बल पर ही इसका निर्माण हो सकता है। उन्होंने कहा भारत दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। इसके लिए आवश्यक है कि कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि वह अपने अनुभव से कह सकती हैं कि यदि ठीक से अवसर मिले तो बेटियां अतुलनीय और अदम्य शौर्य के कार्य करने में भी सक्षम है।
विज्ञापन
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की तरफ से आयोजित राष्ट्रीय परामर्श को संबोधित करते हुए मुर्मू ने शिक्षा और रोजगार में समान अवसर प्रदान करने को महत्वपूर्ण बताया। सबसे आत्मनिर्भरता और सफलता की दिशा में हर कदम पर महिलाओं के समर्थन का आग्रह करते हुए राष्ट्पति मुर्मू ने कहा, विकसित भारत का सपना हमारी सामूहिक आकांक्षा है और हमें इसे प्राप्त करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।
विज्ञापन
भारतीय महिलाओं के योगदान को रेखांकित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा, यह जरूरी है कि समाज उन्हें प्रगति के लिए और भी बेहतर माहौल प्रदान करे। उन्होंने कहा, हमें एक आदर्श समाज का निर्माण करना होगा, जहां कोई भी बच्चा, चाहे वह बेटा हो या बेटी, अकेले यात्रा करने या स्वतंत्र रूप से रहने में झिझक महसूस न करे। राष्ट्रपति ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम, लोकसभा और विधानसभाओं में महिला आरक्षण के प्रावधान से महिलाओं के राजनीतिक उत्थान का स्वर्णिम काल करार दिया। इसे महिला सशक्तीकरण की दिशा में मील का पत्थर बताया।
विज्ञापन
काम और परिवार के बीच संतुलन बनाने में महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों पर मुर्मू ने कहा कि बच्चे की देखभाल की जिम्मेदारियों के कारण महिलाएं अपने काम के प्रति कम प्रतिबद्ध हो सकती हैं। क्या समाज उन बच्चों की भलाई के लिए जिम्मेदार नहीं है जो हमारे भविष्य को आकार देंगे? एक मां अपने समर्पण के ज़रिए अपने बच्चों को आदर्श नागरिक बना सकती है।
राष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के 50 साल में महिलाओं की उल्लेखनीय प्रगति को लेकर कहा कि कोई संदेह नहीं है कि पिछले पांच दशकों में महिलाओं ने अभूतपूर्व प्रगति की है। ओडिशा में एक साधारण पृष्ठभूमि से राष्ट्रपति भवन तक की मेरी अपनी यात्रा भारत में महिलाओं के लिए उपलब्ध समानता और सामाजिक न्याय के अवसरों का प्रमाण है। सफल महिलाओं के उदाहरण बढ़ते रहेंगे।
मुर्मू ने मानसिकता में सामूहिक बदलाव की अपील की। उन्होंने कहा कि हमारी परंपरा में शिव और शक्ति दोनों का समान महत्व है। एक के बिना दूसरा अस्तित्व में नहीं रह सकता। अगर रथ का एक पहिया ठीक से काम नहीं करेगा, तो रथ आगे कैसे बढ़ेगा? उन्होंने समाज से महिलाओं की क्षमता को पहचानने और उनका समर्थन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जब भी हमने महिलाओं की प्रतिभा का सम्मान किया है, उन्होंने हमें कभी निराश नहीं किया है।