{"_id":"5d8cbc6e8ebc3e0164407a80","slug":"president-kovind-says-gandhian-values-are-relevant-for-solving-problems-like-terrorism-corruption","type":"story","status":"publish","title_hn":"आतंकवाद, भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं के समाधान के लिए गांधीवादी मूल्य प्रासंगिक: राष्ट्रपति कोविंद","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
आतंकवाद, भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं के समाधान के लिए गांधीवादी मूल्य प्रासंगिक: राष्ट्रपति कोविंद
Thu, 26 Sep 2019 06:59 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Trainee Trainee
Updated Thu, 26 Sep 2019 06:59 PM IST
विज्ञापन
रामनाथ कोविंद
- फोटो : Twitter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुरुवार को महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के उपलक्ष्य में अहिंसा विश्व भारती द्वारा आयोजित ‘मानव और सामाजिक विकास के लिए आध्यात्मिकता' विषय पर संगोष्ठी का शुभारंभ करते हुए कहा कि गांधीजी द्वारा दिखाए गए मार्ग के अनुसरण से विश्व समुदाय को फायदा होगा। उन्होंने दुनिया के सामने आतंकवाद, हिंसा, भ्रष्टाचार, भेदभाव और जलवायु परिवर्तन जैसे कई समकालीन मुद्दों के समाधान के लिए गांधीवादी मूल्य को प्रासंगिक बताया।
राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि सत्य, अहिंसा, शांति और सौहार्द्र की बुनियाद पर ही मानव समाज की बेहतरी होगी। कोविंद ने कहा, गांधीजी के ये विचार आज भी प्रासंगिक हैं और भविष्य में भी ये प्रासंगिक बने रहेंगे।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की आबादी में 65 प्रतिशत युवा हैं और उन्हें गांधीजी के आदर्शों से जोड़ने से बेहतर समाज बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने अहिंसा विश्व भारती से अपने कार्यक्रमों में युवाओं की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा, दो अक्तूबर को हम सब राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती मनाएंगे। संयुक्त राष्ट्र ने उनके जन्मदिन को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस घोषित किया है। कोविंद ने कहा, इसके मायने हैं कि महात्मा गांधी के अहिंसा के दर्शन पूरी दुनिया के लिए उपयोगी हैं। साथ ही यह विश्व स्तर पर गांधीजी के प्रति गहरे सम्मान का भी प्रमाण है।
विज्ञापन
राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि सत्य, अहिंसा, शांति और सौहार्द्र की बुनियाद पर ही मानव समाज की बेहतरी होगी। कोविंद ने कहा, गांधीजी के ये विचार आज भी प्रासंगिक हैं और भविष्य में भी ये प्रासंगिक बने रहेंगे।
विज्ञापन
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की आबादी में 65 प्रतिशत युवा हैं और उन्हें गांधीजी के आदर्शों से जोड़ने से बेहतर समाज बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने अहिंसा विश्व भारती से अपने कार्यक्रमों में युवाओं की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा, दो अक्तूबर को हम सब राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती मनाएंगे। संयुक्त राष्ट्र ने उनके जन्मदिन को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस घोषित किया है। कोविंद ने कहा, इसके मायने हैं कि महात्मा गांधी के अहिंसा के दर्शन पूरी दुनिया के लिए उपयोगी हैं। साथ ही यह विश्व स्तर पर गांधीजी के प्रति गहरे सम्मान का भी प्रमाण है।