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Hyderabad: राष्ट्रपति मुर्मू ने किया भारतीय कला महोत्सव 2025 का उद्घाटन, कहा- विरासत की समझ को मिलेगा बढ़ावा
Fri, 21 Nov 2025 08:07 PM IST
देवेश त्रिपाठी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Fri, 21 Nov 2025 08:07 PM IST
सार
हस्तशिल्प कलाकारों से बातचीत करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि उनके उत्पाद एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक आने वाले कौशल का सबसे बढ़िया उदाहरण हैं।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
- फोटो : X@rashtrapatibhvn
विस्तार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को हैदराबाद में भारतीय कला महोत्सव के दूसरे संस्करण का उद्घाटन किया। राष्ट्रपति मुर्मू ने भरोसा जताया कि इस कार्यक्रम से पश्चिमी भारत की सांस्कृतिक विरासत की समझ को बढ़ावा देगा।
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राष्ट्रपति निलयम में हुए इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि कि भारतीय कला महोत्सव के पहले संस्करण में बीते साल प्रतिभागियों को उत्तर भारत के राज्यों की सांस्कृतिक विरासत को जानने का मौका मिला था। उन्होंने कहा कि जो इस नौ दिनों के कार्यक्रम में शामिल होंगे, वे सभी हस्तकला, संगीत, नृत्य, साहित्य के साथ गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, गोवा, दमन और दीव, दादरा और नगर हवेली के भोजन से रूबरू होंगे।
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हस्तशिल्प कलाकारों से बातचीत करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि उनके उत्पाद एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक आने वाले कौशल का सबसे बढ़िया उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है, जब लोग यहां आएंगे और अलग-अलग राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को देखेंगे तो उन्हें अनुभव होगा कि भारत की कला और परंपरा कितने महान हैं।
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उन्होंने कहा कि देशवासी, खासकर युवा अपनी सभ्यता और परंपराओं को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत सरकार इसके लिए कई कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन के साथ शिमला, हैदराबाद और देहरादून के राष्ट्रपति निवास लोगों के लिए खुले हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किए गए हैं कि ज्यादा से ज्यादा लोग इन जगहों पर जाएं और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और इतिहास से परिचित हों। उन्होंने कहा, "मैं राष्ट्रपति भवन को जनता का भवन मानती हूं। यह राष्ट्र का भवन है। इसी सोच के साथ राष्ट्रपति भवन को आम नागरिकों से जोड़ने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति भवन में इस वर्ष मार्च में दक्षिणी राज्यों पर केंद्रित 'विविधता का अमृत महोत्सव' का दूसरा संस्करण आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन देश के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले देशवासियों को एक-दूसरे को समझने में सक्षम बनाएंगे।