महाराष्ट्र चली 'आप', स्थानीय निकाय चुनावों में भी उतारेगी उम्मीदवार
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आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य प्रीति शर्मा मेनन ने बताया कि दिल्ली चुनाव के बाद अब महाराष्ट्र में पार्टी को मजबूत करना है। मेनन ने कहा कि महाराष्ट्र में हम स्थानीय निकाय चुनावों में शामिल होंगे। वहां एक संगठन खड़ा करेंगे। उन्होंंने कहा कि दिल्ली मॉडल को वर्तमान महाराष्ट्र सरकार द्वारा दोहराया गया है। महाराष्ट्र सरकार यदि हमसे कोई सहायता चाहती है, तो हमें मदद करने में खुशी होगी।
Preeti Sharma Menon, AAP after #DelhiResults2020: In Maharashtra, we will get involved in local body polls&raise an organisation here. I really wish that Delhi model is replicated by current Maharashtra govt and in case, they want any assistance from us, we will be happy to help. pic.twitter.com/qzsX2OlFUk
— ANI (@ANI) February 12, 2020विज्ञापन
आम आदमी पार्टी अब महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों में अपने उम्मीदवार को खड़ा करेगी। इससे पार्टी को महाराष्ट्र में और मजबूती मिलेगी। दिल्ली की तर्ज पर महाराष्ट्र में भी आम आदमी पार्टी कई योजनाओं पर विचार कर रही है। इन योजनाओं में किसानों के वोट बैंक को देखते हुए 100 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का खाका तैयार किया जा रहा है।
बता दें कि दिल्ली की तर्ज पर महाराष्ट्र सरकार भी किसानों और गरीब उपभोक्ताओं को 100 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने पर गंभीरता से विचार कर रही है। ऊर्जा मंत्री डॉ नितिन राऊत ने विभागीय बैठक कर इस संबंध में अधिकारियों को रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है।
डॉ राऊत ने बताया कि ऊर्जा मंत्री का प्रभार ग्रहण करने के बाद ही विभागीय बैठक में आंतरिक तौर पर अधिकारियों को रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया था। अधिकारियों से कहा था कि सरकार गरीबों और किसानों को सस्ती और 100 यूनिट तक मुफ्त बिजली देना चाहती है। इस योजना को लागू करने के लिए प्रोडक्शन में बिजली लीकेज कम करने की हिदायत दी है, जिस पर काम हो रहा है।
वर्तमान में किसानों को रात में बिजली की आपूर्ति की जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि किसानों को दिन में कम से कम चार घंटे बिजली की आपूर्ति अनिवार्य रूप से की जाए।
राऊत ने बताया कि तीन महीने के अंदर रिपोर्ट आने के बाद इस पर गंभीरतापूर्वक अमल किया जाएगा। आंकड़े बताते हैं कि महाराष्ट्र में बिजली उपभोक्ताओं पर 36 हजार करोड़ रुपए बकाया है जिसमें कृषि कनेक्शन वाले ज्यादा उपभोक्ता शामिल हैं।
औद्योगिक बिजली दर भी होगी सस्ती
ऊर्जा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि हम सस्ती बिजली के लिए सभी संभावनाओं को तलाश रहे हैं। उत्पादन खर्च में कमीं और बकाया बिजली बिलों की वसूली से सस्ती बिजली दी जा सकती है। इसके साथ ही हम औद्योगिक बिजली दर कम करने पर भी विचार कर रहे हैं।