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Prachand: 156 और 'प्रचंड' लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर खरीदेगी भारतीय वायुसेना, चीन-पाकिस्तान सीमा पर होगी तैनाती
Fri, 29 Sep 2023 07:48 PM IST
शिवेंद्र तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Fri, 29 Sep 2023 07:48 PM IST
सार
प्रचंड दुनिया का एकमात्र लड़ाकू हेलीकॉप्टर है जो 5000 मीटर (16400 फीट) की ऊंचाई पर उतर और उड़ान भर सकता है। प्रचंड की यही खूबी सियाचिन ग्लेशियर और पूर्वी लद्दाख के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में संचालित करने के लिए आदर्श बनाती है।
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प्रचंड हेलीकॉप्टर
- फोटो : ANI
विस्तार
भारतीय वायु सेना हिन्दुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) से 156 और प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर खरीदने जा रही है। इन्हें भारतीय वायुसेना और भारतीय सेना द्वारा चीन और पाकिस्तान दोनों मोर्चों पर तैनात किया जाएगा।
दुनिया की सबसे खराब मौसम स्थितियों और इलाकों में इन हेलिकॉप्टरों का परीक्षण किया गया था। वहीं परीक्षण के बाद भारतीय वायुसेना और भारतीय सेना ने पिछले 15 महीनों में इनमें से 15 हेलिकॉप्टरों को पहले ही अपने बेड़े में शामिल कर लिया है। वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों ने बताया कि 156 और प्रचंड हेलिकॉप्टर खरीदने के लिए सरकार के पास एक प्रस्ताव रखा है, जिसे जल्द ही मंजूरी मिलने की संभावना है।
हाल ही में भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने के लिए लगभग 100 और हल्के लड़ाकू विमान मार्क 1ए खरीदने की घोषणा की थी। दोनों परियोजनाओं की कुल कीमत 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।
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156 हेलिकॉप्टरों में से 66 भारतीय वायु सेना द्वारा शामिल किए जाएंगे जबकि बाकी 90 भारतीय सेना द्वारा अधिग्रहित किए जाएंगे।
क्या है प्रचंड हेलीकॉप्टर की खासियत?
इस लड़ाकू हेलीकॉप्टर को रेगिस्तानी इलाकों और ऊंचाई वाले क्षेत्रों दोनों में संचालित करने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों की जरूरतों के अनुसार बनाया गया है।
प्रचंड दुनिया का एकमात्र लड़ाकू हेलीकॉप्टर है जो 5000 मीटर (16400 फीट) की ऊंचाई पर उतर और उड़ान भर सकता है। प्रचंड की यही खूबी सियाचिन ग्लेशियर और पूर्वी लद्दाख के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में संचालित करने के लिए आदर्श बनाती है।
इसके साथ ही यह हवा से जमीन और हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें दागने में भी सक्षम है और दुश्मन के हवाई रक्षा अभियानों को नष्ट कर सकता है।
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दुनिया की सबसे खराब मौसम स्थितियों और इलाकों में इन हेलिकॉप्टरों का परीक्षण किया गया था। वहीं परीक्षण के बाद भारतीय वायुसेना और भारतीय सेना ने पिछले 15 महीनों में इनमें से 15 हेलिकॉप्टरों को पहले ही अपने बेड़े में शामिल कर लिया है। वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों ने बताया कि 156 और प्रचंड हेलिकॉप्टर खरीदने के लिए सरकार के पास एक प्रस्ताव रखा है, जिसे जल्द ही मंजूरी मिलने की संभावना है।
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हाल ही में भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने के लिए लगभग 100 और हल्के लड़ाकू विमान मार्क 1ए खरीदने की घोषणा की थी। दोनों परियोजनाओं की कुल कीमत 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।
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156 हेलिकॉप्टरों में से 66 भारतीय वायु सेना द्वारा शामिल किए जाएंगे जबकि बाकी 90 भारतीय सेना द्वारा अधिग्रहित किए जाएंगे।
क्या है प्रचंड हेलीकॉप्टर की खासियत?
इस लड़ाकू हेलीकॉप्टर को रेगिस्तानी इलाकों और ऊंचाई वाले क्षेत्रों दोनों में संचालित करने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों की जरूरतों के अनुसार बनाया गया है।
प्रचंड दुनिया का एकमात्र लड़ाकू हेलीकॉप्टर है जो 5000 मीटर (16400 फीट) की ऊंचाई पर उतर और उड़ान भर सकता है। प्रचंड की यही खूबी सियाचिन ग्लेशियर और पूर्वी लद्दाख के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में संचालित करने के लिए आदर्श बनाती है।
इसके साथ ही यह हवा से जमीन और हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें दागने में भी सक्षम है और दुश्मन के हवाई रक्षा अभियानों को नष्ट कर सकता है।