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सत्तर दावों में 67 में फेल हुई दिल्ली सरकार, फ्री वाई-फाई की शुरुआत तक नहींः पीपीआरसी रिपोर्ट
Wed, 01 May 2019 01:42 AM IST
Avdhesh Kumar
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Wed, 01 May 2019 01:42 AM IST
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arvind kejriwal
- फोटो : amar ujala
अरविंद केजरीवाल सरकार ने विधानसभा चुनाव 2015 के दौरान जनता से लुभावने 70 वायदे किए थे। लेकिन पब्लिक पॉलिसी रिसर्च सेंटर (पीपीआरसी) की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि दिल्ली सरकार 70 में से 67 वायदों को पूरा करने में नाकाम रही है। दिल्ली सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए अपने काम को सबसे अच्छा बताया है, लेकिन रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि ये वायदे भी पूरी तरह सही नहीं हैं क्योंकि जमीनी स्थिति कुछ और है। ध्यान देने की बात है कि आम आदमी पार्टी ने 2015 विधानसभा चुनाव के दौरान 70 प्वाइंट एक्शन प्लान जनता के समक्ष रखा था जिसमें पूरी दिल्ली में फ्री वाई-फाई देने की योजना पर खूब चर्चा हुई थी।
पीपीआरसी के निदेशक डॉ. विनय सहस्रबुद्धे ने बुधवार को दिल्ली सरकार के वायदों पर एक रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल सरकार शिक्षा में सबसे बड़ा सुधार करने का दावा करती है, जबकि सच्चाई यह है कि 500 नए स्कूल बनवाने का वायदा किया गया था जबकि केवल पांच फीसद स्कूलों में ही काम शुरू हो पाया है। दिल्ली के स्कूलों से पास बच्चों में से केवल 0.13 फीसद बच्चों को ही शिक्षा लोन दिया गया है। बीस नए डिग्री कॉलेज के वायदे में से एक के लिए भी काम नहीं शुरू हुआ है जबकि टीचरों की जरूरत के आधे से भी कम पदों पर नियुक्तियां की गई हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, इसी प्रकार दिल्ली सरकार का स्वास्थ्य का दावा भी बेहद खराब स्थिति में है। अस्पतालों में बिस्तरों को बढ़ाने के किए गए वायदों में 60% से ज्यादा की पूर्ति नहीं की गई है। मोहल्ला क्लीनिक पर जमीनी स्थिति बहुत खराब है। अनेक मोहल्ला क्लीनिकों पर डॉक्टरों, दवाओं, और अन्य सुविधाओं के नाम पर खर्च तो बहुत हो रहा है लेकिन अनेक मोहल्ला क्लीनिकों में आवारा पशु घूम रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पूरे देश में आयुष्मान योजना से लगभग 20 लाख परिवार लाभ उठा चुके हैं, दिल्ली सरकार ने अपने ही नागरिकों को इस योजना का लाभ नहीं लेने दिया है। जबकि इस योजना में पांच लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त कराया जा सकता है।
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रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली सरकार के बहुप्रचारित मुफ्त वाईफाई की योजना एक भी जगह पर शुरू भी नहीं हो सकी है। जबकि महिला सुरक्षा और सीसीटीवी पर भी स्थिति बेहद चिंताजनक है। लोगों की तरफ से पानी न मिलने और सीवर की गंदगी से मिले पानी की आपूर्ति की शिकायतों में पचास फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उल्लेखनीय है कि पब्लिक पॉलिसी रिसर्च सेंटर (लोकनीति शोध केंद्र) के निदेशक विनय सहस्त्रबुद्धे भारतीय जनता पार्टी की ओर से राज्य सभा सदस्य हैं।
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पीपीआरसी के निदेशक डॉ. विनय सहस्रबुद्धे ने बुधवार को दिल्ली सरकार के वायदों पर एक रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल सरकार शिक्षा में सबसे बड़ा सुधार करने का दावा करती है, जबकि सच्चाई यह है कि 500 नए स्कूल बनवाने का वायदा किया गया था जबकि केवल पांच फीसद स्कूलों में ही काम शुरू हो पाया है। दिल्ली के स्कूलों से पास बच्चों में से केवल 0.13 फीसद बच्चों को ही शिक्षा लोन दिया गया है। बीस नए डिग्री कॉलेज के वायदे में से एक के लिए भी काम नहीं शुरू हुआ है जबकि टीचरों की जरूरत के आधे से भी कम पदों पर नियुक्तियां की गई हैं।
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रिपोर्ट के मुताबिक, इसी प्रकार दिल्ली सरकार का स्वास्थ्य का दावा भी बेहद खराब स्थिति में है। अस्पतालों में बिस्तरों को बढ़ाने के किए गए वायदों में 60% से ज्यादा की पूर्ति नहीं की गई है। मोहल्ला क्लीनिक पर जमीनी स्थिति बहुत खराब है। अनेक मोहल्ला क्लीनिकों पर डॉक्टरों, दवाओं, और अन्य सुविधाओं के नाम पर खर्च तो बहुत हो रहा है लेकिन अनेक मोहल्ला क्लीनिकों में आवारा पशु घूम रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पूरे देश में आयुष्मान योजना से लगभग 20 लाख परिवार लाभ उठा चुके हैं, दिल्ली सरकार ने अपने ही नागरिकों को इस योजना का लाभ नहीं लेने दिया है। जबकि इस योजना में पांच लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त कराया जा सकता है।
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रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली सरकार के बहुप्रचारित मुफ्त वाईफाई की योजना एक भी जगह पर शुरू भी नहीं हो सकी है। जबकि महिला सुरक्षा और सीसीटीवी पर भी स्थिति बेहद चिंताजनक है। लोगों की तरफ से पानी न मिलने और सीवर की गंदगी से मिले पानी की आपूर्ति की शिकायतों में पचास फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उल्लेखनीय है कि पब्लिक पॉलिसी रिसर्च सेंटर (लोकनीति शोध केंद्र) के निदेशक विनय सहस्त्रबुद्धे भारतीय जनता पार्टी की ओर से राज्य सभा सदस्य हैं।