सस्ती दाल ही नहीं अब खेत का स्वास्थ्य कार्ड भी पहुंचाएंगे डाकिए
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चिठ्ठी पतरी बांटने वाले डाक विभाग के डाकिए अब आम आदमी के बीच सस्ती दाल पहुंचाने के साथ किसानों को उसके खेत की स्वास्थ्य कार्ड भी पहुंचाएंगे। कृषि मंत्रालय की ओर से डाक एवं संचार मंत्रालय के पास इस बात का प्रस्ताव भेजा गया है।
प्रस्ताव के बारे में जानकारी देते हुए कृषि मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना को परवान चढ़ाने के लिए इसके वितरण का कार्य डाकिए से करवाने का प्रस्ताव डाक विभाग को भेजा गया है। जल्द ही इसके मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
उक्त अधिकारी का कहना है कि जब डाकिए अमेजन सरीखे नीजि कंपनियों के उत्पाद का वितरण कर सकते हैं। तो किसानों के लिए उपयोगी मृदा स्वास्थ्य कार्ड का वितरण भी वे कर सकते हैं। कृषि मंत्रालय का कहना है कि डाक विभाग का नेटवर्क लगभग हर गांव में मौजूद है। इसलिए थोडी बहुत ट्रेनिंग देकर डाकियों का इस्तेमाल मृदा स्वास्थ्य कार्ड के निर्माण और उसके वितरण में करने से किसान और डाक विभाग दोनों को ही लाभ होगा।
14 करोड़ किसानों को कार्ड दिया जाएगा
देश के कृषि की दशा सुधारने के लिए मोदी ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना की शुरूआत की थी। योजना के तहत तीन वर्षों में 14 करोड़ किसानों को उनकी खेत का मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिया जाएगा। ताकि वे अपने खेत में अव्यव की पूर्ति के हिसाब रसायन डाल सकें। मृदा स्वास्थ्य कार्ड से पहले सरकार ने मृदा स्वास्थ्य जांच का अभियान चलाया हुआ है। इसके तहत हर खेत से मिट्टी का सेंपल लेकर उसकी जांच कराकर उसमें मौजूद अव्यवों की जानकारी मृदा स्वास्थ्य कार्ड के जरिए किसान को दी जाएगी। 1
4 करोड़ किसानों को कार्ड मुहैया कराने के लिए सरकार ने खेतों से 5 करोड सैंपल लेने का प्रावधान रखा है। गुजरात, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान सरीखे राज्यों में कृषि मंत्रालय की यह योजना परवान पर है। मगर यूपी में इसके आधार नहीं मिल पा रहा है। मंत्रालय के अधिकारी हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि यूपी के किसानों को भी मदृ स्वास्थ्य कार्ड नसीब हो सके। अब इस कार्ड के बंटवारे में आ रही कठीनाई को दूर करने के लिए कृषि मंत्रालय ने डाक विभाग की ओर नजर दौड़ाई है।
यदि डाक विभाग से बातचीत पटरी पर बैठ गई तो डाकिए किसानों के बीच पत्र के साथ मृदा स्वास्थ्य कार्ड भी बांटते नजर आएंगे। उधर संसद की उपभोक्ता एवं नागरिक आपूर्ति मंत्रालय की समिति ने सरकार को सुझाव दिया है कि आम आदमी तक सस्ता दाल पहुंचाने के लिए डाकियों का सहारा लिया जाए।