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ECI: अब चुनाव के बाद आंकड़ों की रिपोर्टिंग होगी तेज और आसान, चुनाव आयोग ने पुरानी मैनुअल प्रणाली को बदला
Thu, 05 Jun 2025 04:00 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Thu, 05 Jun 2025 04:00 PM IST
सार
चुनाव आयोग ने मतदान के बाद आंकड़ों की रिपोर्टिंग को और तेज व आसान बनाने के लिए बड़ा बदलाव किया है। इस कड़ी में चुनाव आयोग ने पुरानी मैनुअल प्रणाली को बदल दिया है। बता दें कि, लोकसभा चुनावों के लिए लगभग 35 रिपोर्टें और विधानसभा चुनावों के लिए लगभग 14 रिपोर्टें बनाई जाती हैं।
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चुनाव आयोग
- फोटो : PTI
विस्तार
भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने गुरुवार को घोषणा की कि उसने चुनाव के बाद की सांख्यिकीय रिपोर्टों को तैयार करने की प्रक्रिया को पहले से कहीं अधिक तेज और आधुनिक बना दिया है। अब पुरानी, समय लेने वाली मैनुअल प्रक्रिया की जगह एक उन्नत डिजिटल प्रणाली ले चुकी है।
पहले इस प्रक्रिया का किया जाता था पालन
अब तक, मतदान खत्म होने के बाद उम्मीदवारों, मतदाताओं और वोटों से जुड़ी जानकारी को अलग-अलग जगहों पर हाथ से भरे गए फॉर्म यानी 'इंडेक्स कार्ड' में लिखा जाता था। फिर इन कार्डों की जानकारी कंप्यूटर सिस्टम में डाली जाती थी और उसके आधार पर रिपोर्ट तैयार की जाती थी। इस पूरी प्रक्रिया में काफी समय लगता था और जानकारी देर से जनता तक पहुंचती थी। लेकिन अब आयोग ने इस पुराने तरीके को हटाकर ऑटोमेशन और डेटा इंटीग्रेशन पर आधारित एक नई प्रणाली लागू की है, जिससे रिपोर्टें बहुत जल्दी और सटीक तरीके से तैयार होंगी।
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यह भी पढ़ें - Bengaluru Stampede: केएससीए, RCB और पुलिस को बंगलूरू डीसी ने जारी किया नोटिस, 15 दिन में सौंपेगे रिपोर्ट
क्या है इंडेक्स कार्ड?
इंडेक्स कार्ड एक गैर-कानूनी लेकिन बेहद जरूरी रिपोर्टिंग फॉर्म है, जिसे चुनाव आयोग ने खुद तैयार किया है। इसका मकसद है कि हर लोकसभा या विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा चुनावी डेटा आसानी से उपलब्ध हो सके। इसमें उम्मीदवारों की संख्या और जानकारी, कुल मतदाता और कितने लोगों ने वोट डाला, प्रत्येक पार्टी और उम्मीदवार को मिले वोट, महिला और पुरुष वोटिंग पैटर्न, क्षेत्रवार वोटिंग रुझान, राजनीतिक पार्टियों का प्रदर्शन समेत कई जानकारियां शामिल होती हैं।
यह भी पढ़ें - NHRC: तेलंगाना के DGP को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का नोटिस, थाने में पिटाई से ऑटो रिक्शा चालक की मौत का आरोप
नई प्रणाली से क्या होगा फायदा?
नई प्रणाली से जानकारी जल्दी उपलब्ध होगी, वहीं देरी और गलतियों की संभावना भी कम होगी। इसके साथ ही डेटा पूरी तरह डिजिटल रूप में होगा। जो जनता और विश्लेषकों को चुनाव से जुड़ी जानकारी जल्दी और आसानी से मिलेगी।
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The Election Commission has streamlined, technology-driven system to generate Index Cards and various statistical reports after the conduct of the elections. This upgraded mechanism replaces the traditional manual methods, which were often time-consuming and prone to delays. By… pic.twitter.com/t1qcBreGsI
— ANI (@ANI) June 5, 2025
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पहले इस प्रक्रिया का किया जाता था पालन
अब तक, मतदान खत्म होने के बाद उम्मीदवारों, मतदाताओं और वोटों से जुड़ी जानकारी को अलग-अलग जगहों पर हाथ से भरे गए फॉर्म यानी 'इंडेक्स कार्ड' में लिखा जाता था। फिर इन कार्डों की जानकारी कंप्यूटर सिस्टम में डाली जाती थी और उसके आधार पर रिपोर्ट तैयार की जाती थी। इस पूरी प्रक्रिया में काफी समय लगता था और जानकारी देर से जनता तक पहुंचती थी। लेकिन अब आयोग ने इस पुराने तरीके को हटाकर ऑटोमेशन और डेटा इंटीग्रेशन पर आधारित एक नई प्रणाली लागू की है, जिससे रिपोर्टें बहुत जल्दी और सटीक तरीके से तैयार होंगी।
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क्या है इंडेक्स कार्ड?
इंडेक्स कार्ड एक गैर-कानूनी लेकिन बेहद जरूरी रिपोर्टिंग फॉर्म है, जिसे चुनाव आयोग ने खुद तैयार किया है। इसका मकसद है कि हर लोकसभा या विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा चुनावी डेटा आसानी से उपलब्ध हो सके। इसमें उम्मीदवारों की संख्या और जानकारी, कुल मतदाता और कितने लोगों ने वोट डाला, प्रत्येक पार्टी और उम्मीदवार को मिले वोट, महिला और पुरुष वोटिंग पैटर्न, क्षेत्रवार वोटिंग रुझान, राजनीतिक पार्टियों का प्रदर्शन समेत कई जानकारियां शामिल होती हैं।
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नई प्रणाली से क्या होगा फायदा?
नई प्रणाली से जानकारी जल्दी उपलब्ध होगी, वहीं देरी और गलतियों की संभावना भी कम होगी। इसके साथ ही डेटा पूरी तरह डिजिटल रूप में होगा। जो जनता और विश्लेषकों को चुनाव से जुड़ी जानकारी जल्दी और आसानी से मिलेगी।
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