हल्द्वानी 'शुद्धिकरण' विवाद पर घमासान: राहुल-थरूर के छुआछूत के आरोपों पर भाजपा का पलटवार; क्या है मामला?
उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद हुए हवन-पूजन को लेकर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने हैं। राहुल गांधी और शशि थरूर ने इसे छुआछूत और दलितों का अपमान बताते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। वहीं, भाजपा ने वीडियो साक्ष्य पेश करते हुए साफ किया कि पूजा करने वाले खुद दलित समुदाय से हैं और यह महज एक सफाई प्रक्रिया थी, जिसका कोई जातीय कोण नहीं है।
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विस्तार
उत्तराखंड के हल्द्वानी में आठ अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की एक रैली आयोजित हुई थी। रैली खत्म होने के बाद रामलीला मैदान में एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा 'शुद्धिकरण' और पूजा-हवन कराया गया। इसी घटना को लेकर शनिवार को कांग्रेस और भाजपा के बीच तीखी जुबानी जंग शुरू हो गई। खड़गे ने इस मुद्दे को संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) में भी उठाया था।
कांग्रेस का हमला: 'यह दलितों की गरिमा पर सीधा हमला और छुआछूत'
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और वरिष्ठ कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस घटना पर तीखा विरोध दर्ज कराया। राहुल गांधी ने कहा कि 'शुद्धिकरण' असल में छुआछूत का ही दूसरा नाम है और यह भारतीय संविधान के तहत एक गंभीर अपराध है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि इस मामले में तुरंत एससी, एसटी अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई जाए। वहीं शशि थरूर ने इसे दलित समाज का अपमान बताते हुए कहा कि ऐसे कृत्यों को 'सफाई' का नाम देकर सही नहीं ठहराया जा सकता।
भाजपा का पलटवार: 'जाति का कोई एंगल नहीं, सफाई के लिए हुई थी पूजा'
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी और गुरु प्रकाश पासवान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस के दावों को खारिज कर दिया। उन्होंने 'श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास संगठन' के दो सदस्यों (अंकित पाल और विनोद आर्य) के वीडियो क्लिप जारी किए। भाजपा ने बताया कि हवन करने वाले ये दोनों सदस्य खुद अनुसूचित जाति (दलित) समुदाय से आते हैं। वीडियो में अंकित पाल ने कहा कि रैली के बाद मंच गंदा हो गया था और पास में मंदिर व रामलीला मैदान होने के कारण वहां पूजा-हवन करके सफाई की गई थी, इसका किसी की जाति या छुआछूत से कोई लेना-देना नहीं है।
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राहुल गांधी पर भाजपा के गंभीर आरोप
सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस के पास कोई नया मुद्दा नहीं है, इसलिए वे देश में फूट डालने के लिए नए-नए तरीके ढूंढते रहते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल का एकमात्र एजेंडा हिंदुओं को आपस में लड़ाना और मैकाले, मार्क्स व मौलाना के एजेंडे को आगे बढ़ाना है। वहीं गुरु प्रकाश पासवान ने सवाल उठाया कि घटना के 20 दिन बाद राजनीतिक फायदा उठाने के लिए यह मुद्दा क्यों उठाया जा रहा है? भाजपा नेता बीएल संतोष और रविशंकर प्रसाद ने भी कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में दलितों को पूरा सम्मान और संवैधानिक अधिकार दिए गए हैं।