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पोलाची कांड : लड़कियों के यौन शोषण की ऐसी घटना जिसने यहां की शांति को तबाह कर दिया...

Mon, 25 Mar 2019 08:50 PM IST
विवेक शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विवेक शुक्ला Updated Mon, 25 Mar 2019 08:50 PM IST
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Pollachi Case : Scandal which damaged peace in Pollachi
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

कोयंबटूर से लगभग 45 किलोमीटर दूर दक्षिण में एक छोटा सा कस्बा है पोलाची। यह ऐसी जगह है जहां अधिकांशत: शांति रहती है। इसलिए जब यहां के निवासियों ने सुना कि कुछ लोगों का एक समूह महिलाओं को निशाना बना रहा है, उन्हें बहला-फुसला रहा है, उनका यौन शोषण कर रहा है और बाद में ब्लैकमेल कर रहा है... वह हैरान रह गए। अधिकतर का यही कहना था, 'ये पोलाची में हुआ?' 

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इसकी शुरुआत 12 फरवरी को हुई जब लक्ष्मी (बदला हुआ नाम) के पास सबरीराजन का फोन आया। करीब एक महीने पहले लक्ष्मी (19) के पास व्हाट्सएप पर एक मैसेज आया था, जिसमें सबरीराजन ने खुद को लक्ष्मी का कॉलेज सीनियर बताया था। दोनों में दोस्ती हुई और एक दिन उसने लक्ष्मी को मिलने के लिए बुलाया। 
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लक्ष्मी मक्किनमपट्टी पहुंची जहां सबरीराजन कार से उसका इंतजार कर रहा था। कार में तीन और लोग भी मौजूद थे। जल्द ही सबरीराजन लक्ष्मी के कपड़े उतारने की कोशिश करने लगा। जब लक्ष्मी ने देखा कि कार में मौजूद लोगों में से एक वीडियो बना रहा है, तो उसने इसका विरोध किया। 
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वह रोते हुए अपने घर पहुंची और अपने भाई को पूरी बात बताई। लक्ष्मी के भाई और उसके कुछ दोस्तों ने सबरीराजन और एक फाइनेंसर के थिरुनावुक्करासु का पीछा किया और उन पर हमला कर दिया। घटना के एक सप्ताह बाद लक्ष्मी ने एफआईआर लिखवाई, जिसके बाद पूरा मामला सामने आया।  

तब तक थिरुनावुक्करासु गायब हो चुका था। हालांकि, पुलिस ने सबरीराजन और उसके दोस्त टी वसंत कुमार व एन सतीश को 25 फरवरी को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने बताया कि उनके मोबाइल फोन में चार ऐसी वीडियो क्लिप मिली हैं जिनमें महिलाओं को प्रताड़ित किया जा रहा है। 

वीडियो बनाकर करते थे ब्लैकमेल

बाद में, पुलिस ने थिरुनावुक्करासु के एक दोस्त नागराज को पकड़ा, जिसने तीन अन्य लोगों के साथ कथित रूप से लक्ष्मी के भाई की पिटाई की थी। नागराज एआईएडीएमके (अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम) का सदस्य था। नागराज को बाद में पार्टी से निकाल दिया गया। 

एक अधिकारी ने बताया, 'ये लोग उन कॉलेज छात्राओं और महिलाओं को निशाना बनाते थे जिन्हें वह अपने दोस्तों या सहयोगियों के माध्यम से जानते थे।' थिरुनावुक्करासु एमबीए स्नातक है जो एक फाइनेंस फर्म चलाता है वहीं सतीश (29) की कपड़ों की दुकान है और सबरीराजन (25) एक इंजीनियर स्नातक है। 

एक पुलिस अधिकारी ने बताया, 'एक महिला ने हमें बताया कि सबरीराजन महीनों से उसका पीछा कर रहा था और उसने विवाह का प्रस्ताव भी रखा था। जिसके लिए वह राजी हो गई थी। जिसके बाद वह उसे एक फार्म हाउस ले गया जहां उसने उसका यौन शोषण किया। बाकी तीनों साथी वीडियो बनाते रहे फिर उन्होंने भी उसका यौन शोषण किया।' पीड़िता के परिजनों ने बताया कि वह एफआईआर करने से डर रहे थे क्योंकि उन्हें डर था कि वीडियो लीक हो जाएंगी। पुलिस ने बताया कि लगभग सभी पीड़ित महिलाएं पोलाची से थीं। 

गृह विभाग ने उजागर कर दी लक्ष्मी की असली पहचान

आरोपी से पूछताछ करने वाले एक अधिकारी ने बताया, 'कुछ मामलों में जब वह महिला को नहीं जानते थे उन्हें अपनी ओर आकर्षित करने के लिए वह फर्जी पहचान पत्रों का इस्तेमाल भी करते थे। इसके बाद शादी का प्रस्ताव रखा जाता था और मिलने की तैयारी की जाती थी। ज्यादातर मिलने का स्थान चिन्नप्पाम्पलयम स्थित थिरुनावुक्करासु का फार्म हाउस ही रहता था।' महिलाओं का यौन शोषण कर वह उनका वीडियो बनाते थे और इनका इस्तेमाल वह महिलाओं से रुपये ऐंठने के लिए करते थे।'

लेकिन, इनमें से किसी भी मामले में एफआईआर नहीं हुई है। यहां तक कि लक्ष्मी की एफआईआर में भी छेड़छाड़ और शारीरिक प्रताड़ना की ही बात है। चार प्रमाणित वीडियो क्लिप मिलने के अलावा पीड़िताओं ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है। 

जैसे ही यह खबर पोलाची पहुंची, अन्य महिलाओं ने पुलिस को फोनकर बताया कि उनका भी यौन उत्पीड़न किया गया है। जल्द ही पता चला कि पुलिस ने यौन शोषण और प्रताड़ना की सैकड़ों वीडियो क्लिप बरामद की हैं और अपराधियों का एर बड़ा नेटवर्क इसमें शामिल था। हालांकि, पुलिस ने इस दावे को गलत बताते हुए कहा कि हमारी जांच के मुताबिक केवल यही चार लोग घटना में शामिल थे। हमें केवल चार वीडियो क्लिप मिली हैं। 

13 मार्च को तमिलनाडु के गृह विभाग ने कुछ ऐसा कर दिया जिसकी वजह से मामले को बहुत नुकसान पहुंचा। विभाग ने एक आदेश जारी किया था जिसमें लक्ष्मी के असली नाम और कॉलेज सबके सामने आ गया। तब से लक्ष्मी ने खुद को घर में बंद कर रखा है और किसी से नहीं मिल रही है। लक्ष्मी के भाई ने कहा, 'मेरा यही अनुरोध है कि हमें अकेला छोड़ दिया जाए।' पुलिस का कहना है कि लक्ष्मी का नाम उजागर होने से लोगों की हिम्मत टूट गई है कि वह एफआईआर लिखवा सकें। अब यह मामला सीबीसीआईडी (सीआईडी की क्राइम ब्रांच) के सुपुर्द कर दिया गया है। 

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