फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Poll politics, Northeast militants behind Darjeeling violence: report

दार्जिलिंग हिंसा के पीछे पूर्वोत्तर के उग्रवादी और चुनावी राजनीति : रिपोर्ट

Wed, 05 Jul 2017 03:41 PM IST
एजेंसी/ नई दिल्ली 
एजेंसी/ नई दिल्ली  Updated Wed, 05 Jul 2017 03:41 PM IST
विज्ञापन
Poll politics, Northeast militants behind Darjeeling violence: report

पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के दार्जिलिंग जिले में हिंसा और बेमियादी बंद के लिए पर्वतीय परिषद के आगामी चुनाव और पूर्वोत्तर के उग्रवादियों को मुख्य वजह बताया है।

विज्ञापन


राज्य सरकार अपनी रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय का भेजी है। सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार की यह रिपोर्ट गृह मंत्रालय को 17 जून को मिल गई थी। इसमें कहा गया है कि गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) द्वारा 5 जून को आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान सभी राज्य राजमार्गों को अवरुद्ध किए जाने के बाद हिंसा भड़क उठी थी। इसके बाद 8 जून को जीजेएम द्वारा राजभवन के पास गोरखा रंग मंच भवन पर विरोध प्रदर्शन करते हुए किए गए पैदल मार्च के बाद हालात बिगड़ने लगे।
विज्ञापन


रिपोर्ट में कहा गया है कि इस दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस पर किया गया पथराव और दो घंटे तक चले हिंसक प्रदर्शन के दौरान बमबारी भी की गई। इसमें एक सरकारी बस, पुलिस के आठ वाहन और एक पुलिस सहायता केंद्र जलकर खाक हो गए। 

विज्ञापन
विज्ञापन

हिंसा में सुरक्षा बल के 49 जवानों के घायल होने की पुष्टि

Poll politics, Northeast militants behind Darjeeling violence: report

रिपोर्ट के मुताबिक प्रदर्शनकारियों में शामिल अधिकांश जीजेएम कार्यकर्ता अलग राज्य की मांग कर रहे थे। सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में दार्जिलिंग और आसपास के कुछ अन्य इलाकों में गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन के चुनाव को हिंसा की वजह बताया गया है। इसमें हिंसा के दौरान भारी मात्रा में हथियार और नकदी पकड़े जाने के आधार पर पूर्वोत्तर के उग्रवादियों की मौजूदगी को अहम वजह बताया गया है।

राज्य सरकार द्वारा 17 जून को भेजी गई रिपोर्ट में 13 जून तक के हालात के आधार पर हिंसक आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा कुल 24 मामले दर्ज करने की बात कही गई है। 

हिंसा में सुरक्षा बल के 49 जवानों के घायल होने की पुष्टि करते हुए इलाके में स्थिति तनावपूर्ण किंतु नियंत्रण में बताई गई है। इस मामले में गृह मंत्री राजनाथ सिंह और गृह सचिव राजीव महर्षि राज्य सरकार से लगातार संपर्क में हैं। इलाके में शांति एवं कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए सुरक्षा बलों की 11 कंपनियां (1375 जवान) वहां मौजूद हैं। इनमें एक कंपनी महिला जवानों की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed