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सियासत: किसान संसद में पहुंचेंगी ममता बनर्जी, स्वागत होगा मगर मंच पर बैठने और भाषण का मौका नहीं
Fri, 23 Jul 2021 06:30 PM IST
सुरेंद्र जोशी
राहुल संपाल, अमर उजाला, नई दिल्ली
राहुल संपाल, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Fri, 23 Jul 2021 06:30 PM IST
सार
सोमवार से ममता बनर्जी दिल्ली दौरे पर पहुंच रही हैं। वे आंदोलनरत किसानों के बीच भी जा सकती हैं।
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सोमवार से पांच दिनों के लिए दिल्ली दौरे पर आ रही हैं। इस दौरान वह राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगी। बताया जा रहा है कि बनर्जी इस दौरान किसानों को भी अपना समर्थन देने जाएंगी। वे जंतर मंतर पर किसान संसद या बॉर्डर पर किसानों के प्रदर्शन में शामिल हो सकती हैं।
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जानकारी के मुताबिक, ममता बनर्जी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से ही नहीं बल्कि विपक्षी पार्टियों के कई नेताओं से भी मुलाकात करेंगी। इसके अलावा दिल्ली में पार्टी टीएमसी के सांसदों और विपक्षी खेमे के कई सांसदों के साथ बैठक भी करेंगी। अमर उजाला से चर्चा करते हुए भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि ममता बनर्जी दिल्ली आ रही हैं लेकिन किसान की मांगों का समर्थन करने वे जंतर मंतर या सिंघू बॉर्डर पर कब आएंगी, इसकी अभी कोई जानकारी हमें नहीं है। उन्होंने पूर्व में ही किसानों के साथ समर्थन की बात कही थी। उनकी पार्टी के कई सांसद सिंघू बॉर्डर पर किसानों को समर्थन देने के लिए आए थे। ममता बनर्जी हमारे प्रदर्शन में आती हैं तो स्वागत है, लेकिन किसी भी राजनैतिक दल के नेताओं को मंच से बोलने और किसान संसद में बैठने की अनुमति नहीं दी है। वे हमारी मांगों का समर्थन करने जरूर आ सकते हैं।
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कई सांसद पहुंचे किसानों को समर्थन देने
किसान नेता प्रेम सिंह भंगू ने अमर उजाला को बताया कि, किसानों की मांगों को समर्थन करने के लिए कोई भी व्यक्ति सिंघू बॉर्डर और जंतर मंतर आ सकता है। लेकिन किसी भी नेता को हमारे मंच पर बैठने और किसान संसद में भाषण देने की अनुमति नहीं है। गुरुवार को भी केरल से कुछ सांसद हमें समर्थन देने जंतर मंतर पर आए थे। हमने उन्हें समर्थन देने के लिए धन्यवाद भी दिया, लेकिन न ही मंच पर जगह दी न ही किसान संसद में उन्हें बैठने दिया। हमारी मांगों को उन्होंने सम्मान दिया और अपना समर्थन देकर चले गए।
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अमर उजाला से चर्चा करते हुए किसान नेता हन्ना मौला ने कहा कि, पहले दिन 20 सांसद और कई समाजसेवी जंतर-मंतर पर किसानों के समर्थन पर एकत्र हुए थे। किसान संसद के बाहर बैठकर ही वे लोग हमारा समर्थन कर रहे थे। संसद खत्म होने के बाद सभी को हमने धन्यवाद भी दिया। जहां तक पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के आने का सवाल है ममता किसानों के समर्थन में आएं उनका स्वागत है लेकिन उन्हें मंच पर स्थान और किसान संसद में भाषण देने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्हें बाहर बैठकर ही किसानों को अपना समर्थन देना होगा।
जून में बंगाल में मिले थे ममता और टिकैत
नौ जून को कोलकाता में भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की थी। बैठक के बाद टिकैत ने कहा था कि मुख्यमंत्री ने हमें आश्वासन दिया कि वह किसान आंदोलन का समर्थन करना जारी रखेंगी। इस आश्वासन के लिए हम उनका धन्यवाद करते हैं। पश्चिम बंगाल को आदर्श राज्य के रूप में काम करना चाहिए और किसानों को अधिक लाभ दिया जाना चाहिए।
टिकैत ने किया था ममता के लिए प्रचार
इससे पहले इसी साल मार्च-अप्रैल में बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान किसान नेता टिकैत ने तृणमूल कांग्रेस के लिए प्रचार किया था। इसके साथ ही ममता बनर्जी भी समय-समय पर किसान आंदोलन के समर्थन में आवाज उठाती रही हैं। टीएमसी के कई सांसद भी दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन को अपना समर्थन देने पहुंचे थे।
भाजपा विरोधी धड़ा बनाने की हो रही है कवायद
हाल ही में एनसीपी प्रमुख शरद पवार दिल्ली स्थित घर पर विभिन्न दलों के प्रमुख नेताओं की बैठक हुई थी। इसके बाद से ही भाजपा विरोधी मोर्चो की संभावना को फिर से बल मिलने लगा है। पश्चिम बंगाल चुनाव में ममता के चुनाव रणनीतिकार रहे प्रशांत किशोर की शरद पवार और गांधी परिवार के साथ बैठक होने से इस तरह की चर्चाएं ओर तेज हो गई है।
केंद्र सरकार से चल रहा है ममता का टकराव
पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही ममता बनर्जी और केंद्र सरकार के बीच कई मुद्दों को लेकर टकराव बढ़ गया हैं। राज्य की कानून व्यवस्था और भाजपा कार्यकर्ताओं पर होते हमले को लेकर भाजपा और टीएमसी का रुख एक दूसरे के खिलाफ आक्रामक बना हुआ है। पेगासस जासूसी मामले से लेकर कुछ मीडिया हाउस के खिलाफ इनकम टैक्स के छापे जैसे मुद्दों को लेकर ममता ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा था कि यह 'सुपर इमरजेंसी' से बड़ा है और वाटरगेट घोटाला से भी बड़ा है।