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नयनतारा से न्योता वापस लेने पर महाराष्ट्र में गरमाई राजनीति
Tue, 08 Jan 2019 02:07 AM IST
गौरव द्विवेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Tue, 08 Jan 2019 02:07 AM IST
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नयनतारा सहगल
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मराठी साहित्य सम्मेलन द्वारा लेखिका नयनतारा सहगल का आमंत्रण रद्द किए जाने के विवाद ने सियासत गरमा गई है। मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने कहा है कि लेखिका का विरोध नहीं है। हम सहगल का स्वागत करेंगे जबकि एनसीपी व कांग्रेस ने इसके लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, मुख्यमंत्री सचिवालय ने कहा है कि साहित्य सम्मेलन के आयोजन में सरकार की कोई भूमिका नहीं होती।
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महाराष्ट्र के यवतमाल में होने वाले 92वें मराठी साहित्य सम्मेलन के उद्घाटन सत्र के लिए नयनतारा सहगल को आमंत्रित करने के बाद विवाद से उनका आमंत्रण रद्द कर दिया गया था। आयोजकों का कहना है कि मनसे नेताओं ने उनके सम्मेलन में आने का विरोध करते हुए आयोजन में बाधा डालने की धमकी दी थी।
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साहित्य जगत की तीखी प्रतिक्रिया के बाद सोमवार को राज ठाकरे ने एक पत्र जारी कर सफाई दी कि सहगल को लेकर हमारा कोई विरोध नहीं है। उन्हें साहित्य सम्मेलन में आना चाहिए। हम उनका हार्दिक स्वागत करते हैं। एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि सहगल जवाहर लाल नेहरू के परिवार से हैं और प्रधानमंत्री मोदी का नेहरू द्वेष जगजाहिर है। इसलिए मुख्यमंत्री के इशारे पर सहगल को साहित्य सम्मेलन में आने से रोका गया है।
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