फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Political turmoil erupts in Odisha former CM Naveen Patnaik party BJD over Waqf law

Odisha Politics: वीके पांडियन के बचाव में पूर्व CM नवीन पटनायक, वक्फ कानून के बाद कैसे थमेगी बीजद में बगावत?

Thu, 10 Apr 2025 06:24 PM IST
Rahul Sampal राहुल संपाल
Updated Thu, 10 Apr 2025 06:24 PM IST
सार

ओडिशा में पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की पार्टी बीजू जनता दल (बीजद) में वक्फ कानून पर नाटकीय रुख को लेकर पिछले पांच दिनों से जारी सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालांकि, इस बीच नवीन ने अपने बयान से साबित कर दिया है कि वह अब भी अपने सलाहकार वीके पांडियन के साथ हैं। 
 

विज्ञापन
Political turmoil erupts in Odisha former CM Naveen Patnaik party BJD over Waqf law
नवीन पटनायक और वीके पांडियन - फोटो : एएनआई

विस्तार

ओडिशा में पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की पार्टी बीजू जनता दल (बीजद) में वक्फ कानून पर नाटकीय रुख को लेकर पिछले पांच दिनों से जारी सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालांकि, इस बीच नवीन ने अपने बयान से साबित कर दिया है कि वह अब भी अपने सलाहकार वीके पांडियन के साथ हैं। पांडियन को लेकर पार्टी में बढ़ते असंतोष को देखते हुए नवीन पटनायक ने कहा है कि मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि कार्तिकेयन पांडियन ने अतीत में राज्य और पार्टी दोनों के लिए अच्छा काम किया है। हालांकि राज्य के सियासी जानकारों का मानना है कि बीजद प्रमुख नवीन पटनायक ने बुधवार शाम को भले ही सफाई दी, परंतु उससे पार्टी में बढ़ती राजनीतिक अराजकता कम होने के बजाय पार्टी में फूट पड़ने की संभावना ज्यादा बढ़ती दिख रही है।

विज्ञापन


पूर्व सीएम पटनायक का कहना है कि पांडियन की किसी भी चीज के लिए आलोचना या उन पर दोष नहीं लगाया जाना चाहिए। वह पहले ही पिछले 10 महीनों से पार्टी से इस्तीफा दे चुके हैं। ऐसे में बीजद के किसी भी निर्णय के लिए उनकी आलोचना करना या उन्हें बदनाम करना उचित नहीं है। बीजद में पिछले छह दिनों से चल रही बयानबाजी के बाद नवीन पटनायक ने उक्त बातें कही हैं। इसी तरह प्रभात त्रिपाठी का नाम लेते हुए नवीन पटनायक ने कहा कि चिटफंड मामले में कुछ साल पहले ही पार्टी से उन्हें निष्कासित कर दिया गया है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Waqf Law: वक्फ कानून की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर होगी 'सुप्रीम' सुनवाई, तय हुई 16 अप्रैल की तारीख
विज्ञापन
विज्ञापन


पटनायक के नेतृत्व पर खड़े किए सवाल
बीजू जनता दल में यह विवाद राज्यसभा में वक्फ बिल पर वोटिंग के मसले को लेकर शुरु हुआ है। करीब 23 साल बाद फिर पार्टी के नेताओं ने नवीन पटनायक के नेतृत्व पर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी में एक गुट के नाराज नेताओं का मानना है कि पर्दे के पीछे नवीन पटनायक के सलाहकार वीके पांडियन ने व्हिप जारी नहीं करने का फैसला कराया। उनका मानना है कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद पांडियन ने राजनीति से संन्यास ले लिया, मगर आज भी पार्टी के फैसले ले रहे हैं।


सात सांसदों में से तीन ने विधेयक के पक्ष में डाला था वोट
दरअसल, राज्यसभा में तीन अप्रैल को वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा के बाद मतदान हुआ। नवीन पटनायक और बीजू जनता दल के नेताओं ने बार-बार वक्फ विधेयक का विरोध किया था, मगर वोटिंग से पहले पार्टी ने यू-टर्न लिया। पार्टी नेता सस्मित पात्रा ने मीडिया को बताया था कि पार्टी कोई व्हिप जारी नहीं करेगी, विपक्ष हैरान रह गया। लोकसभा में बीजेडी का कोई सांसद नहीं है, राज्यसभा के सात सांसदों में तीन ने विधेयक के पक्ष में और तीन ने विरोध में वोट डाले। एक सांसद देबाशीष सामंतराय ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया। राज्यसभा में बिल पास होते ही वक्फ कानून का विरोध करने वाले सांसदों ने नवीन पटनायक के निजी सचिव रहे वीके पांडियन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि वीके पांडियन के इशारे पर सस्मित पात्रा ने सोशल मीडिया में पोस्ट पर व्हिप जारी नहीं करने का ऐलान किया है।

ये भी पढ़ें: अमित शाह बोले: बंगाल में बनाए जाते हैं घुसपैठियों के ID कार्ड;ममता के हटने पर हल हो जाएगी घुसपैठ की समस्या

फैसले से नाराज सांसद खान पहुंचे पटनायक के निवास
इस फैसले से नाराज सांसद मुजीब उल्ला खान भुवनेश्वर पहुंचते ही मुस्लिम प्रतिनिधिमंडल के साथ पटनायक के आवास नवीन निवास जा पहुंचे। वहां पटनायक ने स्थिति संभालने की कोशिश की और दावा किया कि धर्मनिरपेक्षता के कारण ही उन्होंने 2008 के कंधमाल दंगों के बाद उसने बीजेपी से नाता तोड़ लिया था। हालांकि अल्पसंख्यक प्रतिनिधिमंडल ने पांडियन गो बैक और पांडियन हटाओ, बीजेडी बचाओ जैसे नारे लगाकर अपना गुस्सा जाहिर कर दिया। हालांकि इस विवाद के बीच कई सांसद पांडियन के समर्थन में भी आए। राज्यसभा सदस्य मानस मंगराज, सुलता देव, निरंजन बिसी और सुभाषिश खुंटिया ने कहा कि पांडियन अब राजनीति से दूर हो गए हैं। सामंतराय उन्हें बेवजह विवाद में घसीट रहे हैं।

संबंधित वीडियो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed