गोवा में आधी रात को हुआ 'सियासी ड्रामा', महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के दो विधायक भाजपा में शामिल
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गोवा की सियासत में देर रात उलटफेर हुआ। यहां आधी रात महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमपीजी) टूट गई। इसके 2 विधायकों मनोहर अजगांवकर और दीपक पवास्कर ने गोवा विधानसभा के स्पीकर को पत्र सौंपकर महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी का बीजेपी में विलय के फैसला का एलान किया। हालांकि, पार्टी के तीसरे विधायक सुदिन धवालिकर ने इस पर हस्ताक्षर नहीं किया है। धवालिकर बीजेपी के नेतृत्व वाली गोवा सरकार में उपमुख्यमंत्री हैं।
बता दें कि एमपीजी के कुल तीन विधायक हैं और हम दो तिहाई सदस्य हैं। 36 सदस्यों वाले सदन में बीजेपी के अब 14 विधायक हैं। मनोहर अजगांवकर और दीपक पवास्कर ने मंगलवार देर रात 1:45 पर स्पीकर माइकल लोबो को विलय का पत्र सौंपा।
Michael Lobo, Goa Dy Speaker&BJP MLA on merger of Maharashtrawadi Gomantak Legislative Party with BJP: MGP's legislative wing has split. 2/3rd of MGP legislators formed a separate group&they're merging it with BJP. All formalities as per Constitution of India have been completed. pic.twitter.com/DMszKPanbJ
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) March 26, 2019
नए समीकरण
आधी रात बाद हुए इस घटनाक्रम से 36 सदस्यीय सदन में बीजेपी के विधायकों की संख्या 12 से बढ़कर 14 हो गई है। अब बीजेपी के विधायकों की संख्या कांग्रेस के बराबर हो गई है। एमजीपी 2012 से ही बीजेपी की सहयोगी पार्टी रही है।
दल-बदल विरोधी कानून के तहत कम से कम दो तिहाई विधायक अगर एक साथ पार्टी छोड़ते हैं, तभी उन्हें एक पृथक दल के रूप में मान्यता दी जा सकती है और पार्टी छोड़ने वाले विधायकों की विधानसभा सदस्यता भी बरकरार रह सकती है।