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Hindi News ›   India News ›   Police refused to perform puja at Kalighat on January 22 Hindu organisations appeals in HC

West Bengal: 22 जनवरी को कालीघाट पर पूजा करने से पुलिस ने किया मना, हिंदू सगंठनों ने हाईकोर्ट में की अपील

Thu, 11 Jan 2024 02:21 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: जलज मिश्रा Updated Thu, 11 Jan 2024 02:21 AM IST
सार

हाईकोर्ट के न्यायाधीश जॉय सेनगुप्ता ने बुधवार को मामले की अनुमति दे दी। मामले की सुनवाई अगले सप्ताह सोमवार को होगी। गौरतलब है कि बंगाल भाजपा ने राम मंदिर उद्घाटन के दिन कई कार्यक्रमों की योजना बनाई है।

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Police refused to perform puja at Kalighat on January 22 Hindu organisations appeals in HC
कलकत्ता हाई कोर्ट। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पूरे देश में 22 जनवरी को रम मंदिर उद्घाटन का जश्न मनाया जाएगा। हर घर दीप जलेंगी। लेकिन इस दिन कोलकाता के कालीघाट में राम की पूजा की अनुमति नहीं मिली। इससे नाराज समिति ने बुधवार को कालीघाट में राम की पूजा के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट में केस दायर किया। इस दिन अयोध्या सहित देशभर में कई जगहों पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। कालीघाट बहुमुखी सेवा समिति उस दिन कालीघाट में 66 पल्ली क्लब के पास राम पूजा का आयोजन करना चाहती है। आरोप है कि पुलिस उस पूजा में बाधा डाल रही है।

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समिति की योजना 22 जनवरी की सुबह से अयोध्या कार्यक्रम को एलईडी स्क्रीन पर दिखाने की है। इसके साथ ही राम पूजा, प्रसाद वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन रखा है। एक माह पहले उन्होंने पुलिस को आवेदन दिया था। लेकिन पुलिस इसकी इजाजत नहीं दे रही है। इससे नाराज लोग बुधवार को हाईकोर्ट पहुंचे। हाईकोर्ट के न्यायाधीश जॉय सेनगुप्ता ने बुधवार को मामले की अनुमति दे दी। मामले की सुनवाई अगले सप्ताह सोमवार को होगी। गौरतलब है कि बंगाल भाजपा ने राम मंदिर उद्घाटन के दिन कई कार्यक्रमों की योजना बनाई है। उद्घाटन समारोह को विभिन्न स्थानों पर विशाल स्क्रीन पर भी दिखाए जाने की योजना है।

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शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने एजी को हटाया

कलकत्ता हाईकोर्ट ने बुधवार को एजी को प्राथमिक भर्ती भ्रष्टाचार मामले से हटा दिया। हाईकोर्ट की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश अमृता सिन्हा ने सवाल किया। एजी के रूप में किशोर दत्ता, राज्य के मुख्य कानूनी सलाहकार हैं और वे भर्ती घोटाला मामले के आरोपियों में से एक सुजयकृष्ण भद्र के वकील भी हैं। वह कैसे संभव है? न्यायाधीश सिन्हा ने उठाया सवाल। न्यायाधीश ने कहा कि यदि मामले में आरोपी सुजयकृष्ण के साथ राज्य के हितों का टकराव हुआ तो समस्या होगी। इसके तुरंत बाद, न्यायधीश अमृता सिन्हा ने शिक्षक भर्ती घोटाला मामले से एजी (महाधिवक्ता) को हटा दिया।

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न्यायाधीश सिन्हा ने आज एजी से पूछा, "आप इस मामले में एक व्यक्ति की ओर से पैरवी कर रहे हैं। अगर राज्य के हित उससे टकराएंगे तो समस्या होगी। इसलिए आप इस मामले में सरकार के पक्षकार नहीं हो सकते। इसके बाद न्यायाधीश अमृता सिन्हा ने टिप्पणी करते हुए कहा, आप बाय डिफॉल्ट बाहर हो जाइए। कोर्ट ने कहा, भर्ती के लिए आंदोलन कर रहे कई अभ्यर्थी 40 की उम्र सीमा पार कर रहे हैं। उनका भविष्य अधर में लटक गया है। न्यायाधीश ने कहा, 'यह बोर्ड अडमेंट है। वे कुछ भी प्रकाशित नहीं करेंगे। जांच अभी भी जारी है। नौकरी चाहने वालों का एक-एक दिन बर्बाद हो रहा है। राज्यों को वही कहना चाहिए, जो वे चाहते हैं। उनमें से कई तो बूढ़े हो रहे हैं। कब होगी नियुक्ति?

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