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सिलीगुड़ी में बवाल: भाजपा समर्थित जनजाति मार्च पर पुलिस का लाठीचार्ज; कई घायल, 16 हिरासत में
Thu, 26 Feb 2026 10:46 PM IST
Rahul Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, सिलीगुड़ी
अमर उजाला ब्यूरो, सिलीगुड़ी
Published by: Rahul Kumar
Updated Thu, 26 Feb 2026 10:46 PM IST
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सांकेतिक फोटो
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट
उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी में गुरुवार को जनजाति सुरक्षा मंच के ‘उत्तरकन्या अभियान’ के दौरान उस समय हंगामा मच गया, जब पुलिस ने मार्च को रोकने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। घटना में कई लोग घायल हो गए, जबकि कम सेकम 16 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
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जानकारी के अनुसार, पिछले सप्ताह सिलीगुड़ी महकमा परिषद के फांसीदेवा इलाके में जमीन विवाद को लेकर विवाद शुरू हुआ था। आरोप है कि उसी दौरान एक आदिवासी गर्भवती महिला के साथ मारपीट की गई। बाद में महिला ने बच्चे को जन्म दिया, लेकिन नवजात की मौत हो गई। इस घटना के विरोध में जनजाति सुरक्षामंच ने ‘उत्तरकन्या अभियान’ का आह्वान किया था, जिसे भाजपा का समर्थन भी प्राप्त था।
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गुरुवार को जलपाई मोड़ से उत्तरकन्या (राज्य के उत्तर बंगाल सचिवालय) की ओर मार्च निकाला गया। मार्च में डाबग्राम-फूलबाड़ी की भाजपा विधायक शिखा चट्टोपाध्याय और फांसीदेवा के विधायक दुर्गा मुर्मू भी शामिल थे। हालांकि तीनबत्ती मोड़ पर पुलिस ने जुलूस को आगे बढ़ने से रोक दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो बाद में धक्का-मुक्की में बदल गई। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए। पुलिसने मौके से 16 लोगों को हिरासत में लिया है।
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घटना के बाद भाजपा नेताओं ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बिना अनुमति सचिवालय की ओर बढ़ रहे जुलूस को रोकना जरूरी था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए न्यूनतम बल प्रयोग किया गया।फिलहाल इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।