{"_id":"6750ac789431d534c105b017","slug":"police-book-ncp-sp-leader-jankar-88-villagers-for-bid-to-conduct-re-poll-using-ballot-papers-2024-12-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"मरकडवाड़: मतपत्र से दुबारा चुनाव कराने मामले में पुलिस का एक्शन, NCP (SP) नेता समेत 88 ग्रामीणों पर मामला दर्ज","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
मरकडवाड़: मतपत्र से दुबारा चुनाव कराने मामले में पुलिस का एक्शन, NCP (SP) नेता समेत 88 ग्रामीणों पर मामला दर्ज
Thu, 05 Dec 2024 12:55 AM IST
शुभम कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शुभम कुमार
Updated Thu, 05 Dec 2024 12:55 AM IST
सार
अधिकारी ने बताया कि सोलापुर जिले के मरकडवाड़ी गांव और आसपास के इलाकों में कुछ ग्रामीणों द्वारा मतपत्रों से पुनः चुनाव कराने की कोशिश करने के एक दिन बाद पुलिस ने एनसीपी (सपा) नेता उत्तम जानकर और 88 अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
विज्ञापन
महाराष्ट्र पुलिस (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : X / @DGPMaharashtra
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महाराष्ट्र चुनाव के बाद सोलापुर जिले के मरकडवाड़ी गांव और आसपास के इलाकों में कुछ ग्रामीणों द्वारा मतपत्रों से दुबारा चुनाव कराने की कोशिश कराने मामले में मुंबई पुलिस का एक्शन सामने आया है। जहां एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि सोलापुर जिले के मरकडवाड़ी गांव और आसपास के इलाकों में कुछ ग्रामीणों द्वारा मतपत्रों से पुनः चुनाव कराने की कोशिश करने के एक दिन बाद पुलिस ने एनसीपी (सपा) नेता उत्तम जानकर और 88 अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
इससे पहले भी 200 ग्रामीणों पर मामला दर्ज
बता दें कि इससे पहले, 200 ग्रामीणों के खिलाफ निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने का मामला दर्ज किया गया था। हाल ही में हुए चुनावों में मालशिरस विधानसभा सीट जीतने वाले जानकर और अन्य लोगों पर भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें गैरकानूनी तरीके से इकट्ठा होना और लोक सेवक के आदेशों की अवहेलना शामिल है।
अधिकारियों ने दी जानकारी
वहीं इस मामले में अधिकारियों ने बताया कि लगभग 250 से 300 लोग जानबूझकर निषेधाज्ञा तोड़कर और दूसरों को अवैध मतदान प्रक्रिया में भाग लेने के लिए उकसा कर "पुनः चुनाव" कराने की योजना बना रहे थे। मरकडवाड़ी में एक मतदान केंद्र के ईवीएम से गिनती में गड़बड़ी के आरोपों के बाद ग्रामीणों ने मतपत्रों के जरिए फिर से चुनाव कराने का विचार किया था। हालांकि, पुलिस के हस्तक्षेप के बाद वे अपनी योजना से पीछे हट गए।
विज्ञापन
बता दें कि एनसीपी (एसपी) नेता उत्तम जानकर ने हाल ही में हुए महाराष्ट्र चुनाव में भाजपा के राम सतपुते को 13,147 मतों से हराया था। हालांकि, मरकडवाड़ी के लोगों ने दावा किया कि जानकर को मिले वोट सतपुते से कम थे, और उन्होंने ईवीएम पर संदेह जताया।
सोलापुर जिला प्रशासन ने नहीं दी थी अनुमति
सोलापुर जिला प्रशासन ने ग्रामीणों को मतपत्रों से पुनर्मतदान कराने की अनुमति नहीं दी थी और निषेधाज्ञा लागू की थी। बावजूद इसके, ग्रामीणों ने मंगलवार सुबह पुनर्मतदान की तैयारी की और मतदान सामग्री रखी। पुलिस ने जानकर और ग्रामीणों से मुलाकात की, उन्हें कानूनी प्रक्रियाओं के बारे में समझाया और मामला दर्ज करने की चेतावनी दी। बाद में ग्रामीणों ने अपनी योजना रद्द कर दी। बता दें कि पुलिस ने मंगलवार शाम को 200 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
विज्ञापन
इससे पहले भी 200 ग्रामीणों पर मामला दर्ज
बता दें कि इससे पहले, 200 ग्रामीणों के खिलाफ निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने का मामला दर्ज किया गया था। हाल ही में हुए चुनावों में मालशिरस विधानसभा सीट जीतने वाले जानकर और अन्य लोगों पर भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें गैरकानूनी तरीके से इकट्ठा होना और लोक सेवक के आदेशों की अवहेलना शामिल है।
विज्ञापन
अधिकारियों ने दी जानकारी
वहीं इस मामले में अधिकारियों ने बताया कि लगभग 250 से 300 लोग जानबूझकर निषेधाज्ञा तोड़कर और दूसरों को अवैध मतदान प्रक्रिया में भाग लेने के लिए उकसा कर "पुनः चुनाव" कराने की योजना बना रहे थे। मरकडवाड़ी में एक मतदान केंद्र के ईवीएम से गिनती में गड़बड़ी के आरोपों के बाद ग्रामीणों ने मतपत्रों के जरिए फिर से चुनाव कराने का विचार किया था। हालांकि, पुलिस के हस्तक्षेप के बाद वे अपनी योजना से पीछे हट गए।
विज्ञापन
बता दें कि एनसीपी (एसपी) नेता उत्तम जानकर ने हाल ही में हुए महाराष्ट्र चुनाव में भाजपा के राम सतपुते को 13,147 मतों से हराया था। हालांकि, मरकडवाड़ी के लोगों ने दावा किया कि जानकर को मिले वोट सतपुते से कम थे, और उन्होंने ईवीएम पर संदेह जताया।
सोलापुर जिला प्रशासन ने नहीं दी थी अनुमति
सोलापुर जिला प्रशासन ने ग्रामीणों को मतपत्रों से पुनर्मतदान कराने की अनुमति नहीं दी थी और निषेधाज्ञा लागू की थी। बावजूद इसके, ग्रामीणों ने मंगलवार सुबह पुनर्मतदान की तैयारी की और मतदान सामग्री रखी। पुलिस ने जानकर और ग्रामीणों से मुलाकात की, उन्हें कानूनी प्रक्रियाओं के बारे में समझाया और मामला दर्ज करने की चेतावनी दी। बाद में ग्रामीणों ने अपनी योजना रद्द कर दी। बता दें कि पुलिस ने मंगलवार शाम को 200 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया।