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राज्यसभा में पारित हुआ पॉक्सो संशोधन विधेयक, डेरेक ओ ब्रायन ने सुनाई आपबीती

Wed, 24 Jul 2019 10:30 PM IST
Gaurav Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Gaurav Pandey Updated Wed, 24 Jul 2019 10:30 PM IST
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POCSO amendment bill passed in Rajya Sabha, Death penalty in Child sexual offenses
संसद - फोटो : पीटीआई

राज्यसभा ने बुधवार को पॉक्सो संशोधन विधेयक पारित कर दिया जिसमें चाइल्ड पोर्नोग्राफी को परिभाषित करते हुए बच्चों के खिलाफ अपराध के मामलों में मृत्यु दंड का भी प्रावधान किया गया है। उच्च सदन में लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण संशोधन विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि बच्चों के खिलाफ यौन अपराध और दुष्कर्म के मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए केंद्र सरकार ने 1023 विशेष फास्ट ट्रैक अदालतें गठित करने को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि अभी तक 18 राज्यों ने ऐसी अदालतों की स्थापना के लिए सहमति जताई है।

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केंद्रीय मंत्री ईरानी के जवाब के बाद उच्च सदन ने विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया। इससे पहले ईरानी ने कहा कि 1023 विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन के लिए कुल 767 करोड़ रूपये का खर्च किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसमें से केंद्र 474 करोड़ रुपये का योगदान देगा। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी एजेंसियों के माध्यम से इस बात को प्रोत्साहन दे रही है कि बच्चे अपने खिलाफ होने वाले यौन अपराधों के बारे में निडर होकर शिकायत कर सकें और अपने अभिभावकों को बता सकें। 
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उन्होंने कहा कि प्राय: देखने में आता है कि बच्चियों के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों की शिकायत तो की जाती है किंतु लड़कों के खिलाफ यौन अपराधों के मामलों में शिकायत नहीं की जाती। उन्होंने इस विधेयक पर हुई चर्चा के दौरान तृणमूल कांग्रेस नेता डेरेक ओ ब्रायन द्वारा उनके साथ 12 वर्ष की आयु में हुए यौन अपराध की एक घटना का जिक्र किए जाने का उदाहरण देते हुए कहा कि इस बात को उन्होंने अब 58 वर्ष की आयु में सार्वजनिक तौर पर कहा है। उन्होंने कहा कि समाज में अब पुरुषों को भी इस तरह की घटनाओं का उल्लेख करने में संकोच नहीं करना चाहिए।

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डेरेक ओ ब्रायन की आपबीती

तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ ब्रायन ने बुधवार को पोस्को संशोधन विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए यौन छेड़छाड़ संबंधित’ अपनी उन बुरी यादों को उच्च सदन के साथ साझा किया जो बचपन में बस में जाते समय उनके साथ घटी थी। 


डेरेक ने अपने कटु अनुभव साझा करते हुये इस विधेयक के प्रावधानों का स्वागत किया। विधेयक में बच्चों के साथ यौन अपराध के मामलों में मृत्यु दंड तक प्रावधान किया गया है। 

उन्होंने सामाजिक जीवन में सक्रिय लोगों से बाल यौन दुर्व्यवहार के खिलाफ सार्वजनिक जीवन में खुल कर सामने आने और इस बारे में बात करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों को भी इस तरह अनुभव छुपाने के बजाय इस बारे में खुल कर बात करने के लिये प्रात्साहित करना चाहिए। 

तृणमूल नेता ने कहा कि बच्चों को इस बात का प्रोत्साहित करना चाहिए कि इस तरह की भीषण घटनाओं को छिपाए नहीं और खुलकर बोलें। 

ब्रायन ने कहा कि वह भारी मन से लेकिन गर्व से यह बताना चाहते हैं कि जब वह 13 साल के थे तब कोलकाता में भीड़ भरी एक बस में वह यौन दुर्व्यवहार के शिकार हुये। उन्होंने कहा कि यह घटना उस समय की है जब वह टेनिस की प्रैक्टिस करके बस से घर वापस लौट रहे थे और उस दौरान उन्होंने टीशर्ट और हाफ पेंट पहनी हुई थी। बस में सवार किसी अनजान व्यक्ति ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया।  


ब्रायन ने बताया कि इस घटना के बारे में वह कई सालों तक चुप्पी साधे रहे लेकिन बाद में उन्होंने इससे अपने माता पिता को अवगत कराया। सदन में कई अन्य सदस्यों ने भी बच्चों को अच्छे और बुरे मकसद से स्पर्श करने (गुड टच व बेड टच) के बारे में जागरुक करने की जरूरत पर बल दिया। 
 

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