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नीरव मोदी को कैसे दिया गया लोन, इस सवाल पर PNB हुई मौन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Updated Tue, 27 Mar 2018 07:08 PM IST
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पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले में आरोपी नीरव मोदी को कर्ज देने की प्रक्रिया की जानकारी को सार्वजनिक नहीं करना चाहता है। इसीलिए उसने आरटीआई के तहत मांगी गई पीएनबी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की बैठक में मंजूर प्रस्ताव के बारे में जानकारी देने से मना कर दिया है।
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दरअसल मुंबई के आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने पीएनबी से नीरव मोदी को लोन देने की प्रक्रिया और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की बैठक में पेश एजेंडा, मंजूर प्रस्ताव और मिनट्स की कॉपी मांगी थी। लेकिन, पंजाब नेशनल बैंक के केंद्रीय जनसंपर्क अधिकारी जॉय रॉय ने मामला न्यायप्रविष्ठ और जांच प्राधिकरण के समक्ष प्रलंबित होने का हवाला देते हुए जानकारी नहीं दी।
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गलगली ने बताया कि पीएनबी ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 8 (ज) के तहत सूचना देने से साफ इनकार कर दिया। पीएनबी की ओर से कहा गया है कि इस जानकारी से अपराधियों की जांच, उसकी गिरफ्तार और उसपर मुकदमा दायर करने की प्रक्रिया में रुकावट आएगी। पीएनबी के इस जवाब और तर्क के खिलाफ अनिल गलगली ने प्रथम अपील दायर की हैं।
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गलगली ने बताया कि नीरव मोदी जैसे घोटालोबाज को जिन अधिकारियों ने मदद की हैं उनके नाम को सार्वजनिक करने के लिए बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की बैठक में पेश एजेंडा, मंजूर प्रस्ताव और मिनिट्स की जानकारी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि नीरव मोदी दोषी हैं। लेकिन, उसकी मदत करने वाले बैंक के वरिष्ठ अधिकरियों को गिरफ्तार नहीं किया जा सका हैं। इसलिए नीरव मोदी को मदत करने वाले का नाम सार्वजनिक करना आवश्यक हैं।