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सीबीआई विवाद: राकेश अस्थाना और आलोक वर्मा के ऑडियो टेप सुनने के बाद पीएमओ की कार्रवाई

Wed, 24 Oct 2018 10:38 AM IST
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली Updated Wed, 24 Oct 2018 10:38 AM IST
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PMO takes action against Alok Verma and Rakesh Asthana after lisen there audio tapes
सीबीआई - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना की बातचीत के ऑडियो टेप सुनने के बाद कार्रवाई की है। केंद्र सरकार में उच्च पदस्थ एक अधिकारी ने यह पुष्टि की है। उनका दावा है कि मंगलवार को पीएमओ ने डीओपीटी के साथ मिलकर वर्मा और अस्थाना द्वारा एक-दूसरे पर लगाए गए सभी आरोपों, जिनमें ऑडियो टेप, विजिटर रजिस्टर, इंटरकॉम फोन डाटा और एयर टिकट आदि शामिल हैं, की गहराई से जांच-पड़ताल की है।

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इसके बाद ही दोनों अफसरों को छुट्टी पर भेजने जैसी कड़ी कार्रवाई की गई। नाम सामने न आए, इसी शर्त पर उस अफसर ने बताया कि अगस्त और सितंबर 2017 में जब राकेश अस्थाना ने पहली बार आलोक वर्मा पर गंभीर आरोप लगाकर उनकी फाइल कैबिनेट सचिव और सीवीसी को भेजी थी, तभी से पीएमओ दोनों अधिकारियों पर नजर रख रहा था। एक खास बात यह है कि दोनों अफसरों के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत को रिकॉर्ड भी किया गया था।
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केंद्र सरकार के इशारे पर एक एजेंसी ने इनकी इंटरकॉम बातचीत और देश से बाहर हुई फोन कॉल टेप की हैं। मोईन कुरैशी मामले को लेकर सीबीआई में किसने किसको क्या आदेश दिया था, यह सब रिकॉर्ड भी डीओपीटी के पास मौजूद है। बता दें कि इसमें आलोक वर्मा ने कथित तौर से एसआईपी फोन पर सतीश बाबू सना की गिरफ्तारी रोकने का जो मौखिक आदेश दिया था, वह डीटेल भी पीएमओ के पास है। प्रधानमंत्री कार्यालय को अस्थाना और दुबई में बैठे सोमेश के बीच हुई बातचीत का ब्योरा भी मुहैया कराया गया है।
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दोनों अफसरों ने भी एक-दूसरे के खिलाफ गंभीर आरोपों की जो फाइल प्रॉपर तरीके से सीवीसी और डीओपीटी के पास भेजी थी, वह अब इनके खिलाफ कार्रवाई का एक बड़ा आधार बन गई है। बताया गया है कि दोनों ही अफसर सरकारी मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने के अलावा अन्य फोन से भी बात करते थे। खास बात है कि बातचीत के ब्योरे में आलोक वर्मा और उनके चहेते एक डीएसपी की बातचीत भी शामिल है। डीओपीटी के पास यह जानकारी भी है कि वह डीएसपी वर्मा के कमरे या आवास पर कब गया था। संभावित है कि देर-सवेर डीएसपी समेत कुछ और बड़े अफसरों पर गाज गिरे।

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